IFS को एक और झटका: अब कलेक्टर की बैठक में खुद हाजिर होंगे DFO, प्रतिनिधि भेजकर नहीं चलेगा काम
मध्यप्रदेश में सामान्य वनमंडल के DFO को अब कलेक्टर की समय-सीमा बैठक में खुद उपस्थित होना होगा. अधीनस्थ अधिकारी को प्रतिनिधि बनाकर भेजने की अनुमति नहीं होगी.
भोपाल। मध्यप्रदेश के वन विभाग में वनमंडलाधिकारियों (DFO) की कार्यप्रणाली को लेकर अहम प्रशासनिक निर्देश जारी किए गए हैं. अब सामान्य वनमंडल के DFO को कलेक्टर की समय-सीमा बैठक (T.L. Meeting) में खुद मौजूद रहना होगा. DFO अपनी जगह किसी अधीनस्थ अधिकारी या कर्मचारी को प्रतिनिधि बनाकर बैठक में नहीं भेज सकेंगे.
वन विभाग की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि जिले के सामान्य वनमंडल के सभी वनमंडलाधिकारी कलेक्टर की समय-सीमा बैठक में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना सुनिश्चित करें. बैठक में DFO की जगह किसी अधीनस्थ अमले को भेजने की अनुमति नहीं होगी.
जिला प्रशासन और वन विभाग के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
इस निर्देश का उद्देश्य जिला प्रशासन और वन विभाग के बीच समन्वय को और बेहतर करना बताया गया है. कई विकास कार्यों में वनभूमि से जुड़े प्रकरण सामने आते हैं. ऐसे मामलों में संबंधित विभागों के बीच समय पर समन्वय नहीं होने से प्रक्रिया में देरी होती है. अब ऐसे मामलों में DFO को संबंधित विभाग से तत्काल संपर्क कर प्रकरण के निराकरण की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.

विकास कार्यों में वनभूमि प्रभावित होने पर तेजी से होगी कार्रवाई
निर्देशों में विकास कार्यों से जुड़े उन मामलों को प्राथमिकता देने को कहा गया है, जिनमें वनभूमि प्रभावित हो रही है. ऐसे प्रकरणों में DFO को संबंधित विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर आवश्यक कार्रवाई और समन्वय सुनिश्चित करना होगा.
इसके अलावा वन विभाग से जुड़े ऐसे मामले, जिनका संबंध जिला प्रशासन या किसी दूसरे विभाग से है, उनका भी आपसी समन्वय से निराकरण कराने के निर्देश दिए गए हैं.
DFO की बढ़ेगी जवाबदेही
DFO वन विभाग का महत्वपूर्ण मैदानी अधिकारी होता है. ऐसे में कलेक्टर की समय-सीमा बैठक में उसकी अनिवार्य व्यक्तिगत मौजूदगी को जिला प्रशासन और वन विभाग के बीच समन्वय मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
इससे विकास कार्यों, वनभूमि से जुड़े मामलों और विभागीय समन्वय के प्रकरणों में DFO की सीधी जवाबदेही बढ़ने की संभावना है.
अब प्रतिनिधि भेजने की छूट नहीं
निर्देशों में यह बात स्पष्ट कर दी गई है कि कलेक्टर की समय-सीमा बैठक में DFO की जगह किसी अधीनस्थ अधिकारी या कर्मचारी को प्रतिनिधि के तौर पर नहीं भेजा जा सकेगा. सामान्य वनमंडल के DFO को स्वयं बैठक में उपस्थित होना होगा और संबंधित मामलों में आवश्यक समन्वय करना होगा. वन विभाग ने इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा है.

