बिहार: बच्चों के इलाज पर सवाल पूछा तो भड़के डॉक्टर? पत्रकार से मारपीट का आरोप
सहरसा सदर अस्पताल में बच्चों के इलाज पर सवाल पूछने पहुंचे पत्रकार से कथित मारपीट का आरोप। पत्रकार ने डॉक्टरों और अस्पताल कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए, जांच और कार्रवाई की मांग।
सहरसा: बिहार के सहरसा सदर अस्पताल में रिपोर्टिंग करने पहुंचे एक पत्रकार से कथित मारपीट का मामला सामने आया है। पत्रकार का आरोप है कि मिड-डे मील खाने के बाद बीमार हुए बच्चों के इलाज और अस्पताल की व्यवस्था को लेकर सवाल पूछने पर डॉक्टरों से विवाद हो गया। इसके बाद डॉक्टरों, पैरामेडिकल छात्रों और अस्पताल कर्मियों ने उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की।
बच्चों की तबीयत पर पूछा था सवाल
सहरसा जिले के वासुदेवा स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में मिड-डे मील खाने के बाद कई बच्चों की तबीयत बिगड़ने की खबर सामने आई थी। रिपोर्ट के अनुसार, प्रभावित बच्चों को इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया और मामले की जांच शुरू की गई। इसी घटनाक्रम को लेकर पत्रकार अस्पताल पहुंचा और बच्चों के इलाज तथा स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े सवाल पूछ रहा था।
पत्रकार का आरोप है कि इसी दौरान डॉक्टरों से सवाल-जवाब को लेकर विवाद बढ़ गया। इसके बाद उसे अस्पताल के अंदर ले जाया गया और कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की गई।
कमरे में ले जाकर पिटाई का आरोप
पीड़ित पत्रकार के अनुसार, डॉ. एसके आजाद, डॉ. रौशन लाल और शिल्पी कुमारी उसे अस्पताल के अंदर एक कमरे में ले गए। पत्रकार का दावा है कि वहां मौजूद पैरामेडिकल छात्रों और अस्पताल कर्मियों ने उसके साथ मारपीट की। यह पूरा विवरण फिलहाल पत्रकार की ओर से लगाए गए आरोपों और प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट पर आधारित है।
पत्रकार ने यह भी आरोप लगाया है कि विवाद के दौरान उसके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया। सोशल मीडिया पर सामने आए दावों में डॉक्टर द्वारा कथित तौर पर “हम तुम्हारे बाप हैं” कहने और पत्रकार की मां के लिए अपशब्द इस्तेमाल करने की बात कही जा रही है। हालांकि, उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्ट में इन कथित शब्दों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इन्हें आरोप/दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए। घटना की वास्तविक स्थिति CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और संबंधित पक्षों की जांच के बाद स्पष्ट हो सकेगी।
कार्रवाई नहीं तो अनशन की चेतावनी
घटना के बाद पत्रकार ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, पत्रकार ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो वह सहरसा समाहरणालय के सामने अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठेंगे।

