शिक्षा विभाग में बिना सामान खरीदे पास किया करोड़ों का बिल, DEO पर शिकंजा
बलरामपुर जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव पर बिना क्रय समिति के 4 करोड़ 51 लाख रूपए की खरीदी में फर्जी बिल और गबन के गंभीर आरोप लगे हैं। कलेक्टर ने 10 दिन में जवाब मांगा है।
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव पर 4 करोड़ 51 हजार रुपए के गबन का आरोप लगा है। अधिकारी पहले भी अलग-अलग जिलों में चार बार निलंबित हो चुके हैं। इसके बावजूद उनकी कार्यशैली में कोई सुधार नहीं आया। अब नए मामले ने विभाग में हड़कंप मचा दिया है।
बिना समिति पास किए करोड़ों के बिल
वित्तीय वर्ष 2025-26 में बलरामपुर शिक्षा विभाग को 4 करोड़ 57 हजार का बजट मिला था। इस राशि से छात्राओं के लिए साइकिल, फर्नीचर और खेल सामग्री खरीदनी थी। नियमों के अनुसार 50 हजार से अधिक की खरीदी के लिए क्रय समिति जरुरी है। डीईओ ने बिना समिति बनाए ही करोड़ों रुपये के बिल पास कर दिए।
न स्टॉक एंट्री, न कोई भौतिक सत्यापन
खरीदा गया सामान स्कूलों तक पहुंचा या नहीं, इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। सरकारी भंडार गृह के स्टॉक रजिस्टर में कोई एंट्री नहीं की गई। जांच के दौरान दफ्तर के कर्मचारियों ने सामग्री की जानकारी होने से साफ इनकार कर दिया। कई बिलों को टुकड़ों में बांटकर भुगतान किया गया।
कलेक्टर ने मांगा 10 दिन में जवाब
जांच रिपोर्ट आने के बाद डीईओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। शुरुआत में उन्हें तीन दिन का समय दिया गया था। अधिकारी ने जवाब देने के लिए 10 दिन की मोहलत मांगी है। तय समय में संतोषजनक जवाब न मिलने पर शासन को कड़ी कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जाएगा।

