गुजरात मॉडल पर होगा MP का विकास, MSME मंत्री चैतन्य काश्यप ने गिनाईं 2 साल की उपलब्धियां
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप ने भोपाल में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान अपने विभाग की पिछले दो वर्षों की उपलब्धियों का लेखा-जोखा जनता के सामने रखा।
भोपाल। प्रदेश सरकार के दो साल पूरे होने के अवसर पर मंत्रियों द्वारा अपने-अपने विभागों की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड जनता के समक्ष रखा जा रहा है। इसी कड़ी में 30 दिसंबर मंगलवार को कैबिनेट मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने भी 2 सालों का ब्यौरा पेश किया और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग की उपलब्धियों बताईं।
मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि मध्य प्रदेश में गुजरात मॉडल को लागू करते हुए राज्य के आठ विभिन्न स्थानों पर रीजनल इनवेस्टमेंट समिट आयोजित की गईं। मध्य प्रदेश में विकास की स्पष्ट परिकल्पना के साथ इन समिट्स का आयोजन किया गया, जिससे निवेशकों को आकर्षित किया जा सके। इन आठ रीजनल इनवेस्टमेंट समिट्स के सफल आयोजन के बाद भोपाल में ग्लोबल इनवेस्टमेंट समिट का आयोजन किया गया।
उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में प्रदेश में लगभग 750 नए प्रोजेक्ट प्रारंभ किए जाने की प्रक्रिया में हैं। निवेश को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा तीन प्रमुख नीतियाँ लागू की गई हैं, जिनमें प्रोत्साहन नीति और विकास नीति प्रमुख हैं।
मंत्री ने बताया कि उद्योगों को 40 प्रतिशत तक अनुदान प्रदान किया जा रहा है, जबकि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के उद्यमियों को 60 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है। इसके साथ ही MSME क्षेत्र में सूचीबद्ध उद्योगों की संख्या में वृद्धि की गई है।
अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अनुसंधान केंद्रों को 25 करोड़ रुपये तक की सहायता प्रदान की जा रही है। मंत्री काश्यप ने कहा कि इन प्रयासों से मध्य प्रदेश को उद्योग और निवेश के क्षेत्र में नई पहचान मिल रही है।
Varsha Shrivastava 
