Engineers Day 2026 : अभियंता दिवस पर 5 इंजीनियर पुरस्कृत, CM डॉ. मोहन यादव बोले- नया मार्ग तैयार करता विकास का रोडमैप
Engineers Day Ceremony 2026 : कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधोसंरचना निर्माण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अभियंताओं, अधिकारियों, संयुक्त दलों और निर्माण एजेंसियों को सम्मानित किया।
Engineers Day Ceremony 2026 : भोपाल। नया मार्ग विकास का रोडमैप तैयार करता है और भविष्य की आर्थिक गतिविधियों की संभावनाएं भी खोलता है। इंजीनियर में इंजन जैसी क्षमता होती है, जो विकास कार्यों को आकार देती है। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में अभियंता दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में कही। उन्होंने प्रदेश में सीमेंट का उपयोग किए बिना सड़कें बनाने की पहल को सराहनीय बताया। वहीं लोक निर्माण विभाग द्वारा अपने स्तर पर बजट जुटाकर सड़कें बनाने के निर्णय को अच्छा बताया।

अभियंताओं और निर्माण एजेंसियों का सम्मान
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अधोसंरचना निर्माण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अभियंताओं, अधिकारियों, संयुक्त दलों और निर्माण एजेंसियों को सम्मानित किया। इस दौरान लोक निर्माण विभाग और CSIR-AMPRI, भोपाल के बीच समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान भी हुआ। कार्यक्रम में लोक निर्माण विभाग द्वारा तैयार कम्पेंडियम सर्कुलर का विमोचन किया गया। समारोह का आयोजन ‘लोक निर्माण से लोक कल्याण’ की अवधारणा पर किया गया था।

इंजीनियर में इंजन जैसी क्षमता होती है
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महान अभियंता मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने इंजीनियरिंग को नई दिशा दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंजीनियर में इंजन जैसी क्षमता होती है। वह विकास के कार्यों को आकार देता है। उन्होंने कैलाश पर्वत की चट्टानों को काटकर किए गए निर्माण का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि उस दौर की कला और तकनीकी क्षमता अद्भुत थी। मुख्यमंत्री ने नए और पुराने संसद भवन में मुरैना और विदिशा के पत्थरों तथा कला के उपयोग का भी उल्लेख किया।
पांच पुरस्कारों से अभियंताओं का सम्मान
मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह और विभाग के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि विभाग ने अभियंताओं के उत्कृष्ट काम को पहचान देने के लिए पांच श्रेणियों में पुरस्कार शुरू किए हैं। इन पुरस्कारों के जरिए निर्माण क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले लोगों को प्रोत्साहन मिलेगा। कार्यक्रम में 95 और 86 वर्ष की उम्र के सेवानिवृत्त अभियंताओं का भी सम्मान किया गया। इससे समारोह में वरिष्ठ अभियंताओं के योगदान को भी सम्मान मिला।

चुनौती देखकर रुकना इंजीनियर का काम नहीं
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि इंजीनियर का काम चुनौती देखकर रुकना नहीं है। उसका काम समाधान तलाशना है। उन्होंने इंजीनियर की कार्यप्रणाली में खोजी स्वभाव, अनुशासन और परफेक्शन को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि सकारात्मक विचारों को दबाने के बजाय उन पर मंथन होना चाहिए। इसके बाद उन विचारों को बेहतर काम का रूप दिया जाना चाहिए। मंत्री ने बताया कि अभियंताओं की ट्रेनिंग का काम नौ महीने में करीब 85 प्रतिशत पूरा हो चुका है।
सीमेंट विहीन कांक्रीट पर होगा प्रयोग
राकेश सिंह ने बताया कि लोक निर्माण विभाग सीमेंट विहीन कांक्रीट के उपयोग के लिए CSIR-AMPRI के साथ काम करेगा। इसके तहत कुछ सड़कें संस्थान को दी जाएंगी। इन सड़कों पर ऐसी तकनीक का परीक्षण किया जाएगा, जिसमें बिना पारंपरिक तराई के बेहतर सड़क निर्माण की संभावना देखी जाएगी। मंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश के इस नवाचार को ओडिशा ने भी अपनाया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल में इससे जुड़े कार्य का शिलान्यास किया है।

MPRDC के काम को बढ़ाने का लक्ष्य
लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन यानी MPRDC फिलहाल करीब 30 हजार करोड़ रुपये के काम करा रहा है। आने वाले समय में इस क्षमता को बढ़ाकर करीब 2 लाख करोड़ रुपये के काम कराने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने अभियंताओं के लिए निर्माण को जिम्मेदारी, लोक कल्याण को लक्ष्य, गुणवत्ता को पहचान, नवाचार को शक्ति और तकनीक को भविष्य बताया। उन्होंने कहा कि इन मूल्यों के साथ अधोसंरचना विकास को नई दिशा दी जा सकती है।
प्रदेश में 440 से ज्यादा ब्लैक स्पॉट
लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह ने कहा कि MPRDC ने कई स्थानों पर फ्लाईओवर और बायपास बनाकर ब्लैक स्पॉट खत्म किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में बेहतर प्लानिंग, सही एक्जीक्यूशन और तकनीकी नवाचार जरूरी है। उन्होंने सड़कों को उद्योगों की धड़कन बताया। उनके अनुसार सड़कें युवाओं को कार्यस्थल और किसानों को मंडी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। प्रदेश में 440 से ज्यादा ब्लैक स्पॉट बताए गए हैं।

सड़क दुर्घटनाओं में कमी का दावा
सुखवीर सिंह ने बताया कि वर्ष 2025 और 2026 में जनवरी से सितंबर तक के नौ महीनों की अवधि में सड़क दुर्घटनाओं में कमी आई है। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार काम किया जा रहा है। ब्लैक स्पॉट खत्म करने, फ्लाईओवर और बायपास बनाने तथा बेहतर प्लानिंग पर जोर दिया जा रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य सड़क नेटवर्क को सुरक्षित और ज्यादा प्रभावी बनाना है।

पांच श्रेणियों में दिए गए पुरस्कार
राज्य स्तरीय अभियंता दिवस समारोह में पांच श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए गए। इनमें मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया पुरस्कार, विश्वकर्मा पुरस्कार, विक्रमादित्य पुरस्कार, रानी दुर्गावती पर्यावरण हितैषी पुरस्कार और राजा भोज पुरस्कार शामिल हैं। इन पुरस्कारों के जरिए गुणवत्तापूर्ण निर्माण, तकनीकी नवाचार, पर्यावरण संरक्षण और जनहित से जुड़े उत्कृष्ट कार्यों को पहचान दी गई।


