गोवर्धन पूजा 2026 पर पशुपालकों का सम्मान : विजेताओं को मिलेंगे 1 लाख रुपए, गाय राधा ने बनाया रिकॉर्ड

Bhopal Govardhan Puja 2026 : CM डॉ. मोहन यादव ने कहा कि, मध्यप्रदेश दुग्ध उत्पादन में देश में तीसरे स्थान पर है। हमारा लक्ष्य अगले 2 वर्षों में प्रदेश को दुग्ध उत्पादन में देश का नंबर 1 राज्य बनाना है।

गोवर्धन पूजा 2026 पर पशुपालकों का सम्मान : विजेताओं को मिलेंगे 1 लाख रुपए, गाय राधा ने बनाया रिकॉर्ड

Bhopal Govardhan Puja 2026 : भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 9 नवंबर को गोवर्धन पूजा पर्व पर आयोजित पशुपालक सम्मान समारोह में गोपाल-कृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना (Gopal-Krishna Gram Puraskar Yojana) के विजेता पशुपालकों को सम्मानित करेंगे। चयनित 208 वृंदावन ग्रामों में 27 से 31 अक्टूबर, 2026 तक दुग्ध उत्पादन प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सांकेतिक रूप से 10 पशुपालकों को पुरस्कृत किया जाएगा। प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर भी गौ-पूजन एवं पशुपालक सम्मान कार्यक्रम होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक पटल पर अपनी नई पहचान स्थापित कर रहा है। किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों में दूध संकलन के लिए दुग्ध सहकारी समितियां गठित की जा रही हैं, ताकि किसान अनाज उत्पादन के साथ पशुपालन और दुग्ध उत्पादन से भी अपनी आय बढ़ा सकें। मध्यप्रदेश दुग्ध उत्पादन में देश में तीसरे स्थान पर है। हमारा लक्ष्य अगले 2 वर्षों में प्रदेश को दुग्ध उत्पादन में देश का नंबर 1 राज्य बनाना है। इसके लिए राज्य सरकार सुनियोजित पशुपालन एवं गौ-संवर्धन नीतियों के माध्यम से निरंतर प्रयास कर रही है।

पशुपालकों को मिलेगी धनराशि 

प्रतियोगिता में सर्वाधिक दूध उत्पादन करने वाली गायों के पशुपालकों को प्रथम पुरस्कार के रूप में ₹1 लाख, द्वितीय पुरस्कार के रूप में ₹50 हजार और तृतीय पुरस्कार के रूप में ₹25 हजार की राशि एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे। सभी विजेताओं के बैंक खातों में पुरस्कार राशि एकमुश्त डीबीटी के माध्यम से अंतरित की जाएगी।

गिर नस्ल की गाय 'राधा' ने हासिल किया पहला स्थान

देशी नस्ल की गायों का पालन पशुधन परंपरा और संस्कृति का अभिन्न अंग होने के साथ ग्रामीण परिवारों की आर्थिक समृद्धि का भी सशक्त माध्यम है। बेहतर देखभाल, संतुलित आहार और उन्नत पशुपालन प्रबंधन से देशी नस्ल की गायें भी उल्लेखनीय दुग्ध उत्पादन कर सकती हैं। इसका उदाहरण उज्जैन जिले के वृंदावन ग्राम तालोद के पशुपालक गौरव रघुवंशी ने प्रस्तुत किया है। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा ग्राम तालोद को वृंदावन ग्राम घोषित किए जाने के बाद यहां देशी गोवंश के संरक्षण एवं संवर्धन को प्रोत्साहन मिला। इससे प्रेरित होकर रघुवंशी ने गिर नस्ल की गाय का पालन शुरू किया। बेहतर देखभाल और संतुलित पोषण के परिणामस्वरूप उनकी गाय 'राधा' ने प्रतिदिन 19.760 लीटर दूध उत्पादन कर प्रदेश की प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया।

प्रदेश में सर्वाधिक दुग्ध उत्पादन करने वाली 5 गायें

प्रतियोगिता में उज्जैन जिले के ग्राम तालोद के गौरव रघुवंशी की गिर गाय 19.760 लीटर प्रतिदिन दूध उत्पादन के साथ प्रथम स्थान पर रही। अन्य प्रमुख उपलब्धियां इस प्रकार हैं:

द्वितीय स्थान: रतलाम जिले के ग्राम सुखेड़ा के मुकेश कुमार परमार की गाय – 17.230 लीटर प्रतिदिन।

तृतीय स्थान: उमरिया जिले के ग्राम डोडका की संध्या पांडेय की गिर गाय – 17.166 लीटर प्रतिदिन।

चतुर्थ स्थान: रायसेन जिले के ग्राम मांगरोल-2 के ज्ञानेश्वर पटेल की गिर गाय – 16.350 लीटर प्रतिदिन।

पंचम स्थान: राजगढ़ जिले के ग्राम सलेहपुर के सुमेर सिंह पंवार की गाय – 16.144 लीटर प्रतिदिन।