Bangladesh के राष्ट्रपति Mohammad Shahabuddin का इस्तीफा, Sheikh Hasina से बातचीत की जानकारी लीक का दावा
Sheikh Hasina से बातचीत के विवाद के बीच Bangladesh के राष्ट्रपति Mohammad Shahabuddin का इस्तीफा। स्वास्थ्य कारणों का दिया हवाला, बोले- मैं बीमार हूं, कई बार बेहोश हो जाता हूं। 90 दिनों में होगा नए राष्ट्रपति का चुनाव, तब तक Hafiz Uddin Ahmed संभालेंगे कार्यवाहक जिम्मेदारी।
Bangladesh के राष्ट्रपति Mohammad Shahabuddin ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा संसद के स्पीकर Hafiz Uddin Ahmed को सौंपा। Shahabuddin ने इस्तीफे की वजह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को बताया है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और किडनी संबंधी बीमारी से जूझ रहे हैं। इसके अलावा हाल ही में डॉक्टरों ने उन्हें ऑटोनॉमिक न्यूरोपैथी बीमारी होने की जानकारी दी, जिसके कारण उन्हें कई बार अचानक बेहोशी जैसी स्थिति का सामना करना पड़ता है।
Shahabuddin ने अपने इस्तीफे में कहा कि उनकी शारीरिक और मानसिक स्थिति अब ऐसी नहीं है कि वह राष्ट्रपति जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक पद की जिम्मेदारियों को पूरी तरह निभा सकें। उनके इस्तीफे के बाद Bangladesh की राजनीति में नई हलचल शुरू हो गई है।
Sheikh Hasina से संपर्क की खबरों के बाद बढ़ा विवाद
Shahabuddin का इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब Bangladesh में उनके पूर्व प्रधानमंत्री Sheikh Hasina से कथित बातचीत को लेकर विवाद चल रहा था। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, हाल ही में Shahabuddin ने Sheikh Hasina से संपर्क करने की कोशिश की थी। यह बातचीत कथित तौर पर उनकी लंदन यात्रा के दौरान हुई थी।

रिपोर्टों के अनुसार, Shahabuddin इलाज के लिए 9 मई को London गए थे और 18 मई को Dhaka लौटे थे। इसी दौरान उनके Sheikh Hasina से फोन पर बातचीत करने की खबरें सामने आईं। इसके बाद Bangladesh Nationalist Party (BNP) के नेताओं ने इस मामले को गंभीर बताते हुए राष्ट्रपति की भूमिका पर सवाल उठाए।
कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को इस बात पर आपत्ति थी कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में Shahabuddin का Sheikh Hasina से संपर्क करना उचित नहीं माना जा रहा था।
Sheikh Hasina की वापसी के बयान के बाद बढ़ा दबाव
Shahabuddin का इस्तीफा उस समय आया है, जब पूर्व प्रधानमंत्री Sheikh Hasina ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा था कि वह India में अपने प्रवास को खत्म कर Bangladesh लौटेंगी और अदालत में चल रहे मामलों का सामना करेंगी।

Sheikh Hasina के इस बयान के बाद Bangladesh में राजनीतिक माहौल और ज्यादा संवेदनशील हो गया। BNP नेताओं का आरोप था कि अगर Sheikh Hasina की वापसी के समय Shahabuddin राष्ट्रपति पद पर बने रहते, तो वह संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल कर उनकी मदद कर सकते थे या किसी फैसले को प्रभावित करने की कोशिश कर सकते थे। हालांकि, इन आरोपों पर Shahabuddin की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
जुलाई-अगस्त 2024 के आंदोलन के बाद भी पद पर बने रहे थे Shahabuddin
Mohammad Shahabuddin ने अप्रैल 2023 में Bangladesh के राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी। जुलाई-अगस्त 2024 में हुए बड़े छात्र आंदोलन के बाद Sheikh Hasina की Awami League सरकार सत्ता से बाहर हो गई थी और Sheikh Hasina को देश छोड़ना पड़ा था।
उस राजनीतिक बदलाव के बाद Shahabuddin ही Awami League शासनकाल के प्रमुख संवैधानिक पदाधिकारियों में से एक थे, जो अपने पद पर बने हुए थे। उनके इस्तीफे के बाद अब देश में नए राष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी।

Hafiz Uddin Ahmed संभालेंगे कार्यवाहक राष्ट्रपति की जिम्मेदारी
Bangladesh के संविधान के अनुच्छेद 54 के अनुसार, नए राष्ट्रपति के चुने जाने तक संसद के स्पीकर Hafiz Uddin Ahmed कार्यवाहक राष्ट्रपति की जिम्मेदारी निभाएंगे। संवैधानिक नियमों के मुताबिक, संसद को 90 दिनों के भीतर नए राष्ट्रपति का चुनाव करना होगा। नया राष्ट्रपति Shahabuddin के बाकी कार्यकाल को पूरा करेगा, जो अप्रैल 2028 तक निर्धारित था।
इलाज के लिए Thailand गए थे Hafiz Uddin Ahmed
इस्तीफे के समय Hafiz Uddin Ahmed Thailand की राजधानी Bangkok में इलाज के लिए गए हुए थे। उनकी वापसी रविवार को तय थी, लेकिन उन्होंने अपना दौरा बीच में ही खत्म कर दिया और Dhaka लौट आए।
Dhaka एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में Hafiz Uddin Ahmed ने कहा कि विदेश में होने के कारण उन्हें राष्ट्रपति के इस्तीफे के फैसले की पहले जानकारी नहीं थी। अब उनके कार्यवाहक राष्ट्रपति बनने के बाद Bangladesh की राजनीति में आगे की दिशा को लेकर सभी की नजरें संसद और राजनीतिक दलों के फैसलों पर रहेंगी।
Varsha Shrivastava 
