Dental Care Tips: जानें दांतों में क्यों होती है झनझनाहट? इन आसान टिप्स से मिलेगी राहत
दांतों में झनझनाहट और ठंडा-गर्म खाने पर दर्द होने की समस्या से राहत पाने के लिए सही टूथपेस्ट, सॉफ्ट ब्रश और खानपान की आदतों का ध्यान रखना जरूरी है। जानिए टूथ सेंसिटिविटी के कारण, इसे कम करने के आसान उपाय और किन लक्षणों में दंत चिकित्सक से जांच करानी चाहिए।
Dental Care Tips: ठंडा पानी पीते ही दांतों में तेज झनझनाहट होना, गर्म चाय पीने पर दर्द महसूस करना या मिठाई खाते समय दांतों में सिहरन उठना एक आम समस्या है। इसे दांतों की संवेदनशीलता यानी टूथ सेंसिटिविटी कहा जाता है। अक्सर दांतों की ऊपरी परत कमजोर होने, मसूड़ों के पीछे हटने या कैविटी के कारण ऐसा होता है। हालांकि, कुछ जरूरी आदतों में बदलाव करके इस परेशानी को कम करने में मदद मिल सकती है।
खाने-पीने की आदतों में करें छोटे बदलाव
अगर ठंडा पानी, आइसक्रीम या गर्म चाय पीने से दांतों में झनझनाहट होती है, तो कुछ समय तक बहुत ठंडी और गर्म चीजों से बचें। सामान्य तापमान वाले पानी का सेवन करें और खाने को बहुत गर्म होने पर थोड़ा ठंडा करके खाएं।

इसके अलावा, बार-बार खट्टे खाद्य पदार्थ और एसिड वाले पेय पीने से बचें, क्योंकि इनसे दांतों की बाहरी परत यानी इनेमल को नुकसान पहुंच सकता है।
सही टूथपेस्ट से मिल सकती है राहत
सेंसिटिव दांतों के लिए तैयार टूथपेस्ट झनझनाहट कम करने में मदद कर सकता है। पोटैशियम नाइट्रेट या स्टैनस फ्लोराइड जैसे तत्वों वाले टूथपेस्ट दांतों की संवेदनशीलता को कम करने में उपयोगी हो सकते हैं। इनका असर नियमित इस्तेमाल के बाद धीरे-धीरे दिखाई देता है। इसलिए टूथपेस्ट चुनते समय उसकी पैकिंग पर दिए निर्देश पढ़ें और जरूरत पड़ने पर दंत चिकित्सक की सलाह लें।
ब्रश करते समय न करें ये गलती
कई लोग दांतों को ज्यादा साफ करने के लिए ब्रश पर जरूरत से ज्यादा दबाव डालते हैं। ऐसा करने से दांतों का इनेमल घिस सकता है और मसूड़े पीछे हट सकते हैं, जिससे संवेदनशीलता बढ़ने का खतरा रहता है।

इससे बचने के लिए मुलायम ब्रिसल वाला टूथब्रश इस्तेमाल करें और हल्के हाथों से सफाई करें। दिन में दो बार फ्लोराइड वाले टूथपेस्ट से ब्रश करना दांतों की सुरक्षा के लिए फायदेमंद है।
खट्टा खाने के बाद तुरंत न करें ब्रश
नींबू, संतरा और अन्य खट्टे खाद्य पदार्थों में मौजूद एसिड दांतों की सतह को कुछ समय के लिए नरम कर सकता है। ऐसे में तुरंत ब्रश करने से इनेमल को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ सकती है। खट्टा खाने के बाद सादे पानी से कुल्ला करें और ब्रश करने से पहले करीब 30 से 60 मिनट इंतजार करें। इससे दांतों की ऊपरी परत को सुरक्षित रखने में मदद मिल सकती है।
कब जरूरी है दंत चिकित्सक से जांच कराना?
अगर दांतों में झनझनाहट लगातार बनी रहती है, एक ही दांत में तेज दर्द होता है या बिना ठंडा-गर्म खाए भी परेशानी महसूस होती है, तो इसे नजरअंदाज न करें। कैविटी, दांत में दरार या मसूड़ों की बीमारी भी इसकी वजह हो सकती है। घरेलू उपाय हर समस्या का इलाज नहीं हैं। सही कारण का पता लगाने और उचित उपचार के लिए दंत चिकित्सक से जांच कराना जरूरी है।

