26 साल की मेहनत रंग लाई, Indore के Saransh Jain भारतीय टेस्ट टीम में शामिल

Indore के Saransh Jain का भारतीय टेस्ट टीम में हुआ चयन, पिता की चिट्ठी बनी सफलता की सबसे बड़ी प्रेरणा

26 साल की मेहनत रंग लाई, Indore के Saransh Jain भारतीय टेस्ट टीम में शामिल

Indore के लिए गर्व की खबर है। जहां शहर के युवा ऑलराउंडर खिलाड़ी Saransh Jain का चयन पहली बार भारतीय टेस्ट क्रिकेट टीम में हुआ है। India को Sri Lanka दौरे पर 15 अगस्त से पहला और 23 अगस्त से दूसरा टेस्ट मैच खेलना है।

India-A टीम के साथ Sri Lanka दौरे पर शानदार प्रदर्शन का इनाम अब उन्हें भारतीय टेस्ट टीम में जगह के रूप में मिला है। इस उपलब्धि के पीछे सालों की मेहनत, परिवार का त्याग और पिता की प्रेरणा की एक भावुक कहानी भी जुड़ी है।

26 सालों से पिता ही पहले और सबसे बड़े कोच

दरअसल भारतीय टेस्ट टीम में चयन के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए Saransh Jain ने कहा कि पिछले 26 सालों से उनके पिता सुबोध जैन ही उनके पहले और सबसे बड़े कोच रहे हैं। रणजी क्रिकेट में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुके Subodh Jain ने बचपन से ही उन्हें क्रिकेट की बारीकियां सिखाईं।

सारांश जैन, क्रिकेटर

Saransh Jain ने बताया कि गेंदबाजी में उन्होंने Harbhajan Singh और Ravichandran Ashwin से प्रेरणा ली, जबकि बल्लेबाजी में वह Sai Sudharsan की तकनीक और संयम को अपना आदर्श मानते हैं। 

बेटा ऑस्ट्रेलिया दौरे पर था, पिता को हुआ कैंसर, चिट्ठी ने बदली जिंदगी

वहीं, Saransh के पिता Subodh Jain ने एक भावुक प्रसंग बताया कि साल 2014 में उन्हें कैंसर का पता चला था। Saransh उस समय Australia दौरे पर थे। परिवार ने जानबूझकर उन्हें इस बात की जानकारी नहीं दी ताकि उनके खेल पर कोई असर न पड़े। जब Saransh वापस इंदौर लौटे, तब तक उनके पिता का मुंबई में सफल ऑपरेशन हो चुका था।

पिता की हालत देखकर Saransh पूरी तरह टूट गए और कई दिनों तक क्रिकेट से दूरी बना ली। उस समय बोलने में असमर्थ Subodh Jain ने एक चिट्ठी लिखकर बेटे का हौसला बढ़ाया। उन्होंने लिखा कि "तुम जितना अच्छा क्रिकेट खेलोगे, मैं उतनी जल्दी ठीक हो जाऊंगा।" यही चिट्ठी Saransh के जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा बन गई और उन्होंने उसी को अपना लक्ष्य मानकर लगातार मेहनत जारी रखी।

सुबोध जैन, सारांश के पिता

इसके साथ ही Saransh के बड़े भाई Saurabh Jain ने बताया कि दोनों भाइयों का सपना अपने पिता का अधूरा सपना पूरा करना था। आर्थिक और पारिवारिक परिस्थितियों के चलते उन्हें अपना क्रिकेट करियर बीच में छोड़कर सिविल इंजीनियर बनना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी भी Saransh का उत्साह कम नहीं होने दिया।

उन्होंने हमेशा छोटे भाई का मनोबल बढ़ाया और उसे लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। Saurabh ने कहा कि सारांश की सफलता का सबसे बड़ा श्रेय उसकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण को जाता है।

सौरभ जैन, सारांश के भाई

वहीं, मां Sarita Jain ने कहा कि Saransh बचपन से ही मेहनती, आत्मविश्वासी और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहा है। परिवार ने जीवन में कई कठिन दौर देखे, लेकिन कभी हिम्मत नहीं हारी।

सरिता जैन, सारांश को मां

उन्होंने कहा कि भारतीय टेस्ट टीम में Saransh का चयन केवल उनके परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे Indore और राज्य के लिए गर्व का विषय है। अब पूरे शहर को उम्मीद है कि Saransh Jain श्रीलंका दौरे पर अपने प्रदर्शन से भारतीय क्रिकेट में एक नई पहचान बनाएंगे।