कूनो से आई खुशखबरी: चीता 'आशा ' ने 5 शावकों को दिया जन्म, CM ने शेयर किया वीडियो

मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क से बड़ी खुशखबरी सामने आई है। यहां मादा चीता 'आशा' मां बनी हैं। खास बात ये है कि, उन्होंने एक साथ पांच शावकों को जन्म दिया है।

कूनो से आई खुशखबरी: चीता 'आशा ' ने 5 शावकों को दिया जन्म, CM ने शेयर किया वीडियो

मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क से बड़ी खुशखबरी सामने आई है। यहां मादा चीता 'आशा' मां बनी हैं। खास बात ये है कि, उन्होंने एक साथ पांच शावकों को जन्म दिया है। कूनों प्रबंधन ने इसकी पुष्टि की है। और एक वीडियो जारी किया है, जिसमें मादा चीता अपने शावकों को दुलारती नजर आ रही हैं। इस वीडियो को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी शेयर किया है।

भारत में जन्मे शावकों की संख्या 24

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियो शेयर कर लिखा कि, कूनो ने गर्व के एक अभूतपूर्व क्षण का अनुभव किया है क्योंकि आशा ने पाँच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है, जिससे भारत की चीता संरक्षण यात्रा को और अधिक मजबूती मिली है।इसके साथ ही, भारत में जन्मे शावकों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है और चीतों की कुल आबादी 35 तक पहुँच गई है।यह उपलब्धि हमारे वन कर्मचारियों और पशु चिकित्सकों के अथक समर्पण को दर्शाती है। यह राज्य वन्यजीव संरक्षण के एक प्रमुख केंद्र (एपिसेंटर) के रूप में उभर रहा है।

केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने शेयर किया वीडियो

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने भी कूनो में मादा चीता आशा का उसके पांच शावकों के साथ का वीडियो शेयर किया है। केंद्रीय मंत्री एक्स पर लिखा- आशा की विरासत आगे बढ़ रही है- भारत ने उसके पांच प्यारे शावकों का स्वागत किया! प्रोजेक्ट चीता के लिए यह अत्यंत गर्व और खुशी का क्षण है क्योंकि नामीबियाई चीता आशा, जो दूसरी बार मां बनी है। आशा ने 7 फरवरी 2026 को कुनो राष्ट्रीय उद्यान में पांच शावकों को जन्म दिया। इसके साथ ही, भारत में जन्मे जीवित शावकों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है, जो भारतीय धरती पर चीतों के आठवें सफल प्रजनन का प्रतीक है-

उन्होंने आगे लिखा- यह भारत के चीता संरक्षण अभियान में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पर्यावरण के प्रति जागरूक नेतृत्व में शुरू और पोषित किया गया है। यह आनंदमय उपलब्धि जमीनी स्तर पर अथक परिश्रम कर रहे फील्ड स्टाफ और पशु चिकित्सकों के अटूट समर्पण, कौशल और प्रतिबद्धता का एक शानदार प्रमाण है। आशा और उसके शावक खूब फलें-फूलें और भारत में चीतों के संरक्षण की कहानी को और भी ऊंचाइयों तक ले जाएं। उनके आगमन के साथ, भारत में चीतों की कुल संख्या अब 35 हो गई है। भारत में वन्यजीव संरक्षण के लिए यह वास्तव में एक ऐतिहासिक और दिल को छू लेने वाला क्षण है।