CM Mohan Yadav News: बलराम कृषि महोत्सव में बोले मुख्यमंत्री- अन्नदाता का कल्याण ही हमारी सरकार का लक्ष्य

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बलराम कृषि महोत्सव में किसानों से संवाद करते हुए कहा कि अन्नदाता का कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कवच योजना, प्राकृतिक खेती, MSP, बोनस और किसान कल्याण वर्ष को लेकर कई बड़े ऐलान किए।

CM Mohan Yadav News: बलराम कृषि महोत्सव में बोले मुख्यमंत्री- अन्नदाता का कल्याण ही हमारी सरकार का लक्ष्य

भोपाल/छिंदवाड़ा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीहोर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को छिंदवाड़ा से वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार का सबसे बड़ा लक्ष्य किसानों का कल्याण और उनकी आय में वृद्धि करना है. उन्होंने कहा कि सरकार खेत में बोहनी से लेकर बाजार में फसल का उचित दाम दिलाने तक किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि बलराम कृषि महोत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि किसानों को आधुनिक और वैज्ञानिक खेती से जोड़ने का व्यापक अभियान है. इसके जरिए किसानों को नई कृषि तकनीकों, प्राकृतिक खेती और आधुनिक कृषि यंत्रों की जानकारी दी जा रही है, ताकि उनकी आय बढ़ाई जा सके.

किसानों के लिए सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार किसान कल्याण वर्ष के तहत किसान हितैषी योजनाओं को हर पात्र किसान तक पहुंचा रही है. किसानों को सिंचाई, बिजली, खाद-बीज, कृषि यंत्र, फसल बीमा, किसान सम्मान निधि और ब्याज मुक्त ऋण जैसी सुविधाओं का लाभ दिया जा रहा है.

'कवच योजना' से मिलेगा बड़ा लाभ

मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में मंत्रिपरिषद की बैठक में किसानों के हित में 'कवच योजना' को मंजूरी दी गई है. इस योजना के तहत सहकारी खातों में पुरानी गड़बड़ियों या जांच के कारण ऋण से वंचित किसानों को राहत मिलेगी. ऐसे किसानों को फिर से मुख्यधारा में लाकर नया कृषि ऋण और सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा.

उन्होंने कहा कि अब किसानों को ऋण खाते छह महीने के बजाय एक वर्ष में समायोजित करने की सुविधा मिलेगी. साथ ही 31 मार्च तक ऋण चुकाने की अनिवार्यता भी समाप्त कर दी गई है. अब किसान अपनी सुविधा के अनुसार राशि जमा कर सकेंगे.

आधुनिक खेती और फसल विविधिकरण पर जोर

मुख्यमंत्री ने किसानों से आधुनिक खेती अपनाने और फसल विविधिकरण की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्राकृतिक खेती, पशुपालन, मत्स्य पालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है. ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और किसानों की अतिरिक्त आय बढ़ाने के लिए इन क्षेत्रों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है.

MSP, बोनस और खरीद का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं. गेहूं की एमएसपी और बोनस के साथ रिकॉर्ड 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया. वहीं सोयाबीन उत्पादक किसानों को भावांतर भुगतान योजना के जरिए राहत दी गई.

उन्होंने बताया कि प्रदेश में पहली बार श्रीअन्न (कोदो-कुटकी) की MSP पर खरीदी की गई और किसानों को बोनस भी दिया गया। इसके अलावा किसानों की मांग को ध्यान में रखते हुए मूंग उपार्जन की सीमा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दी गई है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है, ताकि प्रदेश का अन्नदाता समृद्ध और आत्मनिर्भर बन सके.