CM मोहन यादव और BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की मुलाकात, MP में सियासी हलचल तेज, निगम मंडल में नए चेहरों को मौका !
दिल्ली में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के साथ मुलाकात की। मध्य प्रदेश में लंबे समय से अटकी निगम-मंडल नियुक्तियों पर नए चेहरों के साथ जल्द फैसला लिया जा सकता है।
नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की। बताया जा रहा है, मध्य प्रदेश में लंबे समय से अटकी निगम-मंडल नियुक्तियों को लेकर चल रही कवायद पर विस्तार से चर्चा हुई। यह बैठक संगठन और सरकार दोनों के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।

इससे पहले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी दिल्ली जाकर राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात कर चुके हैं। उस बैठक में संगठन की जमीनी स्थिति, कार्यकर्ताओं की भूमिका और निगम-मंडल नियुक्तियों को लेकर स्पष्ट रणनीति पर चर्चा हुई थी।
पुरानी सूची पर फिर विचार, नए चेहरों की एंट्री संभव
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में पहले से तैयार पुरानी सूची के नामों पर भी मंथन हुआ है, लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष से चर्चा के बाद संकेत मिले हैं कि इस बार नए और सक्रिय कार्यकर्ताओं को भी मौका दिया जा सकता है। संगठनात्मक संतुलन और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए सूची में बड़े बदलाव संभव माने जा रहे हैं।
लंबे समय से अटकी सूची, नेताओं में बढ़ी बेचैनी
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में निगम-मंडलों की सूची लंबे समय से अटकी हुई है, जिससे निगम मंडलों की आस लगाए बैठे नेता और कार्यकर्ताओं में असंतोष और इंतजार की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में मुख्यमंत्री की यह दिल्ली यात्रा और राष्ट्रीय अध्यक्ष से सीधी बातचीत को फैसले की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रीय संगठन इस बार नियुक्तियों में केवल नाम नहीं, बल्कि कार्यकर्ता का योगदान, क्षेत्रीय संतुलन और संगठन के प्रतिनिष्ठा को प्राथमिक आधार बनाएगा। इसी वजह से सूची को अंतिम रूप देने से पहले हर स्तर पर सघन मंथन किया जा रहा है।

जल्द आ सकता है फैसला
मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष दोनों की दिल्ली में हुई बैठकों के बाद यह संकेत साफ हैं कि निगम-मंडलों की नियुक्तियों को लेकर जल्द कोई ठोस फैसला सामने आ सकता है। अब संगठन और कार्यकर्ताओं की नजरें राष्ट्रीय नेतृत्व के अगले कदम पर टिकी हैं।
sanjay patidar 
