कांग्रेस में नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष जिम्मेदारी बदलने पर बढ़ी नाराजगी, इस्तीफों की अटकलों के बीच संगठन ने संभाला मोर्चा
इंदौर कांग्रेस में नगर निगम नेता प्रतिपक्ष के पद को लेकर उठे विवाद के बाद पार्टी के भीतर असंतोष की स्थिति बनी गई। नई जिम्मेदारी सौंपे जाने के फैसले से नाराज कुछ कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के इस्तीफे की चर्चा तेज।
इंदौर कांग्रेस में नगर निगम नेता प्रतिपक्ष के पद को लेकर उठे विवाद के बाद पार्टी के भीतर असंतोष की स्थिति बन गई। नई जिम्मेदारी सौंपे जाने के फैसले से नाराज कुछ कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के इस्तीफे की चर्चा तेज हो गई थी। हालांकि वरिष्ठ नेताओं की पहल पर हुई लंबी बैठक के बाद फिलहाल मामला शांत होता नजर आ रहा है और किसी भी नेता द्वारा इस्तीफा नहीं देने पर सहमति बनी है।
पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई
दरअसल इंदौर में कांग्रेस संगठन के एक फैसले के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई। नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष की वार्ड 45 की पार्षद और पूर्व महिला कांग्रेस की शहर अध्यक्ष सोनिला मीमरोट भाटिया को सौंपे जाने के बाद पार्टी के कई स्थानीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई। फैसले के विरोध में इस्तीफे तक की चर्चा शुरू हो गई, जिससे संगठन के भीतर असहज स्थिति पैदा हो गई।वही इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई और विभिन्न वार्डों के पदाधिकारियों, ब्लॉक अध्यक्षों तथा कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा की।

महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई, 2 घंटे तक चला मंथन
इसके बाद कांग्रेस नेता दीपु यादव के निवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें करीब दो घंटे तक मंथन चला। बैठक में संगठनात्मक संतुलन बनाए रखने और कार्यकर्ताओं की भावनाओं को समझने पर जोर दिया गया। वही लंबी चर्चा और वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप के बाद फिलहाल विवाद को विराम मिल गया है। बैठक में यह सहमति बनी कि कोई भी पदाधिकारी या कार्यकर्ता इस्तीफा नहीं देगा।

इस मामले में नव नियुक्त नगर निगम की नेता प्रतिपक्ष सोनिला मीमरोट भाटिया का कहना है कि कांग्रेस पार्टी लोकतांत्रिक सिद्धांतों पर चलती है और इसमें सभी को सहमति और सहमति जताने का पूरा हक है। लेकिन आपसी संवाद के जरिए गलतफहमियों को दूर कर लिया गया है और पार्टी एकजुट होकर आगे बढ़ेगी।
Varsha Shrivastava 
