BJP ने मोर्चों के प्रभारी किए नियुक्त, हरीश द्विवेदी को युवा मोर्चा और सतीश पूनिया को ST मोर्चे की जिम्मेदारी, लिस्ट में MP के दो नाम
बीजेपी ने विभिन्न मोर्चों के नए प्रभारियों की नियुक्ति की है. हरीश द्विवेदी को युवा मोर्चा, सतीश पूनिया को ST मोर्चा और डी पुरंदेश्वरी को महिला मोर्चा की जिम्मेदारी मिली है.
BJP Morcha In-Charge: भारतीय जनता पार्टी ने अपने अलग-अलग मोर्चों के लिए नए प्रभारियों की नियुक्ति कर दी है. पार्टी ने पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी को युवा मोर्चा का प्रभारी बनाया है. वहीं डी. पुरंदेश्वरी को महिला मोर्चा, सतीश पूनिया को अनुसूचित जनजाति (ST) मोर्चा और संजय भाटिया को अनुसूचित जाति (SC) मोर्चा की जिम्मेदारी दी गई है.
बीजेपी के इस संगठनात्मक फेरबदल को पार्टी के अलग-अलग सामाजिक वर्गों और युवा मतदाताओं के बीच संगठन को मजबूत करने की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है.
किसे कौन-सा मोर्चा मिला?
बीजेपी की ओर से घोषित जिम्मेदारियों के मुताबिक:
- युवा मोर्चा: हरीश द्विवेदी
- महिला मोर्चा: डी. पुरंदेश्वरी
- किसान मोर्चा: लाल सिंह आर्य
- अनुसूचित जनजाति (ST) मोर्चा: सतीश पूनिया
- अनुसूचित जाति (SC) मोर्चा: संजय भाटिया
- ओबीसी मोर्चा: बैजयंत पांडा
- अल्पसंख्यक मोर्चा: गजेंद्र पटेल
- हरीश द्विवेदी को युवा मोर्चे की जिम्मेदारी
बस्ती से पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी को बीजेपी ने युवा मोर्चे का प्रभारी बनाया है. इससे पहले अगस्त में घोषित बीजेपी की राष्ट्रीय टीम में उन्हें राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी भी दी गई थी. द्विवेदी 2014 में बस्ती से लोकसभा चुनाव जीतकर पहली बार संसद पहुंचे थे. अब युवा मोर्चे की जिम्मेदारी मिलने के बाद संगठन में उनकी भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है.
सतीश पूनिया को ST मोर्चे का प्रभार
राजस्थान के वरिष्ठ बीजेपी नेता सतीश पूनिया को अनुसूचित जनजाति मोर्चे की जिम्मेदारी दी गई है. पूनिया को पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम में राष्ट्रीय महामंत्री भी बनाया गया है.
संगठन को मजबूत करने की कोशिश
बीजेपी की नई नियुक्तियों में अलग-अलग राज्यों और सामाजिक समूहों को प्रतिनिधित्व दिया गया है. पार्टी ने अगस्त में नितिन नबीन के नेतृत्व में अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान किया था, जिसमें 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और 8 राष्ट्रीय महामंत्री समेत कई पदों पर बदलाव किए गए थे.
मोर्चों के प्रभारियों की नियुक्ति को इसी संगठनात्मक विस्तार का हिस्सा माना जा रहा है. युवा, महिला, किसान, SC, ST, OBC और अल्पसंख्यक वर्गों के बीच पार्टी की गतिविधियों को मजबूत करने में इन नेताओं की भूमिका अहम होगी.

