दूध के बढ़ते खर्च से परेशान किसान पहुंचे कलेक्टर कार्यालय, दाम बढ़ाने की मांग
भैंस का दूध ₹70 और गाय का ₹60 करने की मांग, किसानों ने दी सप्लाई बंद करने की चेतावनी
इंदौर जिले की विभिन्न ग्रामीण तहसीलों से बड़ी संख्या में दूध उत्पादक किसान मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। किसानों ने कलेक्टर के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर दूध के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी, फैट के भुगतान में वृद्धि और दूध के दाम तय करने का अधिकार उत्पादकों को दिए जाने की मांग की। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द फैसला नहीं हुआ तो उन्हें दूध की सप्लाई बंद करने जैसे कठोर कदम उठाने पड़ सकते हैं।

दरअसल, जिले के दूध उत्पादक किसानों ने बढ़ती लागत और घटते मुनाफे को लेकर जिला प्रशासन के सामने अपनी समस्या रखी। किसानों का कहना है कि वर्तमान में उन्हें दूध का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है, जबकि पशुओं की खरीद, चारा, मजदूरी, डीजल और अन्य खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। किसानों ने मांग की कि भैंस के दूध का मूल्य 70 रुपये प्रति लीटर और गाय के दूध का मूल्य 60 रुपये प्रति लीटर निर्धारित किया जाए।

साथ ही वर्तमान में 8 रुपए 70 पैसे प्रति फैट के हिसाब से होने वाले भुगतान को बढ़ाकर 13 रुपए प्रति फैट किया जाए। किसानों का कहना है कि अब तक दूध व्यापारी संघ ही कीमत तय करता है, जबकि यह अधिकार दूध उत्पादकों को मिलना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों किसान कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो वे दूध की आपूर्ति बंद करने सहित उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
Varsha Shrivastava 
