भूपेश बघेल- विजय शर्मा आमने-सामने : बघेल बोले- हमने 7 लाख PM आवास स्वीकृत किए, डिप्टी CM ने कहा- गणना सही करिए
PM Awas Yojana Debate : डिबेट में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि आमने-सामने चर्चा होने से स्थिति ज्यादा स्पष्ट होती है। उन्होंने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में 17 लाख 75 हजार प्रधानमंत्री आवास पूरे किए गए हैं।
PM Awas Yojana Debate : रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में आज प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर बड़ा सियासी मुकाबला देखने को मिला। रायपुर प्रेस क्लब में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एक ही मंच पर आमने-सामने आए। दोनों नेताओं के बीच प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर खुली बहस हुई। कार्यक्रम को प्रेस क्लब से लाइव दिखाया गया। दोनों नेताओं ने पहले एक-दूसरे की चुनौती स्वीकार की थी। इसके बाद आज इस मुद्दे पर ओपन डिबेट आयोजित की गई। बहस में आवासों की स्वीकृति, निर्माण, फंड और हितग्राहियों को मिले लाभ के आंकड़ों पर चर्चा हुई।
#WATCH | Chhattisgarh Deputy CM Vijay Sharma and former CM & Congress leader Bhupesh Baghel engage in a debate over the issue of allocation of housing facilities in Pradhan Mantri Awas Yojana, at Raipur Press Club pic.twitter.com/EdbdpEitct
— ANI (@ANI) September 15, 2026
विजय शर्मा ने सरकार का पक्ष रखा
डिबेट में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि आमने-सामने चर्चा होने से स्थिति ज्यादा स्पष्ट होती है। उन्होंने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में 17 लाख 75 हजार प्रधानमंत्री आवास पूरे किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इसके आंकड़े भारत सरकार की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। विजय शर्मा के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ ने देश में सबसे ज्यादा प्रधानमंत्री आवास बनाए। उन्होंने पिछली सरकार पर स्वीकृत आवासों को समय पर पूरा नहीं करने का आरोप भी लगाया।
भाजपा सरकार के खर्च का दिया आंकड़ा
विजय शर्मा ने कहा कि पिछली सरकार के पांच साल के दौरान वित्तीय स्वीकृति करीब 3900 करोड़ रुपये की थी। उनके मुताबिक कांग्रेस सरकार के समय करीब तीन लाख आवास पूरे हुए। वहीं, भाजपा सरकार ने करीब ढाई साल में 16 हजार करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
उन्होंने बहस के दौरान कहा कि योजना के आंकड़ों को सही तरीके से देखना जरूरी है। उनका कहना था कि सरकार के पास प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े सभी आंकड़े उपलब्ध हैं।
भूपेश बघेल ने कांग्रेस सरकार का पक्ष रखा
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के आंकड़े सामने रखे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में 3 लाख 48 हजार 960 घर स्वीकृत हुए थे। इनमें 1 लाख 39 हजार मकान पूरे किए गए। उन्होंने वर्ष 2020-21 का भी आंकड़ा बताया।
बघेल के अनुसार उस समय 1 लाख 97 हजार 811 आवास का लक्ष्य था और 1 लाख 22 हजार आवास पूरे हुए। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में आर्थिक स्थिति कठिन थी और कई सरकारों के पास पर्याप्त संसाधन नहीं थे।
6.97 लाख आवास स्वीकृत करने का दावा
भूपेश बघेल ने कहा कि वर्ष 2022-23 में प्रधानमंत्री आवास योजना का पोर्टल बंद कर दिया गया था। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने केंद्र से राज्य का पैसा मांगा और इस संबंध में पत्राचार भी किया गया। बघेल के अनुसार 2011 की जनगणना के आधार पर करीब 18 लाख आवास की जरूरत बाकी थी। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने इनमें से 6 लाख 97 हजार आवास स्वीकृत किए थे। उनके आंकड़े पेश करने के दौरान विजय शर्मा ने उनसे गणना सही तरीके से करने की बात कही।
पोर्टल बंद होने के मुद्दे पर टकराव
बहस के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के पोर्टल को लेकर दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस हुई। विजय शर्मा ने कहा कि पोर्टल बंद होने की बात सही नहीं है। उन्होंने दावा किया कि कोरोना काल में भी योजना का पैसा आ रहा था।
उनके अनुसार असली मुद्दा पोर्टल नहीं था। उन्होंने भूपेश बघेल के पुराने बयान का भी उल्लेख किया। दूसरी ओर बघेल ने फिर कहा कि पोर्टल बंद था। उन्होंने कहा कि सही क्या था, यह पत्रकार खुद तथ्यों के आधार पर जांच सकते हैं।
टीएस सिंहदेव के इस्तीफे का भी जिक्र
विजय शर्मा ने बहस के दौरान कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे टीएस सिंहदेव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सिंहदेव ने राशि नहीं मिलने की वजह से प्रधानमंत्री आवास नहीं बन पाने की बात कही थी और इस्तीफा दिया था। इसके जवाब में भूपेश बघेल ने कहा कि कोरोना काल में केंद्र सरकार ने राज्य को राशि जारी नहीं की थी। इस मुद्दे पर दोनों नेताओं ने अपनी-अपनी सरकार के समय की परिस्थितियों और फैसलों का पक्ष रखा।
दोनों नेताओं ने रखे अपने-अपने आंकड़े
डिबेट के दौरान आवासों की संख्या को लेकर भी दोनों नेताओं के अलग-अलग दावे सामने आए। भूपेश बघेल ने कांग्रेस सरकार के दौरान स्वीकृत किए गए आवासों का आंकड़ा रखा। वहीं विजय शर्मा ने भाजपा सरकार के दौरान पूरे हुए आवासों और खर्च की जानकारी दी। विजय शर्मा ने कहा कि भारत सरकार की वेबसाइट पर योजना से जुड़े आंकड़े उपलब्ध हैं। बघेल ने भी अपने दावों के समर्थन में पुराने स्वीकृति और निर्माण के आंकड़े सामने रखे।
पहली बार सार्वजनिक मंच पर सीधी बहस
इस डिबेट को छत्तीसगढ़ की राजनीति में इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पहली बार सरकार में जिम्मेदार पद पर बैठे नेता और पूर्व मुख्यमंत्री किसी एक मुद्दे पर सार्वजनिक मंच पर सीधे आमने-सामने नजर आए। एक ओर विजय शर्मा ने मौजूदा सरकार का पक्ष रखा। दूसरी ओर भूपेश बघेल ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल का बचाव किया। दोनों नेताओं के बीच आंकड़ों और पुराने फैसलों को लेकर लगातार सवाल-जवाब होते रहे।
भूपेश बोले- चुनौती की जानकारी मीडिया से मिली
डिबेट के दौरान भूपेश बघेल ने कहा कि उन्हें सरकार के साथ बहस की चुनौती की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली थी। उन्होंने कहा कि विजय शर्मा के कार्यालय की ओर से उन्हें इसकी जानकारी नहीं दी गई थी। बघेल ने यह भी कहा कि प्रेस क्लब से भी उन्हें सूचना नहीं मिली थी। इसके बावजूद उन्होंने एक नागरिक के तौर पर चुनौती स्वीकार की और कार्यक्रम में पहुंचे। उन्होंने कहा कि किसी भी चुनौती का जवाब देना जरूरी है।
प्रेस क्लब में बढ़ाई गई सुरक्षा
कार्यक्रम को देखते हुए रायपुर प्रेस क्लब परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई थी। पुलिस बल की तैनाती की गई थी। पुलिस कार्यक्रम के दौरान अलर्ट मोड पर रही। प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर लंबे समय से भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं। ऐसे में दोनों नेताओं की आमने-सामने बहस को लेकर राजनीतिक और आम लोगों की नजर इस कार्यक्रम पर बनी रही।
PM आवास पर लंबे समय से सियासी विवाद
गौरतलब है कि, प्रधानमंत्री आवास योजना छत्तीसगढ़ में लंबे समय से भाजपा और कांग्रेस के बीच बड़ा राजनीतिक मुद्दा रही है। भाजपा सरकार आवास निर्माण और स्वीकृति को अपनी उपलब्धि बताती रही है।
वहीं कांग्रेस पात्र हितग्राहियों को आवास मिलने और योजना के क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठाती रही है। अब तक यह विवाद मुख्य रूप से बयानबाजी तक सीमित रहा था। लेकिन आज दोनों दलों के दो बड़े नेताओं ने एक ही मंच पर अपने-अपने पक्ष और आंकड़े सामने रखे।

