नेपाल के दार्चुला में लैंडस्लाइड, निचले इलाकों में अलर्ट

नेपाल के दार्चुला में लैंडस्लाइड, निचले इलाकों में अलर्ट त्रिशूली से 3 और भारतीयों का रेस्क्यू बाढ़ में अब तक 1300+ की मौत, 5 हजार लापता

नेपाल के दार्चुला में लैंडस्लाइड, निचले इलाकों में अलर्ट

नेपाल के दार्चुला में 4 अगस्त को हुए लैंडस्लाइड के बाद चौलानी नदी का रास्ता बंद हो गया। निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। नदी का प्रवाह प्रभावित होने से आसपास के इलाकों में खतरा बढ़ गया है।

वहीं, 26 अगस्त की बाढ़-लैंडस्लाइड के बाद से राहत-बचाव कार्य जारी है। त्रिशूली बाजार इलाके से 5 साल के बच्चे समेत तीन भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार अब तक 169 भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया है, जबकि 275 अब भी लापता हैं।

नेपाल में अब तक करीब 1344 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि राहत और बचाव दलों ने 12 हजार लोगों को सुरक्षित निकाला है। फिलहाल 5300 से ज्यादा लोग लापता हैं। सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, बाढ़ से 32,000 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं।

नेपाल में बाढ़ से 32 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित

नेपाल में आई भीषण बाढ़ से अब तक 32,933 लोग प्रभावित हुए हैं। नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी की रिपोर्ट के मुताबिक, बाढ़ से स्कूल-कॉलेज और दूसरे शैक्षणिक संस्थानों को नुकसान हुआ है, जिससे 6,500 से ज्यादा छात्र प्रभावित हुए हैं।

वहीं, 4 हेल्थ सेंटर पूरी तरह और 3 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। बाढ़ में करीब 55 किमी सड़कें पूरी तरह टूट गईं। इसके अलावा 37 मोटरेबल ब्रिज और 68 झूला पुल भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। सरकार ने कहा है कि नुकसान का विस्तृत आकलन अभी पूरा नहीं हुआ है।

बाढ़ से मरने वालों का आंकड़ा 1344 हुआ

नेपाल में बाढ़ से मरने वालों का आंकड़ा फिर बढ़ गया है। नेपाल पुलिस के मुताबिक, 1344 लोगों ने अब तक जान गंवाई है। वहीं तिब्बत में भी 31 लोगों की मौत हुई है।

भारत ने 7 विमानों से भेजी 95 टन राहत सामग्री

विदेश मंत्रालय के अनुसार, 26 अगस्त को बाढ़ आने के बाद से भारत ने नेपाल को करीब 95 टन राहत सामग्री भेजी है। यह सामग्री 7 विमानों के जरिए पहुंचाई गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 अगस्त को नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से बात कर हरसंभव मदद का भरोसा दिया था। इसके कुछ घंटे बाद भारत ने राहत सामग्री की पहली खेप भेज दी थी।

 भारत ने राहत-बचाव के लिए 54 विशेषज्ञों को भी नेपाल भेजा है। इनमें 30 सुरंग बचाव विशेषज्ञ, 19 फोरेंसिक विशेषज्ञ और 5 सदस्यीय मेडिकल टीम शामिल है। भारतीय टीमें नेपाल के अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही हैं।

चीन से 1,907 भारतीय सुरक्षित नेपाल पहुंचे

विदेश मंत्रालय ने बताया कि चीन से 1,907 भारतीय नागरिक सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं। चीन के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में अब कोई भारतीय यात्री फंसा नहीं है।

नेपाल में 35 मोटरेबल और 45 सस्पेंशन ब्रिज क्षतिग्रस्त

स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, बाढ़ से मुख्य रूप से मध्य नेपाल में 35 मोटरेबल ब्रिज, 45 सस्पेंशन ब्रिज और करीब 40 किलोमीटर पक्की सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इससे कई इलाकों में आवागमन प्रभावित हुआ है। भारत ने कहा है कि वह नेपाल सरकार की जरूरत के अनुसार आगे भी मदद जारी रखेगा। इसके तहत फोरेंसिक किट, बेली ब्रिज और अन्य जरूरी सामग्री भेजने की योजना है।