अमेरिका का ईरान पर बड़ा हमला, 10 से ज्यादा शहरों पर एयर स्ट्राइक; ट्रम्प बोले- अब हमारी बारी
अमेरिका ने ईरान के 10 से ज्यादा शहरों और सैन्य ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की। ईरानी मीडिया के मुताबिक हमले में 2 साल के बच्चे और उसके माता-पिता की मौत हुई। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा, "अब हमारी बारी है।"
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान के 10 से ज्यादा शहरों और कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। ईरानी मीडिया के अनुसार इन हमलों में कुछ रिहायशी इलाके भी प्रभावित हुए, जहां एक दो साल के बच्चे और उसके माता-पिता की मौत हो गई। हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा, "अब हमारी बारी है।" उनके इस बयान ने दोनों देशों के बीच टकराव को लेकर नई चिंता बढ़ा दी है।
एक साथ कई शहरों पर हुई कार्रवाई
रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने अलग-अलग समय पर ईरान के कई सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया। बताया जा रहा है कि हमले उन स्थानों पर किए गए जहां मिसाइल और ड्रोन गतिविधियों से जुड़ी सैन्य मौजूदगी होने की आशंका थी। हमले के बाद कई इलाकों में धमाकों की आवाजें सुनी गईं और सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया।
नागरिक इलाकों को भी पहुंचा नुकसान
ईरानी मीडिया का दावा है कि कुछ मिसाइलें रिहायशी इलाकों के पास भी गिरीं, जिससे आम नागरिक प्रभावित हुए। शुरुआती जानकारी के अनुसार एक दो साल के मासूम बच्चे और उसके माता-पिता की जान चली गई। स्थानीय प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है, जबकि प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
ट्रम्प का कड़ा संदेश
हमले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका अपने नागरिकों और सैन्य ठिकानों पर किसी भी खतरे का जवाब देने में पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा, "अब हमारी बारी है," जिससे साफ संकेत मिला कि अमेरिका अपनी सुरक्षा से जुड़े मामलों में आक्रामक रुख बनाए रखेगा।
मध्य पूर्व में बढ़ सकता है तनाव
अमेरिकी कार्रवाई के बाद पूरे मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान जवाबी कार्रवाई करता है तो क्षेत्र में हालात और गंभीर हो सकते हैं। इस बीच कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान निकालने की अपील की है।
दुनिया की नजर अगले कदम पर
फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस बात पर टिकी है कि ईरान इस हमले पर क्या प्रतिक्रिया देता है। यदि दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई का सिलसिला जारी रहता है तो इसका असर वैश्विक सुरक्षा, तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है।
Anubhav Dubey 
