PRSU Students Protest : ATKT पर प्रदर्शन के बाद बड़ा आदेश, 5th सेमेस्टर में प्रवेश ; शर्तों के साथ परीक्षा भी देनी होगी
PRSU ATKT Admission : राज्य शासन ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बड़ा निर्णय लिया है। इसके तहत स्नातक के प्रथम और द्वितीय सेमेस्टर में ATKT वाले विद्यार्थियों को पांचवें सेमेस्टर में सशर्त प्रावधिक प्रवेश दिया जा सकेगा।
PRSU ATKT Admission : रायपुर। पं. रविशंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी में छात्र अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इनमें सबसे अहम मांग ATKT विद्यार्थियों को अगले शैक्षणिक चरण में प्रवेश देने की थी। छात्र प्रथम और द्वितीय सेमेस्टर में ATKT होने के कारण तीसरे वर्ष और पांचवें सेमेस्टर में प्रवेश नहीं मिलने का मुद्दा उठा रहे थे। इसी बीच उच्च शिक्षा विभाग ने ATKT को लेकर लिखित आदेश जारी कर दिया। इससे छात्रों की प्रमुख मांग पर शासन ने अपना फैसला स्पष्ट कर दिया है।
2026-27 सत्र के लिए सशर्त प्रवेश
राज्य शासन ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बड़ा निर्णय लिया है। इसके तहत स्नातक के प्रथम और द्वितीय सेमेस्टर में ATKT वाले विद्यार्थियों को पांचवें सेमेस्टर में सशर्त प्रावधिक प्रवेश दिया जा सकेगा। हालांकि, प्रवेश पाने वाले छात्रों को प्रथम और द्वितीय सेमेस्टर की ATKT परीक्षा पास करना जरूरी होगा। यह परीक्षा नियमित विद्यार्थियों के साथ तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजित की जाएगी। इस तरह छात्रों को आगे की पढ़ाई जारी रखने का मौका मिलेगा।

लिखित आदेश की मांग कर रहे थे छात्र
यूनिवर्सिटी में चल रहे प्रदर्शन के दौरान छात्र ATKT के अलावा सात अन्य मांगें भी उठा रहे थे। छात्रों का कहना था कि ATKT के कारण अगले वर्ष में प्रवेश रुकने से विद्यार्थियों का पूरा शैक्षणिक सत्र प्रभावित होता है।
वे इस व्यवस्था को लेकर सरकार और यूनिवर्सिटी से स्पष्ट दिशा-निर्देश मांग रहे थे। इसी दौरान उच्च शिक्षा विभाग का लिखित आदेश सामने आया। आदेश में पांचवें सेमेस्टर में सशर्त प्रवेश की अनुमति दी गई है।
ग्रेस मार्क्स और मूल्यांकन व्यवस्था में बदलाव की मांग
छात्रों ने परीक्षा व्यवस्था से जुड़ी कई मांगें भी रखी हैं। इनमें एक से पांच अंक तक कम पाने वाले विद्यार्थियों को ग्रेस मार्क्स देने की मांग शामिल है। छात्रों ने उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया में सुधार की भी मांग की है।
इसके अलावा मार्कशीट में नाम, ABC ID और सब्जेक्ट कोड जैसी तकनीकी गलतियों को ठीक करने के लिए ऑनलाइन सुविधा शुरू करने की मांग की गई है। छात्रों ने रिटोटलिंग के साथ रीचेकिंग और रीवैल्यूएशन का विकल्प देने की बात भी रखी है।
हॉस्टल, मेस और शिक्षकों से जुड़े मुद्दे भी उठे
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने यूनिवर्सिटी की सुविधाओं से जुड़े मुद्दे भी सामने रखे। उन्होंने जिंजर हॉस्टल की मरम्मत कराने और मेस व्यवस्था में सुधार की मांग की है। छात्रों ने नई शिक्षा नीति यानी NEP से जुड़े नियमों की जानकारी देने के लिए स्टूडेंट हेल्प डेस्क बनाने की मांग भी की है।
इसके साथ ही यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े कॉलेजों में पर्याप्त प्रोफेसर और शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की गई है। छात्रों का कहना है कि इन व्यवस्थाओं में सुधार से पढ़ाई का माहौल बेहतर होगा।
ATKT छात्रों के लिए अब क्या बदलेगा
सरकार के लिखित आदेश के बाद प्रथम और द्वितीय सेमेस्टर में ATKT वाले विद्यार्थी सत्र 2026-27 में पांचवें सेमेस्टर में सशर्त प्रवेश ले सकेंगे। हालांकि, यह राहत पूरी तरह स्थायी नहीं होगी। विद्यार्थियों को अपनी ATKT परीक्षा पास करनी होगी।
परीक्षा नियमित छात्रों के साथ तय कार्यक्रम के अनुसार होगी। यानी पांचवें सेमेस्टर में प्रवेश मिलने के बाद भी प्रथम और द्वितीय सेमेस्टर की ATKT क्लियर करना अनिवार्य रहेगा। इससे छात्रों को पढ़ाई जारी रखने का अवसर मिलेगा, जबकि लंबित विषयों को पास करने की जिम्मेदारी भी बनी रहेगी।

