BBA की छात्रा को पीटने वाली एक लड़की की अग्रिम जमानत खारिज : तीन फरार, युवक को भेजा जेल
Satna Viral Video : आरोपी रिया मिश्रा की तरफ से न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की गई। पीड़िता की तरफ से अधिवक्ता विकास पांडेय ने पैरवी की।
Satna Viral Video : मध्य प्रदेश। सतना के नगर वन के पास ले जाकर बीबीए की छात्रा के साथ चार लड़कियों के द्वारा की गई मारपीट की घटना में शामिल एक आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। तीन आरोपी लड़कियां फरार चल रही हैं। पूरे घटना का सूत्रधार बताया जा रहा एक युवक पूर्व में ही गिरफ्तार कर सेंट्रल जेल भेजा जा चुका है।
वीडियो वायरल होने पर दर्ज हुई थी FIR
अपने मामा के घर रहकर निजी कॉलेज में पढाई कर रही है। बीबीए की छात्रा को उसकी चार सहेलियों के द्वारा कोलगवां थाना क्षेत्र के नगर वन के पास नकाबपोश होकर लात-घूसों और डंडे से बेरहमी से मारपीट की गई। मारपीट करने वाली लड़कियोंं के द्वारा छात्रा को एक निजी कॉलेज के छात्र श्रवण से बातचीत के लिए धमकाया गया।
वीडियो काल से माफी मंगवाई गई। एक लड़की ने मारपीट का लाइव परिजनो को दिखाया। मारपीट बीबीए की छात्रा के साथ पांच अगस्त को घटित हुई। वीडियो वायरल होने पर 12 सितम्बर को मामला पुलिस के पास पहुंचा।


बाद में आरोपी बनाया गया था श्रवण
12 सितम्बर को पीड़ित छात्रा की शिकायत पर कोलगवां थाना में अपराध क्र. 1283/26 धारा 296बी, 115(2), 351 (3), 3(5)बीएनएस के तहत प्र्रकरण दर्ज किया गया। विवेचना के उपरांत प्रकरण में धारा 74, 75(2) (3), 78(2), 79, 61(2), 140(3) का इजाफा किया गया।
पहले खुशी पांडेय निवासी टिकुरिया टोला, अंजली सिंह निवासी धवारी, रीमा भोजवानी सिंधी कैम्प और रिया मिश्रा को आरोपी बनाया गया। विवेचना के उपरांत श्रवण सेन को आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। चारों लड़कियों और श्रवण का मोबाइल जब्त कर जांच के लिए साइबर सेल भेजा गया।
गंभीर प्रकृति का है अपराध
आरोपी रिया मिश्रा की तरफ से न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की गई। पीड़िता की तरफ से अधिवक्ता विकास पांडेय ने पैरवी की। बताया गया कि सुनवाई करते हुए कहा गया कि आरोपी के विरुद्ध अन्य सह आरोपीगण के साथ फरियादी (पीड़िता) का अपहरण करने, उसके साथ मारपीट करने, धमकी देने और सह आरोपी से शारीरिक संबंध बनाए जाने तथा उसके साथ संबंध बनाए रखने का अभियोग है।
अपराध गंभीर प्रकृति का है। प्रकरण में ऐसे कोई तथ्य दर्शित नही है कि आवेदिका/आरोपी को अपराध में असत्य रूप से संलिप्त किया गया हो। प्रकरण विवेचना में हो। मामले की समस्त परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए अग्रिम जमानत का लाभ दिया जाना उचित प्रतीत नहीं होता। ऐसी स्थिति में आवेदिका /आरोपी रिया मिश्रा की तरफ से प्रस्तुत अग्रिम जमानत आवेदन निरस्त किया जाता है।

