Swatantra Bhardwaj Bail : जंतर-मंतर मारपीट के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को कोर्ट से राहत, 3 हफ्ते की अंतरिम जमानत
Swatantra Bhardwaj Bail : जंतर-मंतर मारपीट मामले में आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को पटियाला हाउस कोर्ट से राहत मिली है. कोर्ट ने उन्हें तीन हफ्ते की अंतरिम जमानत दी है.
Swatantra Bhardwaj Bail : जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान मारपीट के मामले में आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने आरोपी स्वतंत्र को तीन हफ्ते की अंतरिम जमानत दे दी है। भारद्वाज ने अदालत से नियमित जमानत की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने फिलहाल सीमित अवधि के लिए अंतरिम राहत दी है।
यह मामला कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी के पिता के साथ कथित मारपीट से जुड़ा है। स्वतंत्र भारद्वाज पर आरोप है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान स्वतंत्र ने संजय आजाद के साथ मारपीट की थी।
क्या है पूरा मामला?
मामला 23 जून 2026 का है। जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन चल रहा था। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान संजय आजाद के साथ मारपीट हुई। शिकायत के मुताबिक, उन पर घूंसे और किसी ठोस वस्तु से हमला किया गया, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था। मामले में दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में FIR दर्ज की गई थी।
मामले ने उस वक्त ज्यादा तूल पकड़ा, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक पॉडकास्ट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें उसने प्रदर्शन के दौरान हुई मारपीट का जिक्र किया था। इसके बाद उसकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई थी।
4 सितंबर को बुलंदशहर से हुई थी गिरफ्तारी
दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को 4 सितंबर को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया था। इसके बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। दिल्ली हाईकोर्ट ने भी उसकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली हैबियस कॉर्पस याचिका खारिज कर दी थी।
भारद्वाज के खिलाफ दो FIR की जानकारी भी अदालत में सामने आई थी। इनमें एक FIR SC/ST एक्ट के तहत और दूसरी POCSO एक्ट के तहत दर्ज होने की बात कही गई। अदालत को बताया गया कि उनकी गिरफ्तारी SC/ST एक्ट वाली FIR में हुई थी, POCSO मामले में नहीं।
कोर्ट में भारद्वाज ने क्या दलील दी?
जमानत पर सुनवाई के दौरान स्वतंत्र भारद्वाज के वकील ने दावा किया कि उनके मुवक्किल को राजनीतिक घटनाक्रम के बाद गिरफ्तार किया गया। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि घटना के दौरान शिकायतकर्ता ने ही पहले भारद्वाज पर हमला किया था और इसका वीडियो भी मौजूद है।
दूसरी तरफ शिकायतकर्ता के वकील ने गिरफ्तारी को कानूनी बताया और SC/ST एक्ट तथा POCSO समेत अलग-अलग धाराओं में दर्ज मामलों का हवाला दिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अदालत ने सुनवाई का एक हिस्सा बंद कमरे में किया था।
अब आगे क्या होगा?
पटियाला हाउस कोर्ट ने फिलहाल स्वतंत्र भारद्वाज को तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत दी है। इसका मतलब यह है कि यह मामले में अंतिम राहत नहीं है। केस की कानूनी प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी और संबंधित अदालत में मामले की सुनवाई होगी।
जंतर-मंतर पर हुए कथित हमले से शुरू हुआ यह मामला बाद में गिरफ्तारी, SC/ST और POCSO एक्ट के तहत दर्ज FIR और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर चर्चा में आ गया। अब अंतरिम जमानत मिलने के बाद मामले की अगली कानूनी कार्रवाई पर नजर रहेगी।

