Uma Bharti से मिले CM: Sagar शराब कांड पर पूर्व CM के तीखे तेवर, बोलीं- सरपंच से मंत्री तक जिम्मेदारी तय हो

पूर्व मुख्यमंत्री Uma Bharti से मिलने उनके बंगले पहुंचे CM Dr. Mohan Yadav, मुलाकात के बाद Uma Bharti बोलीं- जनप्रतिनिधियों को कैसे नहीं पता चला कि क्षेत्र में बिक रही थी अवैध शराब? सरपंच से लेकर विधायक और मंत्री तक तय हो जिम्मेदारी

Uma Bharti से मिले CM: Sagar शराब कांड पर पूर्व CM के तीखे तेवर, बोलीं- सरपंच से मंत्री तक जिम्मेदारी तय हो

Bhopal। राजधानी में पूर्व मुख्यमंत्री Uma Bharti से मुलाकात करने मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav अचानक उनके बंगले पर पहुंचे। सोमवार को दोनों नेताओं के बीच करीब आधे घंटे तक बंद कमरे में बातचीत हुई। मुलाकात में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसका पूरा ब्यौरा सामने नहीं आया है। हालांकि, पूर्व सीएम Uma Bharti ने इसे शिष्टाचार भेंट बताया।

मुलाकात के बाद Sagar Liquor Case को लेकर Uma Bharti के तेवर काफी सख्त नजर आए। उन्होंने कहा कि इस मामले में सिर्फ आरोपियों पर कार्रवाई काफी नहीं है, बल्कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।

सरपंच से मंत्री तक जवाबदेही तय हो

Uma Bharti ने कहा कि सरपंच से लेकर विधायक और मंत्री तक जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जनप्रतिनिधियों को कैसे पता नहीं चला कि उनके क्षेत्र में अवैध शराब बिक रही थी। उन्होंने आरोपियों के साथ रहने और उनके संपर्क में रहने वाले लोगों पर भी कार्रवाई की मांग की।

Uma Bharti ने कहा कि अधिकारियों की आरोपियों से मिलीभगत सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह खुद Sagar जाएंगी और Banda में लोगों से मुलाकात करेंगी। साथ ही उन्होंने CM Dr. Mohan Yadav से आबकारी नीति का पालन कराने और शराबबंदी की दिशा में आगे बढ़ने को लेकर भी बातचीत की।

Rahul Gandhi पर भी साधा निशाना

Rahul Gandhi के Madhya Pradesh दौरे को लेकर भी Uma Bharti ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi से बच्चे प्यार करते हैं और उन्हें अपना नेता मानते हैं। Rahul Gandhi पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि अब वह बूढ़े हो चुके हैं।

Ujjain Hanuman मंदिर विवाद पर सुझाव

Ujjain में खड़े हनुमान मंदिर के रास्ते को लेकर चल रहे विवाद पर भी Uma Bharti ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जैसे मस्जिद के लिए रास्ता निकाला गया, वैसे ही मंदिर के लिए भी रास्ता होना चाहिए। उन्होंने कहा कि Ujjain आने के बाद उन्हें विवाद की जानकारी मिली और टिप्पणी की कि “Bajrangbali ने कमाल कर दिया, वह हिले नहीं।”