भोपाल में MBBS इंटर्न डॉक्टर्स का हल्लाबोल, पुलिस ने चलाया वाटर कैनन
स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर इंटर्न डॉक्टरों का प्रदर्शन, पुलिस ने रोका, झड़प हुई, स्टूडेंट्स बोले- UP में बढ़ा स्टाइपेंड तो MP में क्यों नहीं?
भोपाल। स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज और हमीदिया अस्पताल के MBBS इंटर्न डॉक्टर्स ने सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया। हालांकि, पुलिस ने MBBS इंटर्न डॉक्टर्स को गेट नंबर-2 के पास बैरिकेडिंग और मानव श्रृंखला बनाकर उन्हें रोक दिया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस दौरान पुलिस और इंटर्न डॉक्टरों के बीच झड़प भी हुई।
गेट नंबर-2 पर पुलिस ने बनाई चेन
इंटर्न डॉक्टरों के मार्च को देखते हुए हमीदिया अस्पताल परिसर और आसपास के इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। अस्पताल के गेट नंबर-2 पर पुलिस ने चेन बनाकर प्रदर्शनकारी डॉक्टरों को आगे बढ़ने से रोक दिया। पूरे इलाके में बैरिकेडिंग की गई थी और गेट को भी लॉक कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने और शांतिपूर्ण तरीके से वापस लौटने की कोशिश की।
इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि वे लंबे समय से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार की ओर से स्टाइपेंड बढ़ाने का मौखिक आश्वासन तो दिया गया, लेकिन अब तक इस संबंध में कोई लिखित आदेश जारी नहीं किया गया है।
मार्च रोकने पर पुलिस से झड़प
इंटर्न डॉक्टर मोहित मिश्रा ने बताया कि उनका उद्देश्य मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर मुख्यमंत्री से अपनी मांग रखना था। उन्होंने कहा कि पहले डॉक्टरों ने संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की कोशिश की, लेकिन जब उनकी मांग पर कार्रवाई नहीं हुई तो मुख्यमंत्री निवास तक पैदल मार्च का फैसला लिया गया।
डॉक्टरों के मुताबिक, मार्च को रोकने के लिए अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। इसी दौरान कुछ इंटर्न डॉक्टरों ने बैरिकेड और अस्पताल का गेट पार करने की कोशिश की। इसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस ने वाटर कैनन चला दिया। वाटर कैनन की चपेट में आने से एक छात्र को चोट लगने की बात सामने आई है, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
₹14 हजार से ₹30 हजार स्टाइपेंड की मांग
इंटर्न डॉक्टरों के मुताबिक, वर्तमान में उन्हें करीब ₹14,337 प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जा रहा है। डॉक्टरों की मांग है कि इसे बढ़ाकर कम से कम ₹30 हजार प्रतिमाह किया जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि दूसरे राज्यों में इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की जा रही है, ऐसे में मध्य प्रदेश में भी सरकार को जल्द निर्णय लेना चाहिए।
मोहित मिश्रा ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल की ओर से पहले कहा गया था कि यदि उत्तर प्रदेश में इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ता है तो मध्य प्रदेश में भी इस पर विचार किया जाएगा। अब उत्तर प्रदेश में स्टाइपेंड बढ़ाने का आदेश जारी होने के बाद मध्य प्रदेश के इंटर्न डॉक्टर भी सरकार से निर्णय की उम्मीद कर रहे हैं।
लिखित आदेश मिलने तक आंदोलन जारी
इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि मध्य प्रदेश में करीब 2 हजार शासकीय इंटर्न डॉक्टर हैं, जबकि प्रदेश में कुल इंटर्न डॉक्टरों की संख्या लगभग 3,600 बताई जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि दूसरे मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न डॉक्टर भी आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। वहीं, सागर से डॉक्टरों को लेकर आ रही बस को नादरा बस स्टैंड पर रोके जाने का भी आरोप लगाया गया है।
डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि वे केवल मौखिक आश्वासन से पीछे नहीं हटेंगे। उनका कहना है कि जब तक स्टाइपेंड बढ़ाने का लिखित सरकारी आदेश नहीं मिलता, तब तक हमीदिया अस्पताल परिसर में उनका आंदोलन जारी रहेगा।
Varsha Shrivastava 
