एक घर ऐसा, जहां 5 हजार गणेश प्रतिमाएं: 23 साल से जारी है अनोखा जुनून, देश-विदेश से जुटाया कलेक्शन

Greeting Cards से शुरू हुआ सफर, अब 5 हजार से ज्यादा गणपति: किसी के पीछे यात्रा की याद तो किसी से जुड़ी कलाकार की कहानी, इंदौर में गणेश भक्ति का अनोखा रूप, एक ही घर में 5 हजार से ज्यादा गणेश प्रतिमाओं का संग्रह 

एक घर ऐसा, जहां 5 हजार गणेश प्रतिमाएं: 23 साल से जारी है अनोखा जुनून, देश-विदेश से जुटाया कलेक्शन

इंदौर। गणेश चतुर्थी के मौके पर देशभर में गणपति बप्पा की भक्ति देखने को मिल रही है। लेकिन इंदौर में भगवान गणेश की भक्ति का एक ऐसा अनोखा रूप सामने आया है, जो हर किसी का ध्यान खींच रहा है।

Utkarsh State, Bengali Square के पास रहने वाले CA Rajkumar Shah ने अपने घर को ही गणेश प्रतिमाओं के संग्रहालय में बदल दिया है। उनके पास भगवान गणेश की 5 हजार से ज्यादा प्रतिमाएं हैं। खास बात यह है कि यह संग्रह केवल भारत तक सीमित नहीं है। इसमें Indonesia, Malaysia और Thailand समेत कई देशों से लाई गई प्रतिमाएं भी शामिल हैं।

2003 में शुरू हुआ प्रतिमाएं जुटाने का सफर

Rajkumar Shah के मुताबिक, गणेश प्रतिमाओं का यह संग्रह अचानक शुरू नहीं हुआ। बचपन में वे भगवान गणेश की तस्वीरों वाले Greeting Cards इकट्ठा किया करते थे। समय के साथ उनका यह शौक बढ़ता गया। जब पुराने कार्ड खराब हो गए तो उन्होंने उन्हें Narmada River में विसर्जित कर दिया।

इसके बाद उनके मन में गणेश प्रतिमाओं को सहेजने का विचार आया। साल 2003 में उन्होंने अलग-अलग जगहों से गणेश प्रतिमाएं जुटाना शुरू किया। धीरे-धीरे यह शौक इतना बढ़ा कि आज उनके घर में 5 हजार से ज्यादा प्रतिमाओं का अनोखा संग्रह तैयार हो चुका है।

हर कमरे में गणपति के अलग-अलग रूप

Rajkumar Shah के घर में प्रवेश करते ही हर तरफ भगवान गणेश के अलग-अलग स्वरूप नजर आते हैं। प्रतिमाओं को रखने के लिए घर में अलग-अलग कमरे और जगह तैयार की गई हैं। इन्हें बेहद व्यवस्थित तरीके से सजाकर रखा गया है।

किसी प्रतिमा में गणेशजी के हाथ में किताब है तो किसी में वे वकील की वेशभूषा में दिखाई देते हैं। कुछ प्रतिमाओं में गणेशजी क्रिकेट खेलते नजर आते हैं तो कहीं वे Laptop चलाते हुए दिखाई देते हैं। कुछ प्रतिमाओं में वे शतरंज खेल रहे हैं, जबकि कई प्रतिमाओं में उनके हाथों में अलग-अलग वाद्य यंत्र हैं।

नृत्य करते गणेश, पारंपरिक रूप में विराजमान गणेश और आधुनिक अंदाज में दिखाई देने वाली प्रतिमाएं भी इस संग्रह का हिस्सा हैं। आकार, रंग, मुद्रा और बनाने के तरीके में इतनी विविधता है कि दो एक जैसी प्रतिमाएं तलाशना मुश्किल है।

सब्जी और नारियल से लेकर सोने तक के गणेश

इस कलेक्शन की खासियत केवल इसकी संख्या नहीं है। अलग-अलग प्रतिमाओं को बनाने में कई तरह की चीजों का इस्तेमाल किया गया है। संग्रह में मिट्टी, लकड़ी, Ceramic, Metal और Ashtadhatu से बनी प्रतिमाएं हैं।

इसके अलावा सब्जियों और नारियल से बनी गणेश प्रतिमाएं भी यहां मौजूद हैं। Peepal Leaf पर बने Gold Ganesh और American Diamond से सजी गणेश कलाकृतियां भी इस अनोखे संग्रह का हिस्सा हैं।

कुछ प्रतिमाएं पूरी तरह पारंपरिक हैं, जबकि कुछ में भगवान गणेश को आधुनिक जीवन से जोड़ा गया है। इन प्रतिमाओं में अलग-अलग कलाकारों की कला और विभिन्न संस्कृतियों की झलक भी देखने को मिलती है।

Maharashtra से Indonesia तक पहुंचा कलेक्शन

Rajkumar Shah जहां भी जाते हैं, वहां उनकी नजर किसी अनोखी गणेश प्रतिमा की तलाश में रहती है। उनके संग्रह में देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों से लाई गई प्रतिमाएं हैं। Maharashtra की गणेश प्रतिमाओं का कलेक्शन खास तौर पर बड़ा है।

इसके अलावा Indonesia, Malaysia और Thailand से लाई गई प्रतिमाएं भी उनके पास हैं। अलग-अलग देशों और क्षेत्रों में भगवान गणेश को किस तरह प्रस्तुत किया जाता है, इसकी झलक भी इस संग्रह में देखने को मिलती है।

कई प्रतिमाएं अलग-अलग कलाकारों ने हाथ से बनाई हैं। Rajkumar के लिए हर प्रतिमा की अपनी खासियत है और इसी वजह से वे किसी भी नई और अनोखी प्रतिमा को अपने कलेक्शन का हिस्सा बनाना चाहते हैं।

रोज 3 से 4 घंटे होती है प्रतिमाओं की सफाई

इतनी बड़ी संख्या में प्रतिमाओं को संभालना आसान काम नहीं है। Rajkumar Shah की पत्नी Seema Shah बताती हैं कि घर में मौजूद प्रतिमाओं की नियमित सफाई की जाती है। इसमें रोजाना करीब 3 से 4 घंटे का समय लग जाता है।

परिवार के लिए यह अब सिर्फ एक कलेक्शन नहीं बल्कि घर का हिस्सा बन चुका है। शुरुआत में परिवार के कुछ लोगों को इतने बड़े संग्रह को लेकर परेशानी भी हुई, लेकिन समय के साथ पत्नी और बच्चों ने भी इसे संभालने में उनका साथ देना शुरू कर दिया।

दोस्तों और रिश्तेदारों को भी पता है पसंद

अब Rajkumar Shah के दोस्तों और रिश्तेदारों को भी पता है कि उन्हें सबसे खास तोहफा क्या दिया जा सकता है। किसी परिचित को कहीं अनोखी गणेश प्रतिमा दिखाई देती है तो वह उसे Rajkumar के लिए लेकर आता है। विदेश से लौटने वाले परिचित भी उनके लिए गणेश प्रतिमा लाते हैं।

जन्मदिन या किसी खास मौके पर भी उन्हें दूसरे उपहारों के बजाय गणेश प्रतिमाएं मिलती हैं। Rajkumar खुद भी जब किसी को उपहार देते हैं तो कई बार गणेश प्रतिमा ही भेंट करते हैं। उनके मुताबिक, कई बार करीब-करीब हर बुधवार उनके कलेक्शन में एक नई प्रतिमा जुड़ जाती है। हालांकि Corona period में प्रतिमाएं मिलने की रफ्तार कुछ कम हुई थी, लेकिन नए स्वरूपों की तलाश आज भी जारी है।

हर प्रतिमा के साथ जुड़ी है एक कहानी

5 हजार से ज्यादा गणेश प्रतिमाओं का यह संग्रह केवल एक आंकड़ा नहीं है। Rajkumar Shah के लिए हर प्रतिमा के साथ कोई न कोई याद जुड़ी है। किसी प्रतिमा के पीछे किसी यात्रा की कहानी है, तो किसी के पीछे कलाकार की पहचान। कुछ प्रतिमाएं उन्हें किसी खास व्यक्ति या घटना की याद दिलाती हैं।

23 साल से जारी यह सफर अब उनके जीवन का हिस्सा बन चुका है। गणेश चतुर्थी के मौके पर उनका यह अनोखा कलेक्शन बताता है कि भगवान गणेश के प्रति श्रद्धा जताने के तरीके अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन आस्था एक ही होती है। गणपति बप्पा के हजारों रूपों को सहेजकर रखने वाले Rajkumar Shah की यह भक्ति और लगन निश्चित तौर पर लोगों को आकर्षित करने के साथ प्रेरणा भी देती है।