रीवा आयुष्मान अस्पताल पर बड़ी कार्रवाई : औचक निरीक्षण के बाद अस्पताल के संचालन पर रोक
Ayushman Hospital : जानकारी के मुताबिक, आयुष्मान हॉस्पिटल के संचालक डॉक्टर के.डी. सिंह पर अनैतिक एवं असामाजिक गतिविधियों में लिप्त पाए जाने पर कार्रवाई की गई है।
Ayushman Hospital : मध्य प्रदेश। रीवा में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन एक्शन मोड में नजर आया। आयुष्मान योजना से जुड़े एक अस्पताल में जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के औचक निरीक्षण के बाद अस्पताल के संचालन पर रोक लगा दी गई है। इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, आयुष्मान हॉस्पिटल के संचालक डॉक्टर के.डी. सिंह पर अनैतिक एवं असामाजिक गतिविधियों में लिप्त पाए जाने पर कार्रवाई की गई है। कलेक्टर के निरीक्षण में कई गंभीर कमियां सामने आई हैं।


निरीक्षण में मिलीं 8 गंभीर अनियमितताएं
कलेक्टर के औचक निरीक्षण में अस्पताल में 8 गंभीर कमियां और अनियमितताएं पाई गईं। इनमें प्रमुख आरोप यह है कि वर्ष 2024 के बाद हुई मृत्यु की सूचना स्वास्थ्य विभाग को नहीं दी गई। अस्पताल में BHMS डॉक्टर के एलोपैथिक उपचार में शामिल होने का उल्लेख मिला। निर्धारित संख्या के अनुरूप प्रशिक्षित चिकित्सक नहीं मिले। शासकीय सेवक चिकित्सक द्वारा अस्पताल में इलाज करने का मामला भी सामने आया। इन अनियमितताओं को गंभीर माना गया है।

मरीजों को शिफ्ट करने के निर्देश
प्रशासन ने अस्पताल में भर्ती मरीजों को उनकी स्थिति के अनुसार अन्य सक्षम स्वास्थ्य संस्थान में भर्ती या इलाज की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। मरीजों की सुरक्षा और उचित उपचार सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। अस्पताल प्रबंधन को तुरंत मरीजों के स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है।

कारण बताओ नोटिस जारी
अस्पताल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा गया है। अगर जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो अस्पताल का लाइसेंस या अनुज्ञप्ति निरस्त करने की कार्रवाई की जा सकती है। प्रशासन ने साफ किया है कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आगे की कार्रवाई जवाब और जांच के आधार पर तय होगी।

स्वास्थ्य व्यवस्था में सख्ती का संकेत
यह कार्रवाई रीवा में स्वास्थ्य संस्थानों पर निगरानी बढ़ाने का संकेत है। आयुष्मान योजना से जुड़े अस्पतालों में पारदर्शिता और नियमों का पालन जरूरी बताया गया है। प्रशासन सतर्क है और ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाने का रुख अपना रहा है। जांच पूरी होने तक अस्पताल का संचालन बंद रहेगा।




