BRICS समिट के बीच मोदी-पुतिन की मुलाकात, Su-57 से लेकर S-400 तक रक्षा डील पर नजर

Modi-Putin meeting on BRICS summit : BRICS समिट के बीच पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत मंडपम में द्विपक्षीय बैठक हुई। Su-57, S-400, BrahMos-NG और भारत-रूस व्यापार को लेकर अहम चर्चा की संभावना है।

BRICS समिट के बीच मोदी-पुतिन की मुलाकात, Su-57 से लेकर S-400 तक रक्षा डील पर नजर

Modi-Putin meeting on BRICS summit : BRICS समिट में शामिल होने भारत पहुंचे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच भारत मंडपम में द्विपक्षीय बैठक हुई। पीएम मोदी ने पुतिन का गले लगाकर गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने रूसी राष्ट्रपति को तमिल के प्रसिद्ध ग्रंथ 'तिरुक्कुरल' का रूसी भाषा में अनुवाद भी भेंट किया।

बैठक के बाद दोनों नेता एक ही कार में सवार होकर इंडस्ट्रियल एग्जीबिशन देखने पहुंचे। मोदी और पुतिन के बीच करीब 45 मिनट तक बातचीत हुई। हालांकि, बैठक में किन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

Su-57 फाइटर जेट पर हो सकती है बड़ी डील

मोदी-पुतिन मुलाकात को रक्षा सहयोग के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत और रूस के बीच Su-57 स्टेल्थ फाइटर जेट को लेकर बातचीत आगे बढ़ सकती है। रूस भारत को Su-57 उपलब्ध कराने के साथ ही इसके निर्माण और तकनीक से जुड़े सहयोग का प्रस्ताव भी दे चुका है। यह रूस का एडवांस स्टेल्थ फाइटर जेट है, जिसे रडार से बच निकलने की क्षमता के लिए जाना जाता है। अगर इस सौदे पर सहमति बनती है तो भारतीय वायुसेना की ताकत में बड़ा इजाफा हो सकता है। इसके अलावा रूस से मिलने वाली S-400 मिसाइल सिस्टम की बाकी खेप और एडवांस BrahMos-NG मिसाइल को लेकर भी दोनों देशों के बीच चर्चा की संभावना है।

100 अरब डॉलर के कारोबार का लक्ष्य

रक्षा के साथ-साथ भारत और रूस के बीच आर्थिक सहयोग भी बैठक का अहम मुद्दा हो सकता है। दोनों देश 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं। इसके लिए उद्योग, रेलवे, स्टील और टनलिंग जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हो सकती है। भारतीय कंपनियों के लिए रूसी बाजार में नए अवसर तलाशने के साथ परमाणु ऊर्जा, क्रिटिकल मिनरल्स, कुशल कामगारों और उर्वरक जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर भी जोर रहने की संभावना है।

पुतिन ने मोदी को रूस आने का न्योता दिया

मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 24वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए रूस आने का न्योता दिया। पीएम मोदी ने इस निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, शिखर सम्मेलन की तारीख दोनों देशों की आपसी सहमति से राजनयिक माध्यमों के जरिए तय की जाएगी।

पुतिन को क्यों भेंट की गई 'तिरुक्कुरल'?

बैठक से पहले पीएम मोदी ने पुतिन को तमिल कवि और दार्शनिक तिरुवल्लुवर की प्रसिद्ध रचना 'तिरुक्कुरल' का रूसी अनुवाद भेंट किया। 'तिरुक्कुरल' में कुल 1,330 दोहे हैं। इनमें नैतिक जीवन, शासन, अर्थव्यवस्था, प्रेम और मानवीय मूल्यों से जुड़े विचार मिलते हैं। इसे तमिल साहित्य की सबसे महत्वपूर्ण रचनाओं में गिना जाता है। इस ग्रंथ का कई भाषाओं में अनुवाद हो चुका है। साल 2026 में इसका रूसी भाषा में अनुवाद भी प्रकाशित हुआ है।