09 February 2026: बैंककर्मी ने खुद को मारी गोली, मकान पर था करोड़ों का कर्ज, पढ़ें इंदौर की आज की खबरें

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने बाइक को पब्लिक ट्रांसपोर्ट के रूप में इस्तेमाल करने को गैरकानूनी करार दिया। एक व्यक्ति ने बैंक की कुर्की कार्रवाई के दौरान खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।

09 February 2026: बैंककर्मी ने खुद को मारी गोली, मकान पर था करोड़ों का कर्ज, पढ़ें इंदौर की आज की खबरें
Indore Crime News Today

कुर्की कार्रवाई के दौरान व्यक्ति ने खुद को मारी गोली

इंदौर के विजय नगर इलाके में सोमवार शाम उस समय सनसनी फैल गई, जब एक व्यक्ति ने बैंक की कुर्की कार्रवाई के दौरान खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। बैंक ऑफ महाराष्ट्र की टीम कोर्ट के कुर्की आदेश पर मकान सील करने पहुंची थी लेकिन मकान मालिक ने एक दिन का समय मांगा था, जब बैंक कचरियों और बैंक वकील ने मोहलत नहीं दी तो उन्होंने लायसेंसी बंदूक से खुद को गोली मार ली।

विजय नगर थाना प्रभारी चंद्रकांत पटेल के मुताबिक 51 वर्षीय हेमंत ब्रह्मवंशी, जो इंदौर प्रीमियर कॉपरेटिव बैंक में कार्यरत थे, अपने घर पर मौजूद थे। इसी दौरान कोर्ट के आदेश पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र की रिकवरी टीम मोर्टगेज लोन की कुर्की की कार्रवाई करने उनके घर पहुंची। टीम को देखकर हेमंत मानसिक रूप से बेहद परेशान और तनावग्रस्त हो गए उन्होंने बैंक कर्मचारियों और बैंक के वकील से एक दिन की मोहलत मांगी उन्होंने बैंक कर्मचारी और बैंक के वकील से लोन की राशि जमा करने के लिए एक दिन की मोहलत मांगी थी लेकिन सभी ने मोहलत देने से मना कर दिया।

इसी बीच घर के भीतर उन्होंने अपनी लाइसेंसी बंदूक उठाई और खुद को गोली मार ली। गोली लगते ही उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के समय घर में हेमंत की पत्नी और बेटा भी मौजूद थे, जो अचानक हुई इस वारदात से सदमे में हैं। गोली चलने की आवाज सुनते ही आसपास के लोग भी इकट्ठा हो गए और हेमंत को घर से दो सौ मीटर दूर अपोलो अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही विजय नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और एफएसएल टीम को भी बुलाया गया। फॉरेन्सिक अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और हथियार सहित अन्य सबूतों को कब्जे में लिया।

पुलिस प्रारंभिक तौर पर इसे आत्महत्या मान रही है, हालांकि बैंक की टीम द्वारा की जा रही कुर्की कार्रवाई के समय हुई इस घटना की पूरी परिस्थितियों की जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस परिजनों के बयान लेकर आगे की कार्रवाई में जुटी है। शुरुआती जानकारी में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की टीम द्वारा केवल कोर्ट आदेश के पालन में कुर्की करने पहुंचने की बात सामने आई है। घटना ने पूरे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।

युवक को फर्जी पूछताछ के बहाने 3 युवकों ने किया अगवा

इंदौर के पलासिया थाना क्षेत्र में कैश डिपॉजिट मशीन पर रकम जमा करने पहुंचे युवक को फर्जी पूछताछ के बहाने तीन युवकों ने अगवा कर लिया, और पुलिस की पूछताछ के बहाने सुनसान इलाके में ले जाकर रकम छीन ली और मोबाइल से चार हजार डॉलर ट्रांसफर कर लिए। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो संदिग्ध पुलिकर्मियों से पूछताछ की जा रही है।

फर्जी लूट की यह पूरी घटना शनिवार 7 फरवरी की है। फरियादी अपने भाई के साथ प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने पलासिया स्थित कैश डिपॉजिट मशीन पहुंचा था। इसी दौरान एक संदिग्ध युवक उसके पीछे खड़ा हो गया। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाता, बुलेट बाइक पर आए दो और युवक वहां पहुंचे और तीनों ने फरियादी को डराने के लिए कहा कि इतना कैश डिपॉजिट करना इन लीगल है। इसके बाद तीनों उसे पुलिसकर्मी होने का हवाला देकर उसे जबरन सिंगापुर पार्क के पीछे बने सुनसान इलाके में ले गए और वहां कथित पूछताछ शुरू कर दी। आरोपियों ने युवक का मोबाइल चेक किया और पता लगाया कि वह क्रिप्टो ट्रेडिंग करता है। इस मामले में कुल लगभग 2 लाख 5 लाख रुपये कैश और चार हजार क्रिप्टो डॉलर ट्रांसफर की बात सामने आई है।

फरियादी के अनुसार, उससे दबाव बनाकर नावेद नामक व्यक्ति को करीब 4,000 अमेरिकी डॉलर ट्रांसफर करा दिए गए। फरियादी द्वारा इस घटना में दो पुलिसकर्मियों के नाम भी बताए हैं जिसके आधार पर पुलिस ने इस गंभीर वारदात को लूट की प्रवृत्ति मानते हुए BNS की धारा 309, 304 के तहत केस दर्ज किया है। फरियादी ने जिन दो आरोपियों नावेद और साहिल—के नाम बताए हैं, उन्हें मुख्य आरोपी बनाया गया है। बाकी की तलाश पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जारी है। पुलिस का दावा है कि मामले में शामिल कोई भी व्यक्ति चाहे किसी भी विभाग का क्यों न हो उसे बख्शा नहीं जाएगा। 

बाइक को पब्लिक ट्रांसपोर्ट के रूप में इस्तेमाल करना गैरकानूनी

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने बाइक को पब्लिक ट्रांसपोर्ट के रूप में इस्तेमाल करने को गैरकानूनी करार दिया है। कोर्ट ने ओला, उबर, रेपिडो सहित अन्य कंपनियों द्वारा संचालित बाइक टैक्सी सेवाओं पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि बिना परमिट निजी दोपहिया वाहनों का व्यावसायिक उपयोग मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 66 का स्पष्ट उल्लंघन है।

दरअसल, न्यायालय ने स्पष्ट किया कि निजी वाहन को कमर्शियल उद्देश्य से चलाना कानून के खिलाफ है। इसके तहत बाइक टैक्सी सेवाएं, फूड डिलीवरी, दूध वितरण और ई-कॉमर्स कंपनियों के पार्सल डिलीवरी में उपयोग की जा रही निजी बाइकों को भी नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। कोर्ट ने राज्य सरकार, परिवहन विभाग और यातायात पुलिस को सख्त निर्देश देते हुए कहा था कि ऐसे सभी दोपहिया वाहनों के लिए कमर्शियल परमिट अनिवार्य किया जाए, साथ ही पीली नंबर प्लेट लगाई जाए। वहीं डिलीवरी और राइड सर्विस चालकों के लिए ड्रेस कोड लागू किया जाए, ताकि कानून का कड़ाई से पालन सुनिश्चित हो सके।

गौरतलब है कि न्यायालय ने इस संबंध में अक्टूबर 2025 में स्पष्ट निर्देश जारी किए थे, लेकिन अब तक इनका पालन नहीं किया गया है। इसी को लेकर अब अधिवक्ता अमित सिंह सिसोदिया शासन-प्रशासन, परिवहन विभाग और यातायात विभाग के खिलाफ न्यायालय की अवमानना याचिका दायर करने की तैयारी में हैं। इस फैसले के बाद इंदौर में बाइक टैक्सी सेवाओं पर कार्रवाई तेज होने की संभावना है। साथ ही ओला, उबर, रेपिडो जैसी कंपनियों की नीतियों पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आने वाले दिनों में बाइक टैक्सी और डिलीवरी सेवाओं को लेकर प्रशासनिक सख्ती बढ़ सकती है।

8वें वेतन आयोग को लेकर सरकारी कर्मचारियों में उत्सुकता 

इंदौर में आठवें वेतन आयोग को लेकर सरकारी कर्मचारियों में उत्सुकता बढ़ी हुई है, लेकिन इसी उत्सुकता का फायदा अब साइबर ठग उठा रहे हैं। इंदौर पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इसे लेकर एक अहम एडवाइजरी जारी की है।

इंदौर क्राइम ब्रांच ने आठवें वेतन आयोग के नाम पर होने वाले साइबर फ्रॉड को लेकर आमजन और विशेष रूप से सरकारी कर्मचारियों को सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस के अनुसार साइबर अपराधी कर्मचारियों की सैलरी बढ़ोतरी और एरियर कैलकुलेशन की जिज्ञासा का फायदा उठाकर ठगी को अंजाम दे रहे हैं। क्राइम ब्रांच ने बताया कि सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर आठवें वेतन आयोग में सैलरी बढ़ने के कैलकुलेशन के नाम पर अनजान लिंक और एपीके फाइल भेजी जा रही हैं। इन लिंक या फाइलों पर क्लिक करते ही मोबाइल या सिस्टम हैक हो सकता है और बैंकिंग जानकारी चोरी होने का खतरा रहता है।

पुलिस ने एडवाइजरी जारी करते हुए साफ कहा है कि किसी भी अनजान मैसेज, लिंक या एपीके फाइल पर बिना जांच-पड़ताल के क्लिक न करें। साथ ही, किसी भी तरह की जानकारी केवल आधिकारिक सरकारी वेबसाइट या विश्वसनीय स्रोतों से ही प्राप्त करें। इंदौर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि इस तरह का कोई संदिग्ध मैसेज या लिंक प्राप्त होता है तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने में इसकी सूचना दें।

कानून को ताक पर रखकर सड़क पर खुलेआम मारपीट

इंदौर में एक बार फिर सड़क पर कानून को ताक पर रखकर खुलेआम मारपीट का मामला सामने आया है। बीच चौराहे को अखाड़ा बनाकर दो युवकों ने जमकर उत्पात मचाया। पूरी घटना राहगीरी के कैमरे में भी कैद हो गई। 

दरअसल इंदौर के परदेशीपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत पाटनीपुरा चौराहे के पास आस्था टॉकीज के नजदीक उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब दो युवकों ने बीच सड़क को अखाड़ा बना दिया। दोनों के बीच जमकर लात-घूंसे चले और एक-दूसरे को सड़क पर पटक-पटक कर बेरहमी से पीटा गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद की शुरुआत गाड़ी टकराने की बात को लेकर हुई थी, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गया।

मारपीट के दौरान कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ।घटना के दौरान राह चलते लोगों ने बीच-बचाव कर दोनों युवकों को झगड़ा करने से रोका। वहीं, पूरी घटना किसी राहगीर द्वारा मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर ली गई, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। फिलहाल पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल वीडियो के आधार पर मारपीट करने वाले युवकों की पहचान करने में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि पहचान होने के बाद आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

नशे की हालत में मंदिर की दीवार पर पेशाब करने का आरोप

इंदौर में धार्मिक भावनाओं को आहत करने का एक मामला सामने आया है, जहां नशे की हालत में मंदिर की दीवार पर पेशाब करने का आरोप लगा है। इस घटना के बाद इलाके में नाराज़गी फैल गई और हिंदू संगठनों ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की।

मोती तबेले क्षेत्र स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर की दीवार पर नशे की हालत में पेशाब करने का मामला सामने आया है। घटना के बाद स्थानीय रहवासियों में भारी आक्रोश देखा गया, जिसके बाद बजरंग दल को इसकी सूचना दी गई। विहिप नेता की शिकायत पर रावजी बाजार थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है।

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर राजा दुबे, कमल अहिरवार और अर्पित चौहान को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि तीनों आरोपी नशे की हालत में थे और देर रात मंदिर की दीवार के पास पहुंचे थे। घटना सामने आने के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई थी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपियों को सख्त हिदायत भी दी गई है।

कार किराए पर लेकर धोखाधड़ी करने वाले आरोपी की मुश्किलें बढ़ी

इंदौर में कार किराए पर लेकर धोखाधड़ी करने वाले आरोपी संजय करीरा उर्फ संजय कालरा की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। पुलिस की कार्रवाई तेज है और उसके खिलाफ दर्ज मामलों की संख्या भी बढ़ गई है। वही द्वारकापुरी पुलिस ने भी फरियादी की शिकायत पर आरोपी संजय के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।

द्वारकापुरी थाने में कार हेराफेरी के आरोपी संजय करीरा उर्फ संजय कालरा के खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज की गई है। इसके साथ ही आरोपी पर दर्ज मामलों की कुल संख्या अब पांच हो चुकी है। इससे पहले अन्नपूर्णा थाने में उसके खिलाफ चार एफआईआर पहले से दर्ज हैं। वहीं, पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि संजय कालरा लोगों से कारें किराए पर लेता था और बाद में उन्हें अलग-अलग जगहों पर बेच देता था। कई कार मालिकों को महीनों तक अपनी गाड़ियों का कोई सुराग नहीं मिला।

अब तक आरोपी की निशानदेही पर पुलिस करीब 40 कारें बरामद कर चुकी है। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए पीड़ित सामने आ रहे हैं। वही इसके खिलाफ कई फरियादी थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज करा रहे हैं। पुलिस को आशंका है कि आने वाले दिनों में संजय कालरा के खिलाफ दर्ज मामलों की संख्या और बढ़ सकती है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और अन्य संभावित ठिकानों की भी जांच की जा रही है।

फर्स्ट ईयर की छात्रा ने फांसी लगाकर की आत्महत्या

इंदौर के एमजी रोड थाना क्षेत्र स्थित डीआरपी लाइन स्थित पुलिस के शासकीय आवास में रहने वाली एक फर्स्ट ईयर की छात्रा द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। छात्रा अपने चाचा के घर रहकर पढ़ाई कर रही थी। जिसमें बुधवार देर रात वह अपने कमरे में मृत पाई गई। परिवार को जब घटना का पता चला तो तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। 

दरअसल, अपने चाचा के घर रहकर फस्ट इयर की पढ़ाई कर रही दुर्गा कनोजे ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। दुर्गा इंदौर की डीआरपी लाइन में प्रधान आरक्षक के पर पर पदस्थ अपने चाचा के सरकारी क्वाटर में ही रहती थी। दुर्गा कल ही गांव से एक कार्यक्रम में शामिल होकर लौटी थी और कमरे में जाकर दरवाजा बंद कर लिया था। वही जब चाचा के बच्चों ने दरवाजा खटखटाया तो दुर्गा ने दरवाजा नहीं खोला, जिसके बाद उन्होंने अपने पुलिस लाइन में पदस्थ पिता को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंचे परिजनों ने दरवाजा तोड़ा, तब को दुर्गा फांसी के फंदे पर लटकी मिली। जिसके बाद एफएसएल टीम ने कमरे का मुआयना किया, लेकिन प्राथमिक जांच में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, जिससे आत्महत्या के कारणों पर अभी भी रहस्य बना हुआ है।

फिलहाल, एमजी रोड थाना पुलिस ने शव को एमवाय हॉस्पिटल भेजकर पीएम करवाया है। वहीं, परिजन भी कारणों को लेकर किसी तरह की पुष्टि नहीं कर पा रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने युवती की गतिविधियों, मोबाइल फोन व सोशल मीडिया चैट्स की भी जांच शुरू कर दी है। अब पीएम रिपोर्ट और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि छात्रा ने आत्मघाती कदम क्यों उठाया। 

कुएं में मिला बच्चे का शव, दोस्तों के साथ गया था खेलने

इंदौर में रेडिशन होटल के पासस्थित मंदिर के पास बने एक कुएं में 15 वर्षीय बालक का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। बच्चा अपने दोस्तों के साथ खेलने गया हुआ था और उसके बाद हुए में शव मिलने की सूचना मिली। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर पूरे मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।

पूरा मामला इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र का है। जहां पुलिस को सूचना मिली थी कि ये कुएं में किसी बालक का शव पड़ी है। जिसके बाद मौक़े पर पहुंची पुलिस ने एनडीआरएफ की टीम की मदद से बच्चे के शव को कुएं से बाहर निकाला।

बच्चे की पहचान समीर राठौर के रूप में हुई, जो खजराना थाना क्षेत्र के पटेल नगर का निवासी है। बच्चा अपने नाबालिग दोस्तों के साथ घूमने फिरने गया हुआ था और उसके बाद पुलिस को सूचना मिली कि उसका शव कुंए में पड़ा है। जिस पर पुलिस ने शवों को निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया। 

ट्रेनिंग सेंटर में पदस्थ प्रधान आरक्षक की पत्नी ने लगाई फांसी

इंदौर के आजाद नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में पदस्थ प्रधान आरक्षक की पत्नी ने सोमवार सुबह शासकीय आवास में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, जिसका शव पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया है, फिलहाल आत्महत्या का कारण सामने नहीं आया है।

इंदौर में पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में प्रधान आरक्षक के रूप में पदस्थ शैलेंद्र सिंह जादौन की पत्नी स्नेहा जादौन सोमवार अल सुबह इंदौर के पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में मिले सरकारी क्वार्टर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जिस वक्त महिला ने फांसी लगे उसे वक्त शैलेंद्र सिंह पुलिस कर्मचारियों को योगा सिखाने गए हुए थे।

इस दौरान स्नेहा के ससुर ने जब उसे फोन लगाया तो उसने फोन नहीं उठाया। इसके बाद उन्होंने शैलेंद्र से संपर्क किया शैलेंद्र ने क्वाटर  पर पहुंचकर देखा तो स्नेहा फांसी पर लटकी हुई थी। फिलहाल मुतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए एम वाय अस्पताल भेजा गया है और मामले की जांच की जा रही है।