Jhandu Kumar ने दिलाया भारत को पहला पदक, Tulika Maan के बाहर होने से बढ़ी चुनौती
Commonwealth Games 2026 में झंडू कुमार ने भारत का पहला पदक जीता. तुलिका मान प्रतियोगिता से बाहर हो गईं. जानिए भारतीय खिलाड़ियों का पूरा प्रदर्शन.
ग्लासगो में आयोजित Commonwealth Games 2026 में भारत का अभियान अब रफ्तार पकड़ने लगा है. शुरुआती मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों ने अलग-अलग स्पर्धाओं में अपनी चुनौती पेश की. कुछ खिलाड़ी पोडियम तक पहुंचने में सफल रहे, जबकि कई प्रतिभागी पदक के बेहद करीब पहुंचकर भी चूक गए. इसी बीच जूडो से आई एक खबर ने भारतीय दल को बड़ा झटका दिया, जब अनुभवी खिलाड़ी तुलिका मान प्रतियोगिता से बाहर हो गईं. कुल मिलाकर शुरुआती दौर में भारत का प्रदर्शन उम्मीद, संघर्ष और चुनौतियों का मिश्रण रहा है.
झंडू कुमार ने दिलाया भारत को पहला पदक
भारत के लिए सबसे बड़ी सफलता पैरा पावरलिफ्टिंग से आई. पुरुषों के हेवीवेट वर्ग में झंडू कुमार ने शानदार ताकत और तकनीक का प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया. उनके इस प्रदर्शन के साथ ही भारत का मेडल खाता खुल गया. प्रतियोगिता के शुरुआती दिनों में पूरे भारतीय दल की निगाहें पहले पदक पर टिकी थीं और झंडू कुमार ने उस इंतजार को खत्म कर दिया. उनकी जीत ने भारतीय खिलाड़ियों में नया उत्साह भर दिया है.
मेहनत और संघर्ष से लिखी सफलता की कहानी
झंडू कुमार की उपलब्धि केवल खेल तक सीमित नहीं है. उनका सफर कठिन परिस्थितियों से शुरू होकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचा है. सीमित संसाधनों में लगातार अभ्यास, अनुशासन और आत्मविश्वास के दम पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया. यही वजह है कि उनकी जीत को सिर्फ एक कांस्य पदक नहीं, बल्कि संघर्ष की जीत भी माना जा रहा है.
अशोक कुमार मलिक पदक से मामूली अंतर से चूके
पुरुषों की लाइटवेट पैरा पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में भारत के अशोक कुमार मलिक ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया. उन्होंने पूरे मुकाबले में मजबूत चुनौती दी और अंत तक पदक की दौड़ में बने रहे. हालांकि अंतिम परिणाम में वह चौथे स्थान पर रहे. भले ही वह पदक नहीं जीत सके, लेकिन उनका प्रदर्शन भारतीय दल के लिए सकारात्मक संकेत लेकर आया.
परमजीत कुमार ने हासिल किया महत्वपूर्ण अनुभव
इसी वर्ग में भारत के परमजीत कुमार ने भी चुनौती पेश की. प्रतिस्पर्धा काफी कठिन रही, जिसके चलते वह सातवें स्थान पर रहे. हालांकि उन्होंने पूरे मुकाबले में अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की. यह अनुभव भविष्य की बड़ी प्रतियोगिताओं में उनके लिए उपयोगी साबित हो सकता है.
सुधीर ने भी दिखाया दम
पुरुषों के हेवीवेट वर्ग में भारत के सुधीर भी मैदान में उतरे. उन्होंने पूरी कोशिश की, लेकिन कड़े मुकाबले के बीच वह छठे स्थान पर रहे. इस स्पर्धा में भारत के लिए पदक जीतने का काम झंडू कुमार ने किया, जबकि सुधीर का प्रदर्शन भी टीम के लिए सकारात्मक माना गया.
महिला वर्ग में जसप्रीत कौर की चुनौती
महिला पैरा पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में जसप्रीत कौर ने भारत का प्रतिनिधित्व किया. उन्होंने मजबूत प्रतिस्पर्धियों के बीच पूरे आत्मविश्वास के साथ मुकाबला खेला. हालांकि वह पदक तक नहीं पहुंच सकीं और छठे स्थान पर रहीं. इसके बावजूद उनका प्रदर्शन भारतीय महिला पैरा खिलाड़ियों की बढ़ती क्षमता को दर्शाता है.
सुमन देवी ने भी किया भारत का प्रतिनिधित्व
महिला वर्ग में सुमन देवी ने भी अपनी चुनौती पेश की. मुकाबला काफी कठिन रहा और उन्हें सातवें स्थान से संतोष करना पड़ा. भले ही वह पोडियम तक नहीं पहुंच सकीं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.
तुलिका मान के बाहर होने से भारत को लगा बड़ा झटका
भारतीय दल की सबसे निराशाजनक खबर जूडो से आई. बर्मिंघम 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीतने वाली तुलिका मान इस बार ग्लासगो में हिस्सा नहीं ले सकीं. 'वेयरअबाउट्स' नियम से जुड़े मामले में राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (NADA) की कार्रवाई के बाद उन्हें प्रतियोगिता से बाहर होना पड़ा. तुलिका भारत की प्रमुख पदक दावेदारों में शामिल थीं. ऐसे में उनके बाहर होने से जूडो में भारत की संभावनाओं को बड़ा नुकसान पहुंचा है.
आगे बढ़ीं भारत की उम्मीदें
भारत का पदक अभियान अब शुरू हो चुका है. आने वाले दिनों में मुक्केबाजी, बैडमिंटन, तैराकी, जिम्नास्टिक्स और कई अन्य खेलों में भारतीय खिलाड़ी चुनौती पेश करेंगे. शुरुआती प्रदर्शन ने यह संकेत जरूर दिया है कि भारतीय दल के पास और पदक जीतने की क्षमता मौजूद है. खेल प्रेमियों की निगाहें अब अगले मुकाबलों पर टिकी हैं, जहां भारत अपने पदकों की संख्या बढ़ाने की कोशिश करेगा.
Anubhav Dubey 


