Victim Photo Controversy : बिहार CM पर होगी FIR? जमुई कांड पीड़िता की पहचान की उजागर, तेजस्वी बोले- POCSO की उड़ाई धज्जियां
Victim Photo Controversy : CM सम्राट चौधरी ने जमुई पीड़ित परिवार से मुलाकात की तस्वीर अपने एक्स हैंडल से बिना ब्लर किए शेयर कर दी। करीब 15 मिनट बाद इसे डिलिट कर दिया गया।
Jamui Victim Photo Controversy : पटना। बिहार के जमुई में सड़क पर बदसलूकी की पीड़ित के परिवार के फोटो शेयर करने पर विवाद हो गया है। पीड़ित परिवार गुरुवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिला था। CM सम्राट चौधरी ने इस मुलाकात की तस्वीर अपने एक्स हैंडल से बिना ब्लर किए शेयर कर दी। करीब 15 मिनट बाद इसे डिलिट कर दिया गया। अब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कार्रवाई की मांग कर दी है। राजद सांसद मीसा भारती ने भी इस पोस्ट पर सवाल उठाए और FIR दर्ज करने की मांग की है।
पीड़ित परिवार की सीएम से मुलाकात
पीड़ित बच्ची की मां ने मुख्यमंत्री से मिलने के बाद कहा कि बेटी के साथ हुई घटना का दर्द अब भी है। लेकिन कार्रवाई होने और सरकार से सुरक्षा को लेकर मिले आश्वासन से राहत मिली है।
उन्होंने बताया कि 24 सितंबर की शाम वे पटना आए। यहां बेटी के साथ हुई घटना को लेकर सीएम सम्राट चौधरी से मुलाकात की। इस दौरान सीएम ने कहा कि आपकी बेटी मेरी बेटी है। आप बिल्कुल निश्चिंत रहिए।
पीड़ित की मां ने मांग की कि बेटी के साथ जो हुआ वह दोबारा किसी दूसरी लड़की के साथ नहीं होना चाहिए। घटना के दौरान बेटी सभी आरोपियों के आगे हाथ जोड़ रही थी और अपनी जान की भीख मांग रही थी। उसी तरह अपराधियों में भी कानून का डर होना चाहिए। आरोपियों के अंदर सरकार का खौफ होना चाहिए।
सीएम का सोशल मीडिया पोस्ट और विवाद
पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के ऑफिशियल एक्स हैंडल से एक पोस्ट शेयर हुआ। इसमें लिखा था कि लोकसेवक आवास में जमुई की पीड़ित बच्ची और उनके परिवार से मुलाकात की। बेटी को निर्भय होकर आगे बढ़ने और परिवार को शीघ्र न्याय का भरोसा दिलाया।
परिवार ने भी पुलिस की कार्रवाई पर संतोष जताया। सभी दोषियों के विरुद्ध स्पीडी ट्रायल के माध्यम से एक माह के भीतर कठोरतम सजा सुनिश्चित की जाएगी। इस पोस्ट के साथ बच्ची की मां और परिजनों के साथ की बिना ब्लर वाली फोटो शेयर हुई। हालांकि करीब 15 मिनट बाद इस पोस्ट को डिलिट कर दिया गया।
तेजस्वी यादव और मीसा भारती का हमला
सीएम की पीड़ित परिवार के साथ तस्वीर सामने आने के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री को घेरा। उन्होंने एक्स पर लिखा कि नासमझ, अनाड़ी, कानून विरोधी बिहार के मुख्यमंत्री खुद पॉक्सो एक्ट की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
जमुई कांड की नाबालिग पीड़िता की परिजनों संग अपने सोशल मीडिया हैंडल से तस्वीर जारी कर पीड़िता की पहचान उजागर कर रहे हैं। POCSO एक्ट के तहत नाबालिग पीड़िता की पहचान गोपनीय रखना अनिवार्य है।
पीड़िता के परिजनों के साथ तस्वीर साझा किए जाने से उसकी पहचान सार्वजनिक होने का खतरा पैदा हुआ। तेजस्वी ने कहा कि POCSO Act 2012 के तहत पीड़ित बच्चे या नाबालिग की पहचान को गुप्त रखना कानूनन अनिवार्य है और इसे सार्वजनिक करना गंभीर अपराध है।
मुख्यमंत्री को इस जुर्म के लिए कड़ी सजा मिलनी चाहिए। राजद सांसद मीसा भारती ने भी तस्वीर साझा करते हुए सवाल किया कि क्या तस्वीर में दिखाई दे रही बच्ची जमुई कांड की पीड़िता है। उन्होंने बिहार पुलिस से मुख्यमंत्री के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।
पॉक्सो एक्ट पीड़िता की पहचान उजागर करने पर क्या सजा
पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की धारा 23 के तहत किसी भी नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करना एक दंडनीय अपराध है।
सजा के प्रावधान
कारावास: इसके उल्लंघन पर 6 महीने से लेकर 1 साल तक की जेल की सजा हो सकती है।
जुर्माना: दोषी व्यक्ति पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
दोनों: अदालत अपराधी को जेल और जुर्माना दोनों से दंडित कर सकती है।
किन बातों को उजागर करना मना है?
पीड़िता का नाम, पता या तस्वीरें।
स्कूल, परिवार या मोहल्ले से जुड़ी कोई भी जानकारी।
कोई भी ऐसा विवरण जिससे नाबालिग की पहचान सार्वजनिक हो सके। यह नियम मीडिया, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और आम नागरिकों, सभी पर समान रूप से लागू होता है।
जमुई में क्या हुआ था
जमुई में 10वीं की छात्रा के साथ सड़क पर बदसलूकी की गई। छात्रा शनिवार को कोचिंग के बाद अपने क्लासमेट के साथ स्कूटी से मड़वा पहाड़ घूमने गई थी। लौटते समय कुछ लड़कों ने दोनों को सड़क पर रोक लिया और उनके साथ बदसलूकी की। किसी ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया।
वीडियो में कुछ लड़के छात्रा के साथ अश्लील हरकत करते नजर आ रहे हैं। घटना 19 सितंबर की बताई गई। 21 सितंबर को वीडियो वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ा। इस मामले में मुख्य आरोपी नंदन यादव का पुलिस ने हॉफ एनकाउंटर किया। बाकी आरोपियों को पकड़ लिया गया।
6 आरोपी गिरफ्तार और प्रशासनिक कदम
वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस ने जांच तेज की। तीन नाबालिग समेत छह को गिरफ्तार किया गया। मुख्य आरोपी नंदन यादव पुलिस एनकाउंटर में जख्मी हुआ। पैर में गोली लगने के बाद पुलिस कस्टडी में उसका इलाज चल रहा है।
पीड़िता को जल्द न्याय दिलाने के लिए डीएम नवीन ने दो महिला अधिकारियों को नोडल ऑफिसर बनाया। इनमें डीडीसी सह जिला परिषद की मुख्य कार्यपालक अधिकारी आईएएस चौधरी शिप्रा विजयकुमार और जमुई एसडीपीओ आईपीएस दीप्ति मोनाली शामिल हैं।
प्रशासन का कहना है कि कोर्ट के साथ कोऑर्डिनेट कर कानूनी प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। 15 से 20 दिनों के भीतर दोषियों को सजा दिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
यहां पढ़िए घटना की पूरी टाइमलाइन
19 सितंबर शाम 7 बजे जमुई के मड़वा पहाड़ी से लौटते समय युवकों ने छात्र-छात्रा को रोका और दोनों से बदसलूकी की। शाम 7:30 बजे छात्रा से अश्लील हरकतें की गईं। वीडियो भी बनाया गया। 21 सितंबर सुबह पुलिस पीड़ितों तक पहुंची और दोनों के बयान लिए।
नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई। दोपहर में एसपी विश्वजीत दयाल के निर्देश पर एसडीपीओ दीप्ति के नेतृत्व में एसआईटी बनी। शाम को पुलिस ने तीन को गिरफ्तार किया जो नाबालिग थे।
22 सितंबर सुबह वीडियो वायरल करने वाले आरोपी रामाशीष और हरे राम की गिरफ्तारी हुई। दोपहर में मुख्य आरोपी नंदन यादव का एनकाउंटर हुआ। 23 सितंबर को आरोपी हरेराम की पेशी हुई जिसमें वकील ने थप्पड़ मारा। 24 सितंबर शाम पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की।

