क्या खत्म हो जाएगी TMC? बीजेपी नेता तो यही दावा कर रहे
West Bengal: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सीनियर नेता और सांसद Saumitra Khan ने दावा किया है कि TMC के 20 सांसद BJP के संपर्क में हैं. उन्होंने यह भी कहा कि अगर केंद्रीय नेतृत्व मंजूरी दे, तो वे पाला बदलने को तैयार हैं. TMC की इस पर प्रतिक्रिया आई है.
पश्चिम बंगाल में मिली हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) परेशानियों से गुजर रही है. पार्टी के सीनियर नेता खुलकर नराजगी जता रहे हैं. इसी बीच भारतीय जनता पार्टी के सीनियर नेता सौमित्र खान (Saumitra Khan) ने दावा किया है कि TMC के 20 सांसद बीजेपी के संपर्क में हैं. उन्होंने यह भी कहा कि अगर केंद्रीय नेतृत्व मंजूरी दे, तो वे पाला बदलने को तैयार हैं. TMC ने इस दावे को ‘बेबुनियाद’ बताकर खारिज कर दिया है.

क्या खत्म हो जाएगी?
तीन बार लोकसभा सांसद रह चुके सौमित्र खान ने किसी भी सांसद का नाम लिए बिना पत्रकारों से कहा,
“टीएमसी के 20 सांसद (बीजेपी में) आने को तैयार हैं. अगर बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व एक बार कह दे, तो टीएमसी पार्टी नहीं रहेगी. हर कोई बीजेपी में आने को तैयार है.
उन्होंने यह भी दावा किया कि टीएमसी के 50 विधायक पार्टी से नाखुश हैं. BJP नेता सौमित्र ने कहा कि अगर बीजेपी चाहे, तो अगले कुछ दिनों में पूरी की पूरी TMC खत्म हो जाएगी.

पश्चिम बंगाल में कुल 42 लोकसभा सीटों में से टीएमसी के पास अभी 29 सांसद हैं. बीजेपी के पास 12 और कांग्रेस के पास एक सांसद है. दल-बदल विरोधी कानून कहता है कि अयोग्य घोषित होने से बचने के लिए किसी संसदीय दल के कम से कम दो-तिहाई सदस्यों को एक साथ पाला बदलना जरूरी होता है. इस हिसाब से टीएमसी के मामले में देखा जाए तो लोकसभा में 29 सांसद होने के कारण, यह संख्या 20 के आसपास बनती है.
TMC ने क्या बताया?
तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने बीजेपी नेता सौमित्र खान के दावों को खारिज कर दिया है. टीएमसी के सीनियर नेता और सांसद सौगत रॉय ने इन खबरों को ‘बेबुनियाद’ बताया. न्यूज एजेंसी ने उनके हवाले से लिखा, “यह पूरी तरह से बेबुनियाद है, जिसे बीजेपी और सौमित्र खान पत्रकारों के बीच फैला रहे हैं. ऐसा कुछ भी नहीं होने वाला है.
2021 के विधानसभा चुनावों से पहले, टीएमसी के कई बड़े नेताओं ने बीजेपी का दामन थाम लिया था. लेकिन टीएमसी के सत्ता में लौटने के बाद वे पार्टी में वापस लौट आए थे. राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इस बार हालात कुछ अलग नजर आ रहे हैं. बीजेपी ने तृणमूल के 15 साल के शासन को खत्म करके बंगाल में सत्ता हासिल की है.

पश्चिम बंगाल में मिली करारी हार के बाद टीएमसी अपने बुरे दौर से गुजर रही है. बीते कुछ दिनों में अलग-अलग नगर पालिकाओं के लगभग 100 पार्षदों ने इस्तीफा दे दिया है. लोकसभा सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने भी छह विधायकों के साथ बीजेपी बैठक में हिस्सा लिया. बंगाल के सियासी गलियारों में इसके कई मायने निकाले जा रहे हैं. अटकलें लगाई जा रही हैं कि काकोली घोष और कई विधायक बीजेपी का दामन थाम सकते हैं.
shivendra 
