दुबई में गूंजा MP का निवेश मॉडल: CM डॉ. मोहन यादव ने खोले निवेश के दरवाजे, AIM-2026 में निवेशकों को दिया मध्य प्रदेश आने का न्योता
दुबई वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में आयोजित हो रहा निवेश का महाकुंभ, मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के रास्ते, उद्योगपतियों-निवेशकों से मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सीधी बात
भोपाल/दुबई। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 7 सितंबर को दुबई वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में आयोजित 'एआईएम कांग्रेस-2026' (Annual Investment Meeting) में पहुंचे। उनका यह दुबई प्रवास मध्यप्रदेश में निवेश और रोजगार के रास्ते खोलेगा। यह सम्मेलन राज्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। इस सम्मेलन में सीएम डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों को भोपाल में आयोजित होने वाली ग्लोबल इंवेस्टर मीट (GIS)-2027 के लिए आमंत्रित किया। AIM कांग्रेस दुनिया के सबसे बड़े निवेश मंचों में से एक है। इस सम्मेलन में 180 से ज्यादा देशों के करीब 20,000 प्रतिनिधि हो रहे शामिल। यहां सरकारें, बड़े निवेशक, सोवरिन वेल्थ फंड्स और कंपनियां एक मंच पर आकर निवेश के मौकों पर चर्चा करती हैं।

ODOP और GIS उत्पादों की प्रदर्शनी का उद्घाटन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यहां बड़े निवेशकों और कंपनियों से सीधे मुलाकात की। एक ही जगह पर दुनिया भर के निवेशक मौजूद है। इसलिए यह मध्यप्रदेश के लिए बड़ा और किफायती अवसर है। उन्होंने पहले दिन यहां ताज दुबई के बिजनेस बे में आयोजित मध्यप्रदेश के वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) और भौगोलिक संकेतक (GIS) उत्पादों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उन्होंने प्रदर्शनी का उद्घाटन कर मध्यप्रदेश की समृद्ध हस्तशिल्प, हथकरघा और पारंपरिक कला विरासत को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित किया।
इस प्रदर्शनी में बैतूल का बेल मेटल क्राफ्ट, अशोकनगर की चंदेरी साड़ी, खरगोन के महेश्वर की महेश्वरी साड़ी, उज्जैन का बाटिक प्रिंट, भोपाल की जरी-जरदोजी तथा ग्वालियर कारपेट शामिल हैं। ये उत्पाद मध्यप्रदेश के पारंपरिक कौशल, सांस्कृतिक विविधता और निर्यात क्षमता का प्रतिनिधित्व करते हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य इन उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाना, अंतर्राष्ट्रीय खरीददारों से जोड़ना तथा कारीगरों के लिए नए आर्थिक अवसर सृजित करना है।
रस-अल-ख़ैमा के शासक से मुलाकात, निवेश पर चर्चा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने UAE में आयोजित AIM Congress के दौरान रस-अल-ख़ैमा के शासक एवं UAE की सुप्रीम काउंसिल के सदस्य हिज हाइनेस शेख सौद बिन सक़र अल क़ासिमी से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और हिज हाइनेस शेख सौद बिन सक़र अल क़ासिमी के बीच मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को लेकर सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश में निवेश के अनुकूल वातावरण और प्रदेश में उपलब्ध विभिन्न औद्योगिक और व्यावसायिक अवसरों की जानकारी दी। इस अवसर पर UAE में भारत के राजदूत श्री दीपक मित्तल भी उपस्थित रहे।

अरब संसद के अध्यक्ष से की अहम मुलाकात
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अहमद अल यामाही से मुलाकात की। उन्होंने अरब देशों और मध्यप्रदेश के बीच व्यापार, निवेश, कृषि, पर्यटन और शिक्षा के क्षेत्रों में व्यापक सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने अरब निवेशकों को मध्यप्रदेश के नवकरणीय ऊर्जा, औषधि निर्माण, चिकित्सा उपकरण, वस्त्र, लॉजिस्टिक्स, उन्नत विनिर्माण और शहरी अवसंरचना क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने मोहम्मद अहमद अल यामाही तथा उनके नेतृत्व वाले अरब व्यावसायिक प्रतिनिधिमंडल को मध्यप्रदेश का दौरा करने और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 में सहभागी बनने का आमंत्रण दिया।
पूरी खबर यहां पढ़ें - Dubai में Arab Parliament के अध्यक्ष से CM Dr. Mohan Yadav की मुलाकात, GIS 2027 का दिया न्योता
किसानों के लिए प्रतिबद्ध सीएम डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की यात्रा निवेश पर केंद्रित है। उनके नेतृत्व में मध्यप्रदेश एक ‘ग्लोबल निवेश गंतव्य’ के रूप में सामने आएगा। इससे GIS-2027 की तैयारी को भी मजबूती मिलेगी। दुबई अपनी जरूरत का 85% से ज्यादा खाना बाहर से मंगाता है। साल 2024 में UAE ने करीब 16.2 बिलियन डॉलर का खाद्य आयात किया, जो 2023 से 13.7% ज्यादा है। वहां की लगभग 89% आबादी प्रवासी है, जिसमें बड़ी संख्या में भारतीय हैं, इसलिए भारतीय अनाज, दाल और प्रोसेस्ड फूड की मांग लगातार बढ़ रही है। मध्यप्रदेश इस मांग को पूरा कर सकता है।
आर्थिक सर्वेक्षण 2025–26 के अनुसार मध्यप्रदेश दाल में देश में पहले, अनाज में दूसरे (13.04% हिस्सा), मक्का में पहले और गेहूं में दूसरे (20.78% हिस्सा) नंबर पर है। ‘सोया प्रदेश’ के नाम से मशहूर यह राज्य देश का करीब 60% सोयाबीन पैदा करता है। कार्यक्रम में लूलू ग्रुप के यूसुफ़ अली एमए के साथ बैठक इसी मौके को असली सौदों में बदलने का जरिया है। यह सबसे अहम बात है। दुबई जैसा पक्का निर्यात बाजार मिलने से मध्यप्रदेश के किसानों को उनकी फसल के बेहतर दाम मिलेंगे। साथ ही कोल्ड चेन, ग्रेडिंग और फूड प्रोसेसिंग में निवेश आएगा। इस बड़े बाजार का थोड़ा हिस्सा भी मिल जाए तो इसका सीधा फायदा राज्य के लाखों किसानों को होगा।
Varsha Shrivastava 
