नीतीश रेड्डी बनेंगे हार्दिक पंड्या का विकल्प? आंकड़े बता रहे अलग कहानी

टीम इंडिया नीतीश कुमार रेड्डी को हार्दिक पंड्या के बैकअप ऑलराउंडर के तौर पर तैयार कर रही है, लेकिन बल्लेबाजी और गेंदबाजी के आंकड़े बताते हैं कि हार्दिक का विकल्प बनना अभी बड़ी चुनौती है.

नीतीश रेड्डी बनेंगे हार्दिक पंड्या का विकल्प? आंकड़े बता रहे अलग कहानी

भारतीय क्रिकेट टीम में ऑलराउंडर की भूमिका हमेशा अहम रही है. खासकर टी-20 क्रिकेट में ऐसा खिलाड़ी जो जरूरत पड़ने पर गेंद और बल्ले दोनों से मैच का रुख बदल सके, टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है. हार्दिक पंड्या लंबे समय से टीम इंडिया में यह जिम्मेदारी निभाते आए हैं. ऐसे में भारतीय टीम मैनेजमेंट अब उनके बैकअप के तौर पर नीतीश कुमार रेड्डी को तैयार कर रहा है.

नीतीश को एक सीम-बॉलिंग ऑलराउंडर के तौर पर देखा जा रहा है. उनकी बल्लेबाजी और तेज गेंदबाजी को देखते हुए टीम मैनेटमेंट उन्हें भविष्य के लिए तैयार कर रहा है. हालांकि, सवाल यह है कि क्या नीतीश कुमार रेड्डी वाकई हार्दिक पंड्या का विकल्प बन सकते हैं? मौजूदा आंकड़े इस तुलना में हार्दिक को काफी आगे दिखाते हैं. 

चोट के बाद टीम में लौटे हैं नीतीश

नीतीश कुमार रेड्डी चोट के बाद भारतीय टीम में वापसी कर रहे हैं. जून में अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान उन्हें क्वाड्रिसेप्स इंजरी हुई थी. चोट की वजह से वह इंग्लैंड और श्रीलंका के अहम दौरों का हिस्सा नहीं बन पाए थे. अब अफगानिस्तान के खिलाफ टी-20 सीरीज से उन्होंने वापसी की है. 13 सितंबर को खेले गए सीरीज के पहले मुकाबले में कप्तान श्रेयस अय्यर ने उन्हें पांचवें गेंदबाज के तौर पर इस्तेमाल किया. लेकिन गेंदबाजी में नीतीश उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके.

2 ओवर में 30 रन, पूरा स्पेल भी नहीं कर पाए

अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबले में नीतीश कुमार रेड्डी ने दो ओवर गेंदबाजी की और 30 रन खर्च कर दिए. वह गेंदबाजी के दौरान अपनी लय के लिए संघर्ष करते नजर आए. हालात ऐसे बने कि कप्तान को उन्हें गेंदबाजी से हटाना पड़ा और वह अपना पूरा कोटा भी पूरा नहीं कर सके.

नीतीश के बचे हुए ओवरों में अभिषेक शर्मा और शिवम दुबे ने गेंदबाजी की. अभिषेक ने एक ओवर में 8 रन दिए, जबकि शिवम दुबे के ओवर में 21 रन आए. यानी नीतीश के कोटे के चार ओवरों में भारतीय टीम ने कुल 59 रन खर्च किए.। यही आंकड़ा हार्दिक पंड्या के साथ तुलना को दिलचस्प बना देता है.

हार्दिक के सामने नीतीश की गेंदबाजी अभी कमजोर

टी-20 इंटरनेशनल में हार्दिक पंड्या लंबे समय से भारत के भरोसेमंद ऑलराउंडर रहे हैं. आंकड़ों के मुताबिक, हार्दिक ने कभी भी टी-20 इंटरनेशनल में अपने दो ओवर के स्पेल में 30 रन खर्च नहीं किए हैं. उनका दो ओवर का सबसे महंगा स्पेल 2016 टी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ आया था. कोलकाता में खेले गए उस मुकाबले में हार्दिक ने दो ओवर में 25 रन दिए थे. वह उनके करियर का शुरुआती दौर था. इसके बाद हार्दिक ने खुद को लगातार बेहतर किया और गेंदबाजी में टीम इंडिया के अहम हथियार बन गए.

बल्लेबाजी में भी हार्दिक का स्तर अलग

नीतीश कुमार रेड्डी की सबसे बड़ी ताकत उनकी बल्लेबाजी भी है. वह निचले क्रम में तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं और जरूरत पड़ने पर बड़े शॉट लगा सकते हैं. लेकिन टी-20 क्रिकेट के डेथ ओवर्स में हार्दिक पंड्या का प्रभाव अभी नीतीश से काफी ज्यादा है. हार्दिक ने कई मौकों पर आखिरी ओवरों में तूफानी बल्लेबाजी करके टीम को मुश्किल परिस्थितियों से निकाला है.  20 सितंबर 2022 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मोहाली टी-20 में उन्होंने महज 30 गेंदों पर 71 रन की पारी खेली थी.

टी-20 इंटरनेशनल में इस तरह की कई मैच जिताऊ पारियां हार्दिक के नाम हैं. नीतीश में भी क्षमता है, लेकिन उन्हें अभी उस स्तर तक पहुंचने के लिए लंबा रास्ता तय करना है.

गेंदबाजी में भी हार्दिक का अनुभव भारी

हार्दिक पंडया की खासियत सिर्फ उनकी स्पीड नहीं, बल्कि गेंदबाजी करने की क्षमता और अनुभव भी है. कप्तान उन्हे पारी के अलग-अलग हिस्सों में इस्तेमाल कर सकता है. हार्दिक नई गेंद से गेंदबाजी कर चुके हैं, मिडिल ओवर्स में भी असरदार रहे हैं और डेथ ओवर्स में भी टीम को विकेट दिलाए हैं.

इसका सबसे बड़ा उदाहरण 2024 टी-20 वर्ल्ड कप का फाइनल है. दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ फाइनल में हार्दिक ने दबाव के बीच शानदार गेंदबाजी की. उन्होंने 16वें ओवर में खतरनाक हेनरिक क्लासेन को आउट किया, जबकि आखिरी ओवर में डेविड मिलर और कगिसो रबाडा के विकेट लेकर भारत की जीत पक्की कर दी.  नीतीश के सामने अभी ऐसी परिस्थितियों में खुद को साबित करने की चुनौती है. 

स्पीड में भी हार्दिक आगे

गेंदबाजी की रफ्तार की बात करें तो यहां भी हार्दिक पंड्या को बढ़त हासिल है. नीतीश अपनी पूरी ताकत के साथ गेंजबाजी करते हुए करीब 137-138 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंचते हैं. वहीं हार्दिक आमतौर पर 135-140 किलोमीटर की गेंदबाजी कर सकते हैं. लेकिन हार्दिक की असली ताकत सिर्फ स्पीड नहीं, बल्कि उनकी लाइन-लेंथ, विविधता और बड़े मुकाबले का अनुभव है. 

टीम मैनेजमेंट को नीतीश से क्यों उम्मीद?

इसके बावजूद टीम मैनेजमेंट नीतीश कुमार रेड्डी को लेकर काफी गंभीर है. इसकी बड़ी वजह हार्दिक पंड्या की फिटनेस भी है. हार्दिक के करियर में चोटें लगातार चुनौती रही हैं. ऐसे में टीम इंडिया ऐसा विकल्प तैयार करना चाहती है जो जरूरत पड़ने पर गेंद और बल्ले दोनों से योगदान दे सके.

हेड कोच गौतम गंभीर भी टीम में ऐसे खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के पक्ष में रहे हैं, जो एक से ज्यादा भूमिका निभा सकें. नीतीश इसी रणनीति में फिट बैठते हैं. उनकी उम्र, बल्लेबाजी क्षमता और सीम गेंदबाजी को देखते हुए टीम मैनेजमेंट उनमें भविष्य देख रहा है.

हार्दिक की जगह लेना आसान नहीं

नीतीश कुमार रेड्डी में टैलेंट की कमी नहीं है. वह बल्लेबाजी कर सकते हैं, तेज गेंदबाजी कर सकते हैं और आने वाले समय में एक उपयोगी ऑलराउंडर बन सकते हैं. लेकिन हार्दिक पंड्या का विकल्प बनना सिर्फ टीम में जगह बनाने जितना आसान नहीं है. इसके लिए नीतीश को लगातार प्रदर्शन करना होगा और खासकर बड़े मुकाबलों में खुद को साबित करना होगा.

फिलहाल टीम मैनेजमेंट नीतीश को हार्दिक के बैकअप के तौर पर जरूर तैयार कर रहा है, लेकिन आंकड़े साफ बताते हैं कि हार्दिक के स्तर तक पहुंचने के लिए नीतीश को अभी काफी लंबा सफर तय करना है. नीतीश के लिए चुनौती सिर्फ हार्दिक की जगह भरना नहीं, बल्कि अपनी एक अलग पहचान बनाना भी होगी.