MP Cabinet Decisions : 42,490 करोड़ के प्रस्तावों को मंजूरी, 21 साल बाद फिर शुरू होगी बस सेवा
MP Cabinet Decision : मंत्री नरेंद्र शिवजी पटेल ने बताया, मध्यप्रदेश में 21 साल से बंद सरकारी बस सेवा फिर शुरू होने जा रही है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा का शुभारंभ 25 सितंबर को किया जाएगा।
MP Cabinet Decision : भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक हुई। बैठक की शुरुआत वंदे मातरम् के गान के साथ हुई। कैबिनेट ने प्रदेश के विकास, शिक्षा, परिवहन, सिंचाई और जनकल्याण से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी दी। राज्य मंत्री नरेंद्र शिवजी पटेल ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि, सरकार ने करीब 42,490 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को स्वीकृति दी है। बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने प्रदेश में शुरू होने वाली कई महत्वपूर्ण योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी भी दी।

21 साल बाद फिर शुरू होगी सरकारी बस सेवा
मंत्री नरेंद्र शिवजी पटेल ने आगे बताया कि, मध्यप्रदेश में 21 साल से बंद सरकारी बस सेवा फिर शुरू होने जा रही है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा का शुभारंभ 25 सितंबर 2026 को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर किया जाएगा। इसकी शुरुआत इंदौर से होगी।
योजना के तहत करीब 150 सिटी रूट और 450 इंटरसिटी रूट विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा 436 अंतरराज्यीय रूट भी विकसित करने की योजना है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक 75 प्रतिशत विकासखंडों को परिवहन सेवा से जोड़ना है।
यहां पढ़िए कैबिनेट फैसले
ग्रामीण क्षेत्रों तक भी पहुंचेगी बस सेवा
सरकार इस परिवहन व्यवस्था को केवल शहरों तक सीमित नहीं रखना चाहती। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बस सेवा का विस्तार किया जाएगा। इसका उद्देश्य गांवों और कस्बों को बेहतर परिवहन सुविधा से जोड़ना है। इससे विद्यार्थियों, कर्मचारियों, किसानों और आम यात्रियों को आने-जाने में सुविधा मिलने की उम्मीद है। सरकार के अनुसार, चरणबद्ध तरीके से परिवहन नेटवर्क को प्रदेश के अधिक से अधिक हिस्सों तक पहुंचाया जाएगा।
50 लाख संपत्तियों का मुफ्त पंजीयन
स्वामित्व योजना को लेकर भी कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। ग्रामीण हितग्राहियों के स्वामित्व अधिकार अभिलेखों का निशुल्क पंजीयन किया जाएगा। इस योजना की शुरुआत 17 सितंबर से इंदौर में होगी। सरकार करीब 4,000 करोड़ रुपये का खर्च वहन करेगी। हितग्राहियों को स्टांप ड्यूटी और पंजीयन शुल्क से पूरी छूट मिलेगी। करीब 68 लाख अभिलेख तैयार किए जा चुके हैं। इनमें से लगभग 50 लाख निजी संपत्तियों के अधिकार अभिलेखों का मुफ्त पंजीयन किया जाएगा।

ग्रामीणों को मिलेगा मालिकाना हक
मुफ्त पंजीयन से ग्रामीण परिवारों को अपनी संपत्ति का कानूनी रिकॉर्ड मजबूत करने में मदद मिलेगी। संपत्ति के आधार पर बैंक से ऋण लेना आसान हो सकता है। इससे व्यापार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं। सरकार को उम्मीद है कि संपत्ति से जुड़े विवादों में कमी आएगी। रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की प्रक्रिया भी आसान होगी। इसके लिए पंचायत स्तर तक विशेष शिविर लगाने की योजना है।
सिंचाई परियोजनाओं के लिए 13 हजार करोड़
कैबिनेट ने कई सिंचाई परियोजनाओं की निरंतरता को मंजूरी दी है। इनमें सिंगरौली की गोंड वृहद सिंचाई योजना, उज्जैन की चितावत वृहद सिंचाई योजना और अशोकनगर की चंदेरी माइक्रो सिंचाई परियोजना शामिल हैं। इन परियोजनाओं के लिए करीब 13 हजार करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इन योजनाओं से सिंचाई सुविधा बढ़ाने और किसानों को लाभ पहुंचाने पर जोर रहेगा।
शिक्षा और परिवहन के लिए भी बजट
कैबिनेट ने समग्र शिक्षा की निरंतरता के लिए 6,000 करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी दी है। परिवहन विभाग की 11 योजनाओं के लिए 1,166 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उद्यानिकी विभाग की आठ योजनाओं के लिए 491 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है। नए जिलों में खनिज कार्यालयों की स्थापना के लिए नए पद भी स्वीकृत किए गए हैं। इससे सरकारी रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
छात्रों को मिलेगी ई-स्कूटी
19 सितंबर को मुख्यमंत्री 12वीं कक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री ई-स्कूटी योजना के तहत ई-स्कूटी वितरित करेंगे। इस योजना के तहत 7,500 से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिलने की बात कही गई है। अब तक प्रदेश में 23 हजार से अधिक विद्यार्थी इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करना है।

दुबई यात्रा में 53 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव
मुख्यमंत्री की दुबई यात्रा का भी बैठक में उल्लेख किया गया। सरकार के अनुसार, इस यात्रा के दौरान मध्यप्रदेश के लिए 53 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। मुख्यमंत्री ने 200 से अधिक उद्योगपतियों और निवेशकों से चर्चा की। सरकार का कहना है कि निवेश बढ़ने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था और सरकारी राजस्व को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
कर्मचारियों और युवाओं के लिए फैसले
बैठक में स्कूलों के उन्नयन से जुड़े पदों और नए जिलों में कार्यालयों के लिए पद स्वीकृत किए गए। अनूपपुर और शहडोल जिलों से जुड़े पदों को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा विपणन वर्ष 2024-25 के लिए साख सीमा को ब्याज मुक्त करने से संबंधित प्रस्ताव पर भी निर्णय लिया गया।

