3 दिन बाद किसान आंदोलन खत्म: MP सरकार करेगी 60% मूंग खरीदी, 10 अगस्त तक हो सकेगी स्लॉट बुकिंग
घर लौटे किसान। 3 दिन बाद खत्म हुआ आंदोलन। सरकार ने 60% मूंग खरीदी और खाद की ई-टोकन व्यवस्था पर लिया बड़ा फैसला। स्लॉट बुकिंग 10 अगस्त तक और मूंग खरीदी 20 अगस्त तक।
Bhopal। मध्य प्रदेश में तीन दिनों तक चले किसानों के बड़े आंदोलन का आखिरकार देर रात समापन हो गया। MP सरकार और किसान प्रतिनिधियों के बीच मंत्रालय में हुई लंबी बैठक के बाद कई अहम फैसलों पर सहमति बनी।

इसके बाद किसान आंदोलन समाप्त कर अपने-अपने घर लौट गए। प्रशासन ने Roshanpura Chauraha से किसानों को बसों के जरिए उनके वाहनों तक पहुंचाया। आंदोलन खत्म होने के बाद Banganga Marg को छोड़कर शहर के अधिकांश रास्तों पर यातायात सामान्य कर दिया गया।

सरकार 60% तक खरीदेगी Moong
बैठक के बाद कृषि मंत्री Aidal Singh Kansana ने घोषणा की कि राज्य सरकार इस बार किसानों से 60 प्रतिशत तक Moong खरीदेगी। Narmadapuram, Sehore, Harda सहित अन्य जिलों में प्रति एकड़ करीब 3 क्विंटल Moong खरीदी जाएगी।

किसानों को स्लॉट बुकिंग के लिए 10 अगस्त तक का समय दिया गया है, जबकि खरीदी की प्रक्रिया 20 अगस्त तक चलेगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन किसानों ने पंजीयन कराया है, उन्हें तय प्रक्रिया के तहत खरीदी का लाभ मिलेगा। इससे हजारों किसानों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

खाद की ई-टोकन व्यवस्था फिलहाल स्थगित
किसानों की एक प्रमुख मांग खाद वितरण में लागू ई-टोकन व्यवस्था को हटाने की थी। सरकार ने इस पर भी फैसला लेते हुए फिलहाल ई-टोकन व्यवस्था को स्थगित कर दिया है। अब किसानों को पहले की तरह खाद वितरण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था पर आगे सभी पक्षों से चर्चा के बाद फैसला लिया जाएगा।

कुछ किसान फैसले से पूरी तरह संतुष्ट नहीं
सरकार की घोषणा के बाद अधिकांश किसान संगठनों ने आंदोलन समाप्त करने पर सहमति जताई, लेकिन कुछ युवा किसानों ने फैसले पर नाराजगी भी जताई। उनका कहना है कि 3 क्विंटल प्रति एकड़ खरीदी पर्याप्त नहीं है।

उनका मानना है कि सरकार को कम से कम 5 क्विंटल प्रति एकड़ Moong खरीदनी चाहिए ताकि किसानों को वास्तविक राहत मिल सके। हालांकि, किसान नेताओं ने कहा कि बातचीत के जरिए कई महत्वपूर्ण मांगें स्वीकार हुई हैं, इसलिए फिलहाल आंदोलन समाप्त किया जा रहा है।

Shivraj Singh Chouhan ने CM को लिखा पत्र
इस बीच केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav को दो पेज का पत्र लिखा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने PM-AASHA योजना के तहत 25 प्रतिशत Moong खरीदी की मंजूरी दे दी है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि राज्य सरकार चाहे तो 25 प्रतिशत से अधिक खरीदी अपने खर्च पर कर सकती है। इसके बाद राज्य सरकार ने 60 प्रतिशत तक खरीदी का फैसला लिया।

CJP और युवाओं ने भी किया आंदोलन का समर्थन
किसानों के आंदोलन को CJP के संस्थापक Abhijeet Dipke ने भी समर्थन दिया। आंदोलन में बड़ी संख्या में Gen-Z और युवा भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने किसानों की मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और जल्द समाधान की मांग की।

CM House की ओर बढ़ते किसानों को रोकने की कोशिश
आंदोलन के दौरान सबसे पहले किसानों को Veer Savarkar Setu पर रोका गया। यहां पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर किसानों को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। कुछ किसान बैरिकेडिंग पर चढ़ गए, जबकि पुलिस उन्हें लगातार समझाने की कोशिश करती रही। कुछ देर बाद प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग हटाई और आगे बढ़ गए।

इसके बाद किसानों ने पुलिस की चार लेयर बैरिकेडिंग भी तोड़ दी। कई किसान पुलिस की बसों पर चढ़ गए और कुछ बसों को हटाने की कोशिश करने लगे। पुलिस लगातार उन्हें रोकती रही, लेकिन आंदोलनकारी आगे बढ़ते रहे।

आंदोलन के दौरान एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसने सभी का ध्यान खींचा। जब प्रदर्शनकारी बस हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, तब Additional Commissioner Monica Shukla बस के सामने खड़ी हो गईं। उन्होंने बस को आगे नहीं बढ़ने दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी बस छोड़कर पैदल आगे बढ़ गए। यह घटना पूरे आंदोलन की सबसे चर्चित तस्वीरों में शामिल रही।

BJP कार्यकर्ताओं ने भी उठाई किसानों की आवाज
इस आंदोलन की खास बात यह रही कि कुछ BJP कार्यकर्ता भी किसानों के समर्थन में उतर आए। Dashrath Patel ने कहा कि सरकार ने ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से Moong खरीदने का वादा किया था, लेकिन इसे पूरा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि किसान किसी से भीख नहीं मांग रहे, बल्कि अपना अधिकार मांग रहे हैं।

वहीं BJP Kisan Morcha के जिला मंत्री Kamal Mowal ने कहा कि जब Shivraj Singh Chouhan मुख्यमंत्री थे, तब किसानों की समस्याओं का समाधान जल्दी हो जाता था, लेकिन अब किसानों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।

Shivraj Singh Chouhan के आवास तक पहुंचे किसान
प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारी केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan के आवास तक भी पहुंच गए। वहां उन्होंने नारेबाजी की, ट्रैक्टर सड़क पर खड़े कर धरना दिया और सड़क जाम कर दी। पुलिस ने पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी। बम निरोधक दस्ता और अतिरिक्त पुलिस बल भी मौके पर तैनात किया गया।

इस दौरान कई स्थानों पर पुलिस और किसानों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। कुछ किसानों के कपड़े फट गए। किसान नेताओं ने कहा कि वे अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे, जबकि पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण आंदोलन करने और बैरिकेडिंग नहीं तोड़ने की अपील करती रही।

सहमति बनने के बाद अपने घर वापस लौटे किसान
आंदोलन के दौरान किसान नेता Sunil Singh ने चेतावनी दी थी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो वे CM House का गेट तोड़कर अंदर प्रवेश करेंगे। वहीं Bharatiya Kisan Sangh के Virendra Kumar Gurjar ने कहा था कि किसान जरूरत पड़ी तो पूरी रात भी धरने पर डटे रहेंगे।

हालांकि, मंत्रालय में हुई बातचीत के बाद सरकार और किसान प्रतिनिधियों के बीच सहमति बन गई। इसके बाद आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की गई। प्रशासन ने किसानों को बसों के माध्यम से उनके वाहनों तक पहुंचाया और वे अपने-अपने जिलों के लिए रवाना हो गए। देर रात तक Roshanpura Chauraha खाली हो गया और शहर में सामान्य स्थिति बहाल हो गई। सरकार का कहना है कि किसानों से जुड़े मुद्दों पर आगे भी संवाद जारी रहेगा।
Varsha Shrivastava 
