इंदौर के सार्वजनिक गार्डन में जैन संत का अंतिम संस्कार, नगर निगम ने जताई आपत्ति
विद्यासागर गार्डन में संत सुलभ सागर महाराज के अंतिम संस्कार पर विवाद, नगर निगम इंदौर ने शुरू की जांच
इंदौर के नेमीनगर स्थित सार्वजनिक गार्डन में जैन समाज के एक संत का अंतिम संस्कार किए जाने का मामला सामने आया है। जहां नगर निगम के जोन क्रमांक 15 के वॉर्ड 72 स्थित निगम के विद्यासागर गार्डन में सुबह करीब 6 बजे गार्डन परिसर में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया। नगर निगम के उद्यान विभाग का दावा है कि अंतिम संस्कार से पहले निगम से न तो अनुमति ली गई और न ही विभाग को इसकी सूचना दी गई। मामले की जानकारी के बाद टीम मौके पर पहुंची तो अंतिम संस्कार पूरा हो चुका था और वहां राख के अवशेष मिले। निगम कर्मचारियों ने मौके का पंचनामा बनाकर वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी है।

दरअसल, नेमीनगर स्थित एक गार्डन में जैन समाज का चातुर्मास कार्यक्रम चल रहा है जिसमें शामिल होने पहुंचे अस्सी वर्ष के संत सुलब्धी सागर का देहांत हो गया, जिसके बाद दिगम्बर जैन समाज ने क्षेत्र के अन्नपूर्णा थाना पुलिस को सूचना दी और पास ही स्थित नगर निगम द्वारा संचालित आचार्य विद्यासागर उद्यान में संत सुलभ सागर महाराज का अंतिम संस्कार कर दिया। जानकारी मिलने के बाद नगर निगम के उद्यान विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक अंतिम संस्कार पूरा हो चुका था। मौके पर केवल राख और अवशेष मौजूद थे। इसके बाद कर्मचारियों ने पूरे घटनाक्रम का निरीक्षण किया और पंचनामा तैयार किया।

नगर निगम उद्यान विभाग ने सार्वजनिक पार्क में अंतिम संस्कार किए जाने पर आपत्ति जताई है। नगर निगम के एम आई सी सदस्य राजेंद्र राठौर के मुताबिक नेमीनगर गार्डन नगर निगम के उद्यान विभाग के अधीन है। सार्वजनिक गार्डन में इस तरह की गतिविधि के लिए निर्धारित अनुमति और प्रक्रिया का पालन किया जाना जरूरी है। उनका कहना है कि मामले की पूरी रिपोर्ट तैयार कर महापौर पुष्यमित्र भार्गव को भेजी गई है और आगे की कार्रवाई का निर्णय वरिष्ठ स्तर पर लिया जाएगा।

पत्रकारों से चर्चा करते हुए निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने स्पष्ट किया कि नगर निगम के किसी भी उद्यान में अंतिम संस्कार जैसी गतिविधियां करना पूरी तरह से नियम विरुद्ध और अनुचित है। उन्होंने कहा कि पार्कों में इस प्रकार के आयोजनों की कोई अनुमति नहीं दी जाती है।प्रारंभिक जानकारी में यह बात सामने आई है कि यह कार्य सुबह-सुबह किया गया था। इस संबंध में स्थानीय थाने में भी कोई आवेदन दिया गया था, जिसे पुलिस द्वारा संभवतः मना कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि संबंधित अधिकारियों को घटना की पूरी पड़ताल करने और सभी तथ्यों एवं दस्तावेजों की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद परिस्थितियों के आधार पर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।

क्षितिज सिंघल, निगमायुक्त इंदौर
वहीं, जैन समाज के प्रतिनिधि ने स्पष्ट किया कि दिगंबर जैन परंपरा के अनुसार साधु-साध्वियों की अंतिम क्रिया श्मशान में नहीं की जाती। पूर्व में भी यहाँ दो समाधियों का संस्कार इसी उद्यान में परंपरा अनुसार हुआ है। समाज ने इस विषय पर किसी भी तरह के विवाद से बचने की अपील की है।
Varsha Shrivastava 
