खामोश बस्ती, खतरनाक सच: भोपाल के ईरानी डेरे में पुलिस का बड़ा एक्शन, महिला समेत 32 वारंटी गिरफ्तार

देश के अलग-अलग राज्यों में फरार 32 वारंटी को भोपाल पुलिस ने ईरानी डेरे से गिरफ्तार किया है

खामोश बस्ती, खतरनाक सच: भोपाल के ईरानी डेरे में पुलिस का बड़ा एक्शन, महिला समेत 32 वारंटी गिरफ्तार

भोपाल के नक्शे पर एक इलाका ऐसा भी है, जिसका नाम लेते ही पुलिस की तैयारी बदल जाती है। सायरन नहीं बजते, वायरलेस पर आवाज़ धीमी हो जाती है ये इलाका है ईरानी डेरा।

28 दिसंबर रविवार तड़के, जब शहर गहरी नींद में था, 40 गाड़ियों का काफिला बिना शोर किए इस डेरे की ओर बढ़ा। करीब 150 पुलिसकर्मी, पूरी रणनीति के साथ। जैसे ही पहला कदम अंदर पड़ा, खामोशी टूट गई। अचानक चीखें, भगदड़ और फिर हमला। सामने थीं महिलाएं, जिन्हें सालों से इस डेरे में अपराधियों की ढाल की तरह इस्तेमाल किया जाता रहा है। पुलिस जब भी अंदर जाती है, सबसे पहले उसे महिलाओं का सामना करना पड़ता है। रविवार को भी ऐसा ही कुछ देखने को मिला। पुलिस पर महिलाओं ने पत्थर और लाठी से हमला कर दिया।

पत्थर-लाठी चली, लेकिन पुलिस पीछे नहीं हटी

रविवार को इस बार की कहानी अलग थी, जब खौफ से बड़ा हौसला बन गया। पत्थर चले, लाठियां उठीं, हालात बिगड़े, मगर पुलिस पीछे नहीं हटी। इलाके को चारों तरफ से घेरा गया। एक-एक गली, एक-एक मकान की तलाशी ली गई। घंटों चली इस कार्रवाई के बाद वो नाम सामने आए, जिनकी तलाश दिल्ली, मुंबई और कई बड़े शहरों की पुलिस कर रही थी।

भोपाल पुलिस ने देश के अलग-अलग राज्यों से फरार 32 वारंटी को ईरानी डेरे से गिरफ्तार किया है। 32 आरोपी पकड़े गए, जिनमें 10 महिलाएं भी शामिल हैं। कई ऐसे चेहरे, जो बरसों से कानून की आंखों में धूल झोंकते आ रहे थे।

अपराध की फैक्ट्री, भेष बदलने के उस्ताद

ईरानी डेरा सिर्फ एक बस्ती नहीं, बल्कि अपराध की फैक्ट्री बन चुका था, यहां रहने वाले लोग वक्त और शिकार के हिसाब से रूप बदलते थे—कभी साधु, कभी जरूरतमंद, तो कभी भरोसेमंद दोस्त बनकर और कभी CBI अफसर तो पत्रकार। शहर बदले, चेहरे बदले, लेकिन ठिकाना वही रहा—ईरानी डेरा।

दुबई तक फैला काला नेटवर्क

निशातपुरा और करोंद के पास बसी यह बस्ती इतनी सघन है कि बाहरी आदमी का घुसना आसान नहीं। यही वजह थी कि देशभर में वारदात करने के बाद अपराधी यहीं आकर छिपते थे। उन्हें लगता था कि यह इलाका कानून की पहुंच से बाहर है। छापेमारी के दौरान जो सामने आया, उसने पुलिस को भी चौंका दिया। डेरे से अमेरिकी और ईरानी करेंसी बरामद हुई। लूटे गए मोबाइल फोन पहले मुंबई भेजे जाते थे और फिर दुबई में बेचे जाते थे। यानी भोपाल के इस डेरे से सीधे अंतरराष्ट्रीय अपराध की डोर जुड़ी हुई थी। दबिश के दौरान पुलिस ने एप्पल कंपनी का टेबलेट, विदेशी करंसी, नकली पिस्टल समेत चोरी की 21 बाइक और 51 मोबाइल जब्त किए हैं।

रविवार की कार्रवाई ने ईरानी डेरे की चुप्पी तोड़ दी है, लेकिन सवाल अब भी बाकी हैं। क्या यह सिर्फ शुरुआत है ? क्या इस डेरे से जुड़े और बड़े नाम सामने आएंगे ? पुलिस की जांच जारी है और ईरानी डेरे की कहानी अब नए मोड़ पर पहुंच चुकी है। यह सिर्फ एक छापा नहीं था, यह उस खौफ के खिलाफ कार्रवाई थी, जो सालों से भोपाल की एक बस्ती में पल रहा था।