UGC के नियमों पर होगा कुलगुरुओं का चयन, University Professor को ही मिलेगा मौका

MP के Universities में कुलगुरु नियुक्ति की बदलेगी व्यवस्था, Lok Bhavan में पहुंचा Jiwaji और Sanchi University का पैनल

UGC के नियमों पर होगा कुलगुरुओं का चयन, University Professor को ही मिलेगा मौका

भोपाल @ विकास चतुर्वेदी। मध्यप्रदेश के स्वशासी विश्वविद्यालयों में अब कुलगुरु नियुक्ति की प्रक्रिया में University Grants Commission (UGC) के नियमों को प्राथमिकता देने की तैयारी है। Lok Bhavan की ओर से होने वाली आगामी नियुक्तियों में University Cadre के Professor को ही प्रमुख पात्रता के तौर पर देखा जाएगा। इससे पहले Raj Bhavan की ओर से जारी विज्ञापनों में भी कुलगुरु पद के लिए University Cadre में Professor होने और Professor के पद पर कम से कम 10 साल का अनुभव रखने जैसी शर्तें शामिल रही हैं।

प्रदेश में कुलगुरुओं की कुछ मौजूदा नियुक्तियों को लेकर हालांकि सवाल भी उठते रहे हैं। उपलब्ध नियुक्ति विज्ञापनों और दस्तावेजों के अध्ययन के आधार पर यह चर्चा सामने आई है कि कुछ मामलों में नियुक्त किए गए शिक्षकों की सेवा पृष्ठभूमि College Cadre या Private Institutions से जुड़ी रही है। ऐसे में UGC की पात्रता और नियुक्तियों के बीच तालमेल को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब Lok Bhavan की ओर से आगामी चयन में पात्रता की शर्तों को लेकर अधिक सावधानी बरतने की बात सामने आ रही है।

3 प्रमुख Universities में चल रही चयन प्रक्रिया

मध्यप्रदेश के तीन प्रमुख Universities में कुलगुरु चयन की प्रक्रिया फिलहाल आगे बढ़ रही है। इनमें Jiwaji University Gwalior, Barkatullah University (BU) Bhopal और Sanchi University शामिल हैं। Jiwaji University और Sanchi University से संबंधित Search Committee के गोपनीय पैनल Lok Bhavan पहुंच चुके हैं। वहीं BU में Search Committee की बैठक अगले सप्ताह होने की संभावना है।

BU के मामले में भी University Cadre के Professor को पैनल में शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है। इसके बाद Lok Bhavan की ओर से उम्मीदवारों के नाम और उनकी पात्रता पर विचार किया जाएगा।

Sanchi University में पूर्व Vice Chancellor का नाम चर्चा में

Sanchi Buddhist-Indian Knowledge Studies University में कुलगुरु पद के लिए Kushabhau Thakre Patrakarita Avam Jansanchar University Raipur में दो कार्यकाल पूरे कर चुके Sachchidanand Joshi का नाम चर्चा में है। Joshi Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication में Registrar के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं।

Sanchi University के लिए शासन द्वारा गठित Search Committee में प्रवेश और फीस विनियामक समिति के पूर्व अध्यक्ष Ravindra Ramchandra Kanhere को अध्यक्ष बनाया गया था। समिति में Central Sanskrit University New Delhi के कुलपति Dr. Srinivas Varkhedi और Haryana State Higher Education Council के अध्यक्ष Dr. Kailash Chandra Sharma को सदस्य बनाया गया था। Search Committee ने अपना गोपनीय पैनल तैयार कर शासन को सौंपा था। इसके बाद यह पैनल Lok Bhavan भेजा जा चुका है। अब अंतिम निर्णय की प्रक्रिया Lok Bhavan स्तर पर आगे बढ़ेगी।

करीब 100 आवेदनों में से छह नाम चुने गए

Jiwaji University Gwalior में कुलगुरु चयन के लिए करीब 100 आवेदन प्राप्त हुए थे। Lok Bhavan ने Search Committee को योग्य उम्मीदवारों का पैनल तैयार करने के निर्देश दिए थे। तीन सदस्यीय Search Committee की अध्यक्षता Vikram University Ujjain के पूर्व कुलगुरु Akhilesh Pandey ने की।

समिति में Bhoj Open University के कुलगुरु Milind Dandekar और Institute of Horticulture Technology Greater Noida के निदेशक Dr. Ram Shankar Kurel सदस्य रहे। समिति ने आवेदनों की छंटनी के बाद करीब सवा दर्जन उम्मीदवारों का साक्षात्कार किया। इसके बाद लगभग आधा दर्जन नामों का गोपनीय पैनल तैयार कर Lok Bhavan भेजा गया।

जानकारी के मुताबिक पैनल में Jiwaji University, Sagar University और Dr. Ram Manohar Lohia Avadh University के Professors के नाम शामिल होने की संभावना है। अंतिम नियुक्ति से पहले सभी उम्मीदवारों की पात्रता और अनुभव का परीक्षण किया जाएगा।

BU में 61 आवेदनों पर नजर

Barkatullah University में Vice Chancellor Suresh Kumar Jain के इस्तीफे के बाद नए कुलगुरु की तलाश तेज कर दी गई है। Lok Bhavan ने Search Committee को जल्द प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

BU की Search Committee का अध्यक्ष Vikram University Ujjain और Maharaja Chhatrasal Bundelkhand University Chhatarpur के पूर्व कुलगुरु T.R. Thapak को बनाया गया है। समिति में Babasaheb Bhimrao Ambedkar University Lucknow के पूर्व कुलपति Dr. Prakash C. Bartunia और English and Foreign Languages University Hyderabad के पूर्व कुलपति Prof. E. Suresh Kumar को सदस्य बनाया गया है।

BU में कुलगुरु पद के लिए 61 आवेदन आए हैं। Search Committee को इनमें से न्यूनतम तीन योग्य उम्मीदवारों का पैनल तैयार करना है। समिति की पहली बैठक अगले सप्ताह होने की संभावना है।

RGPV में Engineering Professor की शर्त का मुद्दा

Rajiv Gandhi Proudyogiki Vishwavidyalaya (RGPV) में कुलगुरु पद को लेकर Engineering background की पात्रता का मुद्दा भी महत्वपूर्ण है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक वर्तमान कुलगुरु Alok Sharma की नियुक्ति के संदर्भ में UGC के नियमों और विश्वविद्यालय के अधिनियम की पात्रता को लेकर चर्चा हुई है। RGPV का स्वरूप तकनीकी विश्वविद्यालय का है और उसके Act में Engineering से जुड़ी योग्यता को महत्व दिया गया है। ऐसे में भविष्य की नियुक्ति में तकनीकी और Engineering background वाले उम्मीदवारों को लेकर विशेष ध्यान दिए जाने की संभावना है।

महिला Professors को लेकर भी उठे सवाल

प्रदेश के दो दर्जन से अधिक Universities में कुलगुरु पदों पर महिला प्रतिनिधित्व का मुद्दा भी चर्चा में है। मौजूदा व्यवस्था में Lok Bhavan की ओर से हाल के वर्षों में किसी महिला Professor को कुलगुरु बनाए जाने को लेकर कमी दिखाई देती है। हालांकि इससे पहले कई Universities में महिला Professors कुलपति की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं।

इनमें BU Bhopal में Nisha Dubey, Devi Ahilya Vishwavidyalaya Indore में Renu Jain, Jiwaji University Gwalior में Sangeeta Shukla, Chhatarpur University में Shubha Tiwari और Mhow University में Asha Shukla के नाम शामिल हैं। ऐसे में BU की आगामी नियुक्ति में महिला Professor को अवसर मिलने की संभावना पर भी नजर रहेगी।

कैसे काम करती है Search Committee

Lok Bhavan द्वारा गठित तीन सदस्यीय Search Committee सबसे पहले जारी विज्ञापन के आधार पर उम्मीदवारों की पात्रता और शर्तों की जांच करती है। इसके बाद शैक्षणिक योग्यता, प्रशासनिक अनुभव और अन्य निर्धारित मानकों के आधार पर उम्मीदवारों की छंटनी की जाती है।

योग्य उम्मीदवारों में से करीब एक दर्जन नामों का इंटरव्यू लिया जा सकता है। इसके बाद समिति गोपनीय पैनल तैयार करती है। इस पैनल में आमतौर पर कम से कम तीन नाम शामिल होते हैं। पैनल Lok Bhavan पहुंचने के बाद राज्यपाल उम्मीदवारों से निर्धारित बिंदुओं पर चर्चा कर सकते हैं और इसके बाद किसी एक उम्मीदवार की कुलगुरु पद पर नियुक्ति की जाती है।

इन Universities की नियुक्तियों पर उठे सवाल

प्रदेश की कुछ Universities की पूर्व नियुक्तियों को लेकर UGC की पात्रता शर्तों के पालन पर सवाल उठाए गए हैं। इनमें Atal Bihari Vajpayee Hindi University Bhopal के Dev Anand Hindoliya, Bhoj Open University Bhopal के Milind Dandekar, Barkatullah University Bhopal के Suresh Kumar Jain, Jiwaji University Gwalior के Prof. Rajkumar Acharya, Vikram University Ujjain के Prof. Arpan Bhardwaj, APS University Rewa के Prof. Rajesh Kumar Kuraria, Rani Durgavati University Jabalpur के Prof. Rajesh Kumar Verma, Krantiveer Tatya Tope University Guna के Dr. Kishan Yadav, Krantisurya Tantya Bhil University Khargone के Dr. Mohan Lal Kori और Chhatrasal Bundelkhand University Chhatarpur के Dr. Rakesh Kushwah के नाम शामिल हैं।

हालांकि इन नियुक्तियों की पात्रता को लेकर अंतिम निष्कर्ष संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड और लागू नियमों की विस्तृत जांच के बाद ही निकाला जा सकता है। आगामी नियुक्तियों में University Cadre के Professor और UGC की पात्रता शर्तों पर जोर दिए जाने से प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियमों के पालन पर खास नजर रहेगी।