Ujjain Kinnar Aghori Video : उज्जैन में जलती चिता से कथित मांस निकालने का वीडियो वायरल, संत समाज ने जताई नाराजगी

Ujjain Kinnar Aghori Video : वीडियो किन्नर अखाड़े से जुड़ी काली उर्फ नंद गिरि ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया है। वीडियो सामने आने के बाद संत समाज और आम लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।

Ujjain Kinnar Aghori Video : उज्जैन में जलती चिता से कथित मांस निकालने का वीडियो वायरल, संत समाज ने जताई नाराजगी

Ujjain Kinnar Aghori Video : मध्य प्रदेश उज्जैन के चक्रतीर्थ श्मशान घाट से एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में किन्नर अघोरी के रूप में नजर आ रही महिला जलती चिता के पास जाती दिखाई दे रही है। आरोप है कि उसने चिता से कथित रूप से मानव मांस का टुकड़ा निकाला और उसे खाया। वीडियो किन्नर अखाड़े से जुड़ी काली उर्फ नंद गिरि ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया है। वीडियो सामने आने के बाद संत समाज और आम लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। कई लोगों ने मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है।

तलवार से चिता के अंदर कुछ निकालने का दावा

वायरल वीडियो में काली उर्फ नंद गिरि हाथ में तलवार लिए दिखाई देती हैं। वीडियो में वह इंसान को खाने की बात करती नजर आती हैं। इसके बाद वह चक्रतीर्थ श्मशान घाट में जलती चिता के पास पहुंचती हैं। वह कुछ मंत्र बोलने के बाद तलवार को चिता के अंदर डालती दिखाई देती हैं।

इसके बाद वह कथित रूप से कोई मांस जैसा टुकड़ा निकालती हैं और उसे खाने का दावा करती हैं। हालांकि, वीडियो में दिखाई दे रही सामग्री वास्तव में मानव अवशेष है या नहीं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया वीडियो

बताया गया है कि यह वीडियो काली उर्फ नंद गिरि ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया था। वीडियो में वह कथित मांस को गर्म और स्वादिष्ट बताती हुई सुनाई देती हैं। वह लोगों को उनसे बचकर रहने की चेतावनी भी देती हैं।

वीडियो के अंत में वह पेट भरने की बात करती हैं। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर इसको लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई यूजर्स ने इसे बेहद आपत्तिजनक और अमानवीय बताया है।

संत समाज ने अघोर परंपरा की मर्यादा का मुद्दा उठाया

वीडियो सामने आने के बाद संत समाज के कुछ लोगों ने इस पर आपत्ति जताई है। महामंडलेश्वर शैलेशानंद गिरि ने कहा कि अघोर परंपरा की अपनी मर्यादा होती है। उनके अनुसार तंत्र से जुड़ी क्रियाओं को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि धार्मिक और आध्यात्मिक परंपराओं का इस्तेमाल निजी प्रचार या प्रतिष्ठा के लिए नहीं होना चाहिए। उन्होंने इस तरह की गतिविधियों को समाज के सामने गलत संदेश देने वाला बताया।

अघोरी अखाड़े ने पुलिस से शिकायत की

मामले में अघोरी अखाड़े के पीठाधीश्वर और राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़ेश्वरी अघोरी बाबा विष्णुनाथ की ओर से पुलिस में शिकायत किए जाने की बात सामने आई है। शिकायत में सनातन और अघोर परंपरा के नाम पर कथित रूप से पाखंड फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।

शिकायतकर्ता के अनुसार वीडियो में महिला जलती चिता के पास जाकर धारदार हथियार से चिता की सामग्री के साथ छेड़छाड़ करती दिखाई दे रही है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वीडियो में दिखाई गई सामग्री क्या थी और घटना में वास्तव में क्या हुआ।

BNS की धारा 301 का किया हवाला

शिकायत में भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 301 का भी हवाला दिया गया है। यह प्रावधान कब्रिस्तान, श्मशान या शव रखने की जगह पर गलत इरादे से प्रवेश करने और मानव शव या उसके अवशेषों के साथ अनादर या छेड़छाड़ से जुड़े मामलों में लागू हो सकता है।

खास परिस्थितियों में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे का भी सवाल उठ सकता है। शिकायत में कहा गया है कि यदि वीडियो में वास्तविक मानव अवशेष हैं और उनके साथ जानबूझकर छेड़छाड़ की गई है, तो कानूनी कार्रवाई की स्थिति बन सकती है।

गंभीर अपराध के सबूत मिटाने पर अलग प्रावधान

मामले में BNS की धारा 238 का भी उल्लेख किया गया है। यह प्रावधान किसी गंभीर अपराध के सबूत को गायब करने या अपराधी को बचाने के प्रयास से जुड़े मामलों में लागू हो सकता है।

हालांकि इस मामले में यह धारा लागू होगी या नहीं, यह जांच के तथ्यों पर निर्भर करेगा। फिलहाल वायरल वीडियो के आधार पर लगाए जा रहे आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। पुलिस जांच के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति और जिम्मेदारी तय हो सकेगी।