Jabalpur:स्कूल के नाम पर जमीन, अस्पताल बनाकर नामांतरण: करोड़ों का घोटाला उजागर
शैक्षणिक काम के लिए लीज पर मिली जबलपुर नगर निगम की 7500 वर्गफुट की जमीन पर अस्पताल बनवाने और तहसीलदार से मिलीभगत कर अवैध रुप से जमीन अपने नाम कराने से शासन को 3.5 करोड़ रुपये के नुकसान के मामले में EOW ने जॉय एजुकेशन सोसायटी के पूर्व चेयरमेन अखिलेश मेबन और तत्कालीन तहसीलदार हरिसिंह धुर्वे के खिलाफ FIR दर्ज की है।
जबलपुर: नगर निगम को चूना लगाने के आरोप में जॉय एजुकेशन सोसायटी चेयरमेन व तहसीलदार पर EOW ने FIR दर्ज की है. जबलपुर में शैक्षणिक कार्य के नाम पर लीज पर मिली नगर निगम की कीमती भूमि पर अस्पताल बनवाने और अवैध तरीके से मालिकाना हक हासिल करने का बड़ा मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने जॉय एजुकेशन सोसायटी के पूर्व चेयरमेन अखिलेश मेबन और आधारताल के तत्कालीन तहसीलदार हरिसिंह धुर्वे के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस पूरे मामले की जबलपुर निवासी राजकुमार ने EOW में शिकायत की थी।

लीज की भूमि पर खेल, नियमों की खुली अवहेलना
EOW को दी गई शिकायत में पाया गया कि, नगर निगम जबलपुर ने शासन के आदेश पर जॉय एजुकेशन सोसायटी को 7500 वर्गफुट भूमि ,प्लॉट नंबर 440, डायवर्सन शीट नंबर 152-सी को केवल शैक्षणिक उपयोग के लिए जॉय एजुकेशन सोसायटी को 30 वर्ष की लीज पर आवंटित किया था। लीजडीड में स्पष्ट शर्त थी कि भूमि का उपयोग किसी अन्य कार्य के लिए नगर निगम की अनुमति के बिना नहीं किया जा सकता।
स्कूल की जगह अस्पताल का निर्माण
लीज की अवधि वर्ष 2020 में समाप्त होने के बाद 22 अप्रैल 2022 को इसे फिर 30 वर्ष के लिए शैक्षणिक उद्देश्य से बढ़ाया गया। इसके बावजूद अखिलेश मेबन ने नगर निगम की अनुमति के बिना भूमि पर अस्पताल का निर्माण शुरू करा दिया। न तो वहां स्कूल संचालित किया गया और न ही स्वीकृत नक्शे का पालन किया गया।
तहसीलदार से सांठगांठ कर अवैध नामांतरण
जांच में सामने आया है कि अस्पताल निर्माण शुरू होते ही अखिलेश मेबन ने तत्कालीन तहसीलदार हरिसिंह धुर्वे के साथ आपराधिक षड़यंत्र रचते हुए बिना किसी वैधानिक दस्तावेज के उक्त भूमि का मालिकाना हक अपने नाम करवा लिया। यह भूमि जबलपुर के व्यावसायिक क्षेत्र में स्थित है, यह भूमि जबलपुर शहर के महत्वपूर्ण व्यावसायिक क्षेत्र में स्थित है। कलेक्टर गाईड लाइन के मुताबिक लगभग 3.50 करोड़ रुपये जिसकी वर्तमान कीमत आंकी गई है।
शासन को करोड़ों की क्षति
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपियों की आपसी मिलीभगत के चलते शासन और नगर निगम जबलपुर को कम से कम 3.5 करोड़ रुपये की आर्थिक क्षति हुई है। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद EOW ने मामले में औपचारिक रूप से अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।EOW ने जॉय एजुकेशन सोसायटी के पूर्व चेयरमेन अखिलेश मेबन निवासी जबलपुर और आधारताल के तत्कालीन तहसीलदार हरिसिंह धुर्वे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 316(5), 61(2) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 की धारा 7(सी) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।
sanjay patidar 
