गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं पर उषा ठाकुर का बयान: ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर भी साधा निशाना
Indore News : गरबा पंडालों और व्यावसायिक गरबा आयोजनों में गैर-हिंदुओं की एंट्री को लेकर पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने बड़ा बयान दिया। उषा ठाकुर ने कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा है। ठाकुर ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन उनके अनुसार इंदौर में आयोजित यह कार्यक्रम प्रायोजित भीड़ जुटाने का प्रयास था।
Indore News : इंदौर में गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं की एंट्री और व्यावसायिक गरबा आयोजनों को लेकर महू से बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने बड़ा बयान दिया है। उषा ठाकुर ने दावा किया है कि हर वर्ष गरबा पांडालों से साढ़े चार लाख हिंदू लड़कियां विधर्मियों के साथ चली जाती हैं और अगले वर्ष करीब 9 लाख बच्चों को जन्म देती हैं।
उषा ठाकुर ने कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा है। ठाकुर ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन उनके अनुसार इंदौर में आयोजित यह कार्यक्रम प्रायोजित भीड़ जुटाने का प्रयास था। उन्होंने कार्यक्रम में हुई प्रस्तुतियों, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री और मंच से की गई टिप्पणियों को लेकर भी आपत्ति जताई।
गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं की एंट्री बैन
दरअसल, इंदौर में नवरात्रि से पहले गरबा आयोजनों को लेकर सियासत तेज हो गई है। पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं की एंट्री को लेकर अपनी बात रखते हुए दावा किया कि हर वर्ष साढ़े चार लाख हिंदू लड़कियां विधर्मियों के साथ चली जाती हैं और अगले वर्ष करीब 9 लाख बच्चों को जन्म देती हैं। हालांकि, इस दावे के लिए उन्होंने कोई आधिकारिक आंकड़ा या स्रोत प्रस्तुत नहीं किया।
उषा ठाकुर ने कहा किगरबा पंडालों में मूर्ति पूजा नहीं करने वालों का प्रवेश निषेध होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग तिलक लगाकर और कलावा बांधकर अपनी पहचान छिपाते हुए गरबा पंडालों में प्रवेश करते हैं और बेटियों को भ्रमित कर उनका जीवन खराब करते हैं। व्यावसायिक गरबा आयोजनों को लेकर भी उषा ठाकुर ने सवाल खड़े किए।

गरबा शक्ति की साधना का पर्व
उन्होंने विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की मुहिम का समर्थन करते हुए कहा कि गरबा शक्ति की साधना, शस्त्र और शास्त्र का पर्व है। उनके मुताबिक व्यावसायिक स्वरूप के चलते गरबा साधना के बजाय आधुनिक कपड़ों, गहनों और टैटू के प्रदर्शन का माध्यम बनता जा रहा है। गौरतलब है कि गरबा पंडालों में पहचान के आधार पर प्रवेश को लेकर उषा ठाकुर पहले भी बयान दे चुकी हैं। वर्ष 2022 में उन्होंने गरबा आयोजकों से पहचान पत्र देखकर प्रवेश देने की अपील की थी और कहा था कि किसी को अपनी पहचान छिपाकर गरबा पांडाल में प्रवेश नहीं करना चाहिए।
छात्रों की गूंज’ प्रायोजित कार्यक्रम
राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर भी उषा ठाकुर ने निशाना साधा। उषा ठाकुर ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को प्रायोजित बताया। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश के छात्र और युवा बेहद बुद्धिमान हैं और वे सत्य और असत्य के बीच अंतर समझते हैं। ठाकुर ने दावा किया कि युवा अपने विवेक से राष्ट्रवादी संगठनों और राष्ट्रीय हित से जुड़े मुद्दों को देखते हुए निर्णय लेते हैं। मालवा-निमाड़ की राजनीति और आगामी चुनावों में सीटों के बदलाव पर कार्यक्रम के असर को लेकर पूछे गए सवाल पर उषा ठाकुर ने कहा कि इस कार्यक्रम से क्षेत्र की राजनीति पर कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा।

पीएम की मिमिक्री को लेकर आपत्ति
कार्यक्रम के दौरान हुए गानों, डांस और कॉमेडियन द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री को लेकर भी ठाकुर ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के बीच होने वाले कार्यक्रमों में नैतिकता, राष्ट्रवाद और कर्तव्यनिष्ठा जैसे विषयों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उषा ठाकुर ने मंच से प्रधानमंत्री के उपहास और ‘मां’ जैसे पवित्र शब्द के कथित इस्तेमाल को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जैसे जिम्मेदार नेता की मौजूदगी में इस तरह की प्रस्तुति होना दुखद है। ठाकुर के मुताबिक इस तरह की प्रस्तुतियां कांग्रेस की संस्कृति और संस्कारों को दर्शाती हैं।


