रीवा: चने की भाजी खाने से किसान की मौत, पत्नी-बेटी की हालत नाजुक

रीवा के गढ़ गांव में चने की भाजी खाने से फूड पॉइजनिंग हुई। किसान की मौत हो गई, जबकि पत्नी और बेटी का इलाज चल रहा है।

रीवा: चने की भाजी खाने से किसान की मौत, पत्नी-बेटी की हालत नाजुक

रीवा जिले के गढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत गढ़ में एक चौका देने वाली घटना सामने आई है। यहां चने की भाजी खाने के बाद एक किसान की मौत हो गई, जबकि उसकी पत्नी और बेटी गंभीर रूप से बीमार हो गईं।

घटना 23 दिसंबर 2025 की है। गांव की रहने वाली श्याम कली कोल खेत से चने की भाजी तोड़कर घर लाई थीं। रात करीब 9 बजे भाजी बनाकर परिवार ने खाना खाया। खाने वालों में शंकर कोल उर्फ बंटी (पिता हिंगलाल कोल), उनकी पत्नी श्याम कली और बेटी साधना शामिल थीं।

खाना खाने के बाद बिगड़ी तबीयत

श्याम कली का कहना है कि खाना खाने के करीब एक घंटे बाद ही तीनों की तबीयत खराब होने लगी। रात 10 बजे के बाद उल्टी-दस्त शुरू हो गए। हालत गंभीर होने पर परिजन उन्हें स्थानीय डॉक्टरों के पास ले गए, लेकिन वहां इलाज करने से मना कर दिया गया।

इसके बाद तीनों को रीवा के संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया। दो दिन इलाज के बाद पत्नी और बेटी की हालत में कुछ सुधार हुआ और उन्हें घर भेज दिया गया। वहीं 26 दिसंबर को शंकर कोल की तबीयत फिर अचानक बिगड़ गई। परिजन उन्हें दोबारा संजय गांधी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान 28 दिसंबर 2025 को उनकी मौत हो गई।

नकली केमिकल देने का आरोप

पत्नी ने आरोप लगाया है कि किसी दुकानदार ने अच्छी पैदावार और कीड़े न लगने की बात कहकर खेत में डालने के लिए केमिकल दिया था। उन्हें नहीं पता था कि जहरीली हो सकती है।

संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल के अधीक्षक ने बताया कि शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि चने की फसल में किसी अज्ञात रासायनिक दवा का छिड़काव किया गया था। उसी भाजी के सेवन से फूड पॉइजनिंग हुई, जिससे शंकर कोल की मौत हो गई।

जांच और कार्रवाई की मांग

घटना के बाद गांव और आसपास के इलाके में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच और नकली कीटनाशक बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, तबीयत फिर बिगड़ने पर महिला और उसकी बेटी को दोबारा अस्पताल में भर्ती कराया गया है।