Mauganj में दस्तक अभियान में 80% बच्चों की स्क्रीनिंग पूरी, कुपोषण पर बड़ा अभियान

मऊगंज में दस्तक अभियान के तहत अब तक 80 प्रतिशत बच्चों की स्वास्थ्य जांच पूरी हो चुकी है. 16 गंभीर कुपोषित बच्चों को NRC में भर्ती कराया गया है, जबकि 92 प्रतिशत स्वास्थ्य डेटा डिजिटल किया गया है.

Mauganj में दस्तक अभियान में 80% बच्चों की स्क्रीनिंग पूरी, कुपोषण पर बड़ा अभियान

राजेंद्र पयासी मऊगंज

मऊगंज:
जिले में बच्चों को कुपोषण और गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए चलाया जा रहा 'दस्तक अभियान' तेजी से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है. कलेक्टर संजय कुमार जैन के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव-गांव और घर-घर पहुंचकर बच्चों की स्वास्थ्य जांच कर रही है. अभियान के तहत अब तक जिले के 80 प्रतिशत बच्चों की स्क्रीनिंग पूरी हो चुकी है, जबकि अधिकांश बच्चों का स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज किया जा चुका है.

14 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक चल रहे इस विशेष अभियान का उद्देश्य जन्म से पांच वर्ष तक के हर बच्चे तक समय पर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना और गंभीर बीमारियों की शुरुआती पहचान कर इलाज सुनिश्चित करना है. इसी उद्देश्य के साथ CHO, ANM और आशा कार्यकर्ता लगातार घर-घर जाकर बच्चों की जांच कर रहे हैं.

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में स्क्रीनिंग के लिए 23,566 बच्चों का लक्ष्य तय किया गया था. इनमें से अब तक 18,824 बच्चों की स्वास्थ्य जांच पूरी हो चुकी है, जो कुल लक्ष्य का करीब 80 प्रतिशत है. इसके साथ ही 92 प्रतिशत बच्चों का स्वास्थ्य डेटा डिजिटल किया जा चुका है, जिससे भविष्य में उनकी निगरानी और उपचार आसान होगा.

अभियान के दौरान बच्चों को केवल जांच तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि बीमारियों की रोकथाम पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है. डायरिया से बचाव के लिए ORS और जिंक की गोलियां, जबकि एनीमिया की रोकथाम के लिए आयरन-फोलिक एसिड का वितरण किया जा रहा है.

स्वास्थ्य जांच के दौरान 16 गंभीर कुपोषित और गंभीर रूप से बीमार बच्चों की पहचान की गई. सभी बच्चों को तुरंत पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में भर्ती कराकर उपचार शुरू कराया गया है, ताकि उन्हें समय पर बेहतर चिकित्सा और पोषण मिल सके.

कलेक्टर संजय कुमार जैन ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अभियान के दौरान कोई भी पात्र बच्चा स्वास्थ्य जांच से वंचित न रहे. उन्होंने कहा कि बच्चों की समय पर स्क्रीनिंग और तत्काल उपचार ही दस्तक अभियान की सबसे बड़ी सफलता होगी.

जिले में चल रहा यह अभियान दिखा रहा है कि बेहतर योजना, प्रभावी मॉनिटरिंग और स्वास्थ्य अमले की सक्रिय भागीदारी से सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाया जा सकता है. यह पहल मऊगंज को कुपोषण मुक्त और स्वस्थ भविष्य की दिशा में आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण कदम बनती जा रही है.