IAS Nidhi Nivedita : IAS निधि निवेदिता के आदेश पर विवाद, MP सरकार ने पलटा पूरा फैसला
IAS Nidhi Nivedita : निधि निवेदिता का 5 सितंबर को तबादला हो गया था। इसके बाद 9 सितंबर को सरकार ने IAS के कार्य विभाजन बदलाव के आदेश को निरस्त कर दिया।
IAS Nidhi Nivedita : भोपाल। मध्य प्रदेश के महिला एवं बाल विकास विभाग में आईएएस अधिकारी निधि निवेदिता के एक आदेश को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विभाग की आयुक्त रहते हुए उन्होंने अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव का आदेश जारी किया था। सरकार ने अब इस आदेश को निरस्त कर दिया है। फैसले के बाद विभाग में अधिकारियों के बीच चल रही खींचतान भी चर्चा में आ गई है।
3 सितंबर को बदली गई थीं जिम्मेदारियां
निधि निवेदिता ने 3 सितंबर को विभाग के कई अधिकारियों के काम में बदलाव किया था। आदेश में अपर संचालक, संयुक्त संचालक, उप संचालक और सहायक संचालक स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई थीं। कुछ अधिकारी लंबे समय से एक ही काम संभाल रहे थे। कार्य विभाजन में उनकी जिम्मेदारियों में भी बदलाव किया गया था।
तबादले के बाद सामने आया आदेश
निधि निवेदिता का 5 सितंबर को तबादला हो गया था। इसके बाद 8 सितंबर को उनके द्वारा जारी कार्य विभाजन आदेश सामने आया। अगले दिन 9 सितंबर को सरकार ने इस आदेश को निरस्त कर दिया। सरकार के स्तर पर आदेश की समीक्षा के बाद यह कदम उठाया गया।
सरकार ने अधिकार क्षेत्र पर उठाया सवाल
सरकारी स्तर पर यह बात सामने आई कि कार्य विभाजन का आदेश जारी करते समय अधिकार क्षेत्र से जुड़ा सवाल पैदा हुआ था। इसके बाद अपर मुख्य सचिव स्तर से आदेश को रद्द किया गया। महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने भी आदेश निरस्त किए जाने की पुष्टि की थी।
अक्षय श्रीवास्तव के पास रहेगा पोषण आहार
कार्य विभाजन में पोषण आहार से जुड़े काम में भी बदलाव किया गया था। इस जिम्मेदारी को लंबे समय से संभाल रहे अक्षय श्रीवास्तव का काम बदला जाना था। आदेश रद्द होने के बाद अब वह पहले की तरह पोषण आहार से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे।
दो अधिकारियों ने आदेश पर जताई आपत्ति
संयुक्त संचालक ऊषा सिंह सोलंकी और राजेश प्रताप सिंह ने कार्य विभाजन को लेकर सचिव को पत्र दिया था। दोनों अधिकारियों ने बताया कि वे वन सेवा से जुड़े अधिकारी हैं और उनकी जिम्मेदारियों में बदलाव का अधिकार शासन के पास है। उन्होंने आदेश को अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया और इसके पालन पर भी आपत्ति जताई।
अब पुरानी जिम्मेदारियां संभालेंगे अधिकारी
मामले की समीक्षा के बाद सरकार ने निधि निवेदिता का कार्य विभाजन आदेश रद्द कर दिया। इसके बाद विभाग के अधिकारी अपनी पहले वाली जिम्मेदारियां संभालते रहेंगे। इस फैसले ने विभाग में प्रशासनिक अधिकारों और कार्य विभाजन को लेकर चल रही चर्चा को और तेज कर दिया है।

