अखिलेश यादव के भाई प्रतीक पंचतत्व में विलीन, ससुर ने दी मुखाग्नि

प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार: अखिलेश ने चिता पर रखी लकड़ी, पत्नी अपर्णा और दोनों बेटियां रहीं मौजूद

अखिलेश यादव के भाई प्रतीक पंचतत्व में विलीन, ससुर ने दी मुखाग्नि

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव गुरुवार दोपहर पंचतत्व में विलीन हो गए। 14 मई को लखनऊ में पूरे राजकीय और पारिवारिक माहौल के बीच उनका अंतिम संस्कार किया गया। प्रतीक यादव की चिता को उनके ससुर और भाजपा नेता अपर्णा यादव के पिता अरविंद सिंह बिष्ट ने मुखाग्नि दी।

अंतिम संस्कार के दौरान अखिलेश यादव भावुक नजर आए। उन्होंने अपने भाई की चिता पर लकड़ी रखकर अंतिम प्रणाम किया। इस दौरान प्रतीक यादव की दोनों बेटियां भी मौजूद रहीं और उन्होंने भी अपने पिता को अंतिम विदाई दी।

हजारों समर्थकों ने दी अंतिम विदाई

प्रतीक यादव की अंतिम यात्रा में हजारों समर्थक शामिल हुए। यात्रा के दौरान “प्रतीक यादव अमर रहें” के नारे लगाए गए। समाजवादी पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और परिवार के सदस्य अंतिम यात्रा में शामिल हुए। शिवपाल यादव के बेटे आदित्य यादव ने भी पार्थिव शरीर को कंधा दिया।

प्रतीक यादव के घर के पास स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय के बाहर भी शव को कुछ देर के लिए रखा गया। हिंदू परंपरा के अनुसार श्मशान घाट पहुंचने से पहले शव को पांच बार जमीन पर रखा जाता है। इसी परंपरा का पालन किया गया।

अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब

सुबह से ही प्रतीक यादव के आवास पर अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ जुटने लगी थी। दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। शिवपाल यादव, डिंपल यादव सहित परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।

बुधवार रात पत्नी अपर्णा यादव अपनी दोनों बेटियों के साथ पार्थिव शरीर के पास बैठी रहीं। पूरे परिवार में शोक का माहौल दिखाई दिया। अंतिम संस्कार के दौरान कई नेताओं की आंखें नम हो गईं।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कार्डिएक अरेस्ट की पुष्टि

प्रतीक यादव का बुधवार सुबह करीब 6 बजे निधन हुआ था। उनकी उम्र 38 वर्ष थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह कार्डिएक अरेस्ट बताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक उनके शरीर पर कुल 6 चोटों के निशान मिले, जिनमें 3 चोटें करीब 7 दिन पुरानी और 3 चोटें एक दिन पुरानी बताई गई हैं। डॉक्टरों ने विसरा सुरक्षित रख लिया है ताकि आगे जांच की जा सके।

डॉक्टरों के अनुसार प्रतीक यादव पल्मोनरी एम्बोलिज्म जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। इस बीमारी में खून का थक्का फेफड़ों में फंस जाता है, जिससे ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है। बताया जा रहा है कि पिछले 13 दिनों में उन्हें दो बार हार्ट अटैक आया था।

एयरपोर्ट पर भी बिगड़ी थी तबीयत

जानकारी के मुताबिक, 30 अप्रैल को लखनऊ एयरपोर्ट पर चलते समय प्रतीक यादव अचानक गिर पड़े थे। इसके बाद उन्हें तुरंत मेदांता अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने हार्ट अटैक की पुष्टि की थी। इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार बताया गया था, लेकिन बुधवार सुबह अचानक उनका निधन हो गया।

प्रतीक यादव, समाजवादी पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे। वहीं उनकी पत्नी अपर्णा यादव भाजपा नेता हैं और वर्तमान में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं। प्रतीक यादव के निधन से यादव परिवार और प्रदेश की राजनीति में शोक की लहर है।