Dengue Case : दिल्ली में डेंगू के 597 केस, जानें कैसे फैलता है और कैसे करें बचाव
Dengue Case : दिल्ली में डेंगू के मामले बढ़कर 597 पहुंच गए हैं। बदलते मौसम के बीच डेंगू का खतरा बढ़ रहा है। जानिए डेंगू कैसे फैलता है, इसके प्रमुख लक्षण क्या हैं, मच्छरों से बचाव के लिए क्या उपाय करने चाहिए और डेंगू होने पर किन बातों का खास ध्यान रखना जरूरी है।
Dengue Case : लाइफस्टाइल डेस्क। दिल्ली में डेंगू के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। नगर निगम की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल अब तक राजधानी में 597 डेंगू केस दर्ज हो चुके हैं, जिनमें सितंबर में ही 286 मामले सामने आए। बदलते मौसम और बारिश के बाद मच्छरों की संख्या बढ़ने से डेंगू का खतरा भी बढ़ जाता है। इस आर्टिकल में जानिए डेंगू कैसे फैलता है, इसके प्रमुख लक्षण क्या हैं, मच्छरों से बचाव के लिए क्या उपाय करने चाहिए और डेंगू होने पर किन बातों का खास ध्यान रखना जरूरी है।
डेंगू कैसे फैलता है? जानें वजह
डेंगू संक्रमित एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। जब मच्छर किसी व्यक्ति को काटता है, तो वायरस उसके शरीर में पहुंच जाता है। इसके बाद यही संक्रमित मच्छर दूसरे व्यक्ति को काटने पर उसे भी संक्रमित कर सकता है। एडीज मच्छर दिन के समय भी काट सकता है। घर के आसपास जमा साफ पानी में इन मच्छरों के पनपने की संभावना रहती है। इसलिए कूलर, गमले, टंकी, पुराने टायर और ऐसी जगहों पर खास ध्यान देना चाहिए जहां पानी जमा हो सकता है।
मच्छरों से बचने के ये आसान उपाय
डेंगू से बचने का सबसे प्रभावी तरीका मच्छरों के काटने से बचना और उनके पनपने की जगहों को खत्म करना है। घर में या आसपास पानी जमा न होने दें और कूलर व पानी के बर्तनों को नियमित रूप से साफ करें। मच्छरों से बचने के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनें, सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें और जरूरत के अनुसार मच्छर भगाने वाले साधनों का उपयोग करें। खिड़की-दरवाजों पर जाली लगाना भी मददगार हो सकता है।
डेंगू हो जाए तो क्या करना चाहिए?
डेंगू के लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से जांच और सलाह लेना जरूरी है। इस दौरान पर्याप्त आराम करें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। बुखार और दर्द के लिए डॉक्टर की सलाह के अनुसार पैरासिटामोल का इस्तेमाल किया जा सकता है। डेंगू में बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं नहीं लेनी चाहिए, डेंगू का कोई विशेष एंटीवायरल इलाज नहीं है, इसलिए उपचार मुख्य रूप से लक्षणों और शरीर में पानी की कमी को नियंत्रित करने पर आधारित होता है।
इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
डेंगू में तेज बुखार के साथ सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, मतली, उल्टी और त्वचा पर लाल चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कमजोरी और थकान भी महसूस हो सकती है। अगर तेज पेट दर्द, लगातार उल्टी, नाक या मसूड़ों से खून आना, उल्टी या मल में खून, तेज सांस चलना, अत्यधिक कमजोरी या बेचैनी जैसे संकेत दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
बुखार उतरने के बाद भी रहें सतर्क
डेंगू में एक जरूरी बात यह है कि गंभीर स्थिति के चेतावनी संकेत अक्सर बुखार कम होने के बाद दिखाई दे सकते हैं। इसलिए बुखार उतरने का मतलब यह नहीं है कि खतरा पूरी तरह खत्म हो गया। बुखार कम होने के बाद भी डॉक्टर की सलाह के अनुसार निगरानी जारी रखें। किसी भी गंभीर लक्षण के सामने आने पर देरी न करें और तुरंत अस्पताल या डॉक्टर से संपर्क करें।

