Indore Gas Pipeline Blast: हाईकोर्ट में गलत शपथपत्र पर SDM ने मांगी माफी, मुआवजे पर 27 अगस्त को होगी सुनवाई
Indore AvantiKa Pipeline Gas Blast Case: राहत राशि पर विवाद, हाईकोर्ट ने सरकार को बेहतर इलाज और मुआवजे के दिए निर्देश
Indore। शहर के चर्चित Avantika Gas Pipeline Blast मामले में अब राहत राशि और सरकारी शपथपत्र को लेकर नया विवाद सामने आया है। Madhya Pradesh High Court में हुई सुनवाई के दौरान Juni Indore SDM Ghanshyam Dhangar ने स्वीकार किया कि कोर्ट में दाखिल शपथपत्र में मुआवजे और इलाज के भुगतान संबंधी जानकारी देने में गलती हुई थी।
उन्होंने अदालत से माफी मांगते हुए भरोसा दिलाया कि हादसे में घायल सभी लोगों के इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी। अब इस मामले में अगली सुनवाई 27 August को होगी, जिसमें पीड़ितों को मिलने वाले मुआवजे की राशि पर विचार किया जाएगा।
क्या है पूरा मामला
23 जून 2026 को Indore के Suman Nagar Jain Mandir के पास Avantika Gas की पाइपलाइन में भीषण विस्फोट हुआ था। धमाका इतना तेज था कि कुछ ही पलों में आग ने आसपास के इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए।
इनमें सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर Giri alias Rajkumari Jhala (Jini Jhala), Vijay Patel और अन्य लोग शामिल थे। हादसे में कई वाहन भी जलकर खाक हो गए। Rajkumari Jhala की एक्टिवा और लैपटॉप पूरी तरह जल गए, जबकि Lalla Patel की बाइक भी आग में नष्ट हो गई।
इलाज और राहत राशि को लेकर पहुंचा मामला कोर्ट
हादसे के बाद पीड़ितों के इलाज और आर्थिक सहायता को लेकर मामला Madhya Pradesh High Court पहुंचा। गंभीर रूप से झुलसी Rajkumari Jhala को अदालत के निर्देश पर एयरलिफ्ट कर Ahmedabad के Zydus Hospital में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
सुनवाई के दौरान प्रशासन की ओर से कोर्ट में एक शपथपत्र पेश किया गया। इसमें दावा किया गया कि सभी पीड़ितों को इलाज और आर्थिक सहायता की राशि का भुगतान किया जा चुका है। लेकिन पीड़ितों की ओर से कोर्ट को बताया गया कि ऐसा कोई भुगतान नहीं हुआ है और अस्पताल का करीब 14 लाख रुपए का बिल भी अब तक जमा नहीं किया गया है।
हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी
जब पीड़ित पक्ष ने प्रशासन के दावे को गलत बताया तो High Court ने शपथपत्र की सत्यता पर सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि न्यायालय के सामने हमेशा सही और तथ्यात्मक जानकारी ही रखी जानी चाहिए। यदि सरकारी अधिकारी गलत जानकारी देंगे तो लोगों का न्यायपालिका पर भरोसा प्रभावित होगा। इसी को गंभीर मानते हुए कोर्ट ने SDM Ghanshyam Dhangar को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए।
SDM ने कोर्ट में मांगी माफी
शुक्रवार को हुई सुनवाई में SDM Ghanshyam Dhangar कोर्ट में उपस्थित हुए और शपथपत्र में हुई गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी। उन्होंने कहा कि मुआवजे और इलाज के खर्च से जुड़ी जानकारी प्रस्तुत करने में त्रुटि हुई थी। उनका कहना था कि यह जानबूझकर नहीं किया गया और जानकारी देने में गलती हो गई। उन्होंने अदालत को भरोसा दिया कि हादसे में घायल सभी लोगों के इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
सरकार और नगर निगम को दिए निर्देश
सुनवाई के दौरान High Court ने Madhya Pradesh Government और Indore Municipal Corporation को निर्देश दिए कि सभी घायलों का बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जाए और उचित मुआवजा देने की प्रक्रिया पूरी की जाए। हालांकि, अदालत ने अभी मुआवजे की राशि तय नहीं की है। इस संबंध में अगली सुनवाई 27 August को होगी। उसी दिन यह भी तय किया जाएगा कि पीड़ितों को कितनी आर्थिक सहायता दी जाएगी।
गैस एजेंसी का पक्ष अब तक नहीं आया
सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि Avantika Gas Agency की ओर से अब तक अदालत में कोई स्पष्ट पक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया है। ऐसे में कोर्ट ने संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। इसी दौरान Kanadia के Sanchar Nagar में हाल ही में निर्माणाधीन भवन के पास गैस पाइपलाइन में लगी आग का मामला भी कोर्ट के सामने आया। अदालत ने अधिकारियों और Indore Municipal Corporation को गैस पाइपलाइन सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए।
27 अगस्त की सुनवाई पर टिकी निगाहें
अब इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि शपथपत्र में दी गई गलत जानकारी केवल प्रशासनिक लापरवाही थी या फिर गंभीर चूक। फिलहाल अदालत ने सभी पीड़ितों के इलाज और राहत राशि सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। 27 August को होने वाली अगली सुनवाई में मुआवजे की राशि, प्रशासन की जवाबदेही और आगे की कार्रवाई पर महत्वपूर्ण फैसला होने की संभावना है। वहीं गैस पाइपलाइन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी इस मामले पर पूरे प्रदेश की नजर बनी हुई है।
Varsha Shrivastava 
