लोकसभा में पेपर लीक संशोधन बिल पास, राज्यसभा में वंदेमातरम से जुड़ा संशोधित बिल पारित

संसद के मानसून सत्र का 29 जुलाई बुधवार को 8वां दिन। लोकसभा में पेपर लीक से जुड़ा बिल ध्वनि मत से पास हो गया। इसमें 7 साल की सजा और 10 करोड़ तक जुर्माने का प्रावधान।

लोकसभा में पेपर लीक संशोधन बिल पास, राज्यसभा में वंदेमातरम से जुड़ा संशोधित बिल पारित

संसद के मानसून सत्र का 8वें दिन लोकसभा में पेपर लीक रोकने के लिए 'लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' को ध्वनि मत से पारित कर दिया। इस विधेयक पर मंगलवार को करीब 9 घंटे तक चर्चा हुई थी।

बुधवार को विपक्ष के हंगामे के बीच सरकार ने बिल को मंजूरी दिला दी। सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखना और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाना है।

बिल में 7 साल की सजा, 10 करोड़ तक जुर्माना

नए कानून के अनुसार, पेपर लीक, परीक्षा में धांधली या संगठित तरीके से नकल कराने जैसे मामलों में दोषी पाए जाने पर अधिकतम 7 साल की जेल और 10 करोड़ रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। सरकार का मानना है कि इससे परीक्षा माफिया पर कड़ा नियंत्रण होगा और युवाओं का परीक्षा व्यवस्था पर भरोसा बढ़ेगा।

राज्यसभा में वंदेमातरम से जुड़ा संशोधित बिल पास

वहीं, राज्यसभा ने भी बुधवार को वंदे मातरम् के अपमान को दंडनीय अपराध बनाने वाला विधेयक पारित कर दिया। इस कानून के तहत वंदे मातरम् का जानबूझकर अपमान करने या उसका अनादर करने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी। सरकार ने कहा कि यह कानून राष्ट्रीय सम्मान की रक्षा के उद्देश्य से लाया गया है।

संसद के दोनों सदनों में इन विधेयकों को लेकर काफी चर्चा हुई। विपक्ष ने कुछ प्रावधानों पर सवाल उठाए, जबकि सरकार ने कहा कि दोनों कानून देशहित और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए जरूरी हैं।

हंगामे के चलते लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों की कार्यवाही गुरुवार 30 जुलाई सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

दोनों विधेयकों को राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा

अब लोकसभा और राज्यसभा से पारित होने के बाद दोनों विधेयकों को राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद ये कानून लागू हो जाएंगे। सरकार का कहना है कि इन कानूनों से परीक्षा प्रणाली अधिक निष्पक्ष होगी और राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े मामलों में भी स्पष्ट कानूनी व्यवस्था लागू होगी।