इंडियावालों पर कहर बरसा रही गर्मी. टॉप 50 सबसे गर्म शहर में सारे भारत के

Severe Heatwave India: गर्मी का कहर पूरे भारत पर पड़ रहा है. आलम ये है कि दुनिया के 50 सबसे गर्म शहरों में सारे भारत के हैं. नौतपा के चलते पारा रिकॉर्ड हाई पर जा पहुंचा है. जिसने गर्मी को कहीं ज्यादा खतरनाक, दमघोंटू और ना काबिल-ए-बर्दाश्त बना दिया है.

इंडियावालों पर कहर बरसा रही गर्मी. टॉप 50 सबसे गर्म शहर में सारे भारत के

IPL में वैभव सूर्यवंशी का बल्ला जिस तरह गेंदबाजों पर कहर बरपा रहा है. ठीक उसी तरह इंडियावालों पर गर्मी का कहर बरस रहा है. देश के कई हिस्सों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका है. लेकिन ऐसा लग रहा है कि इस बार गर्मी ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ने की कसम खा ली है. मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो प्रॉब्लम सिर्फ बढ़ते तापमान तक सीमित नहीं रह गई है. बल्कि कहीं ज्यादा भयानक हो गई है. इस साल की लू के साथ बढ़ती उमस, गर्म रातों पेड़ों की अंधाधुंध कटाई, बढ़ते शहरीकरण और दुनियाभर में होने वाले जलवायु परिवर्तन ने मिलकर डेडली कॉकटेल तैयार किया है.

जिसने गर्मी को पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा खतरनाक, दमघोंटू और ना काबिल-ए-बर्दाश्त बना दिया है. जो रही सही कसर बाकी रह गई थी, वो नौतपा ने पूरी कर दी है. जिसके चलते नौ दिनों तक सूरज की किरणें भारत के मैदानी इलाकों पर एकदम सीधी यानी वर्टिकल पड़ती हैं. सीधी धूप और तेज गर्म हवाओं के कारण वातावरण का तापमान अचानक से काफी ऊपर चला जाता है. नतीजा राजस्थान, हरियाणा,, दिल्ली NCR, यूपी, बिहार और मध्य प्रदेश जैसे राज्य हाई टैंपरेचर और हीट वेव की दोहरी मार झेल रहे हैं.

भारत में गर्मी ने इस बार सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. हालात ऐसे हैं कि दुनिया के 50 सबसे गर्म शहरों में सारे भारत के हैं। AQI.IN के आंकड़ों के मुताबिक 27 मई की शाम भारत के कई शहरों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार खतरा सिर्फ बढ़ते तापमान से नहीं, बल्कि उमस, गर्म रातों और लगातार बढ़ते शहरीकरण से भी है. 

महाराष्ट्र का ब्रह्मपुरी देश का सबसे गर्म इलाका दर्ज किया गया, जहां तापमान 47.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. वहीं वर्धा में 47 डिग्री, मध्य प्रदेश के नौगांव में 46.5 डिग्री और बांदा-खजुराहो में 46.4 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया. उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा और विदर्भ समेत कई इलाकों में भीषण लू का असर लगातार बना हुआ है.

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में 28 मई तक गंभीर हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है. वहीं पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और आंध्र प्रदेश में भी लोगों को फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद नहीं है. विशेषज्ञों के मुताबिक भारत में अब सिर्फ दिन ही नहीं, रातें भी खतरनाक रूप से गर्म होती जा रही हैं. 2010 से 2024 के बीच देश का औसत न्यूनतम तापमान लगातार बढ़ा है, जिससे लोगों को रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही. इसके साथ ही हवा में नमी बढ़ने से ‘कंपाउंड हॉट-ह्यूमिड डे’ जैसी स्थिति तेजी से बढ़ रही है, जिसमें शरीर का कूलिंग सिस्टम ठीक से काम नहीं कर पाता और हीट स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. 

रिपोर्ट के मुताबिक 2020 से 2024 के बीच ऐसे हॉट-ह्यूमिड दिनों की संख्या बढ़कर 16,970 तक पहुंच गई है। उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, तमिलनाडु, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में इसका असर सबसे ज्यादा देखा गया है। 

मौसम वैज्ञानिक मानते हैं कि बढ़ते कंक्रीट के जंगल, पेड़ों की कटाई और ग्लोबल वार्मिंग ने भारतीय शहरों को ‘हीट ट्रैप’ में बदल दिया है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते बड़े स्तर पर पौधारोपण, टिकाऊ शहरीकरण और सख्त क्लाइमेट पॉलिसी लागू नहीं की गईं, तो आने वाले वर्षों में गर्मी और ज्यादा जानलेवा हो सकती है.