'रामायण' के मेकर्स का बड़ा दांव: राष्ट्रपति भवन में होगी स्क्रीनिंग, क्या विवादों से बच जाएगी फिल्म?

रणबीर कपूर की 'रामायण' की 5 नवंबर को राष्ट्रपति भवन में स्पेशल स्क्रीनिंग की तैयारी की खबर है. जानिए 'आदिपुरुष' विवाद और रामलीला महासंघ की मांग से जुड़ी पूरी कहानी.

'रामायण' के मेकर्स का बड़ा दांव: राष्ट्रपति भवन में होगी स्क्रीनिंग, क्या विवादों से बच जाएगी फिल्म?

Ramayana Special Screening: रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) की फिल्म रामायण रिलीज से पहले ही चर्चा में है. फिल्म को लेकर एक तरफ दर्शकों में उत्सुकता है, तो दूसरी तरफ 'आदिपुरुष' के विवाद के बाद धार्मिक संगठनों की निगाहें भी इस पर टिकी हैं. इसी बीच खबर है कि मेकर्स 5 नवंबर को फिल्म की ग्लोबल रिलीज के दिन राष्ट्रपति भवन में इसकी स्पेशल स्क्रीनिंग कराने की तैयारी कर रहे हैं. हालांकि, अभी इस आयोजन की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. 

राष्ट्रपति भवन में दिखाई जाएगी रणबीर कपूर की 'रामायण'?

मिड-डे की रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म के निर्माता Namit Malhotra की टीम राष्ट्रपति भवन में स्पेशल स्क्रीनिंग के लिए जरूरी मंजूरियां लेने में जुटी है. इस स्क्रीनिंग में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू समेत राजनीतिक हस्तियों और मंत्रियों के शामिल होने की संभावना जताई गई है.

रिपोर्ट के मुताबिक, Ranbir Kapoor, साई पल्लवी, यश और निर्देशक नितेश तिवारी भी इस कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं. हालांकि, मेहमानों की मौजूदगी और आयोजन की अंतिम रूपरेखा की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है.  मेकर्स मुंबई के नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर और दिल्ली में भी प्रीमियर आयोजित करने की तैयारी कर रहे हैं.  ऐसे में फिल्म की रिलीज से पहले कई बड़े आयोजनों की संभावना है.

'आदिपुरुष' के विवाद से क्यों सतर्क हैं मेकर्स?

'Ramayana' को लेकर चर्चा सिर्फ इसकी स्टारकास्ट और भव्यता तक सीमित नहीं है. फिल्म के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है, रामायण की कहानी और पात्रों को पर्दे पर इस तरह पेश करना कि दर्शकों की धार्मिक भावनाओं को लेकर विवाद न खड़ा हो.

साल 2023 में रिलीज हुई प्रभास की फिल्म 'आदिपुरुष' को संवादों, किरदारों के चित्रण और प्रस्तुति को लेकर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था. इस विवाद के बाद पौराणिक कहानियों पर बनने वाली फिल्मों को लेकर दर्शकों की अपेक्षाएं और संवेदनशीलता चर्चा में रही हैं.

रामलीला महासंघ ने मेकर्स से क्या मांग की थी?

अगस्त 2026 में श्री रामलीला महासंघ ने 'रामायण' के मेकर्स को पत्र लिखकर फिल्म की रिलीज से पहले अपने प्रतिनिधिमंडल के लिए स्पेशल स्क्रीनिंग की मांग की थी.

संगठन की कहना था कि वह फिल्म में ऐसे दृश्यों या संवादों की पहचान करना चाहता हैं. जिनसे धार्मिक भावनाएं आहते होने की आशंका हो. महासंघ ने 'आदिपुरुष' के विवाद का हवाला देते हुए मांग पूरी नहीं होने पर दिल्ली समेत देश के दूसरे हिस्सों में सिनेमाघरों के बाहर प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी थी. फिलहाल, उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, महासंघ के पत्र पर मेकर्स की ओर से कोई सार्वजनिक जवाब सामने नहीं आया था. 

क्या विवादों से बच पाएगी 'रामायण'?

राष्ट्रपति भवन में प्रस्तावित स्क्रीनिंग फिल्म की लॉन्चिंग को खास बना सकती है.लेकिन इसे विवादों से बचने की रणनीति कहना अभी जल्दबाजी होगी. स्क्रीनिंग की आधिकारिक पुष्टि भी नहीं हुई है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि इससे फिल्म को लेकर उठाई गई आपत्तियों पर क्या असर पड़ेगा.

आखिरकार फिल्म को लेकर दर्शकों की प्रतिक्रिया उसकी कहानी, संवादों, किरदारों के चित्रण और सिनेमाई प्रस्तुति पर निर्भर करेगी.'रामायण' 5 नवंबर 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है. अब देखना होगा कि रिलीज से पहले की ये तैयारियां फिल्म के लिए कितना सकारात्मक माहौल बना पाती हैं.