UP राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष बने मोहसिन रजा, कैबिनेट रैंक का दर्जा भी मिलेगा

minority commission new chief : उत्तर प्रदेश में मोहसिन रजा को नई जिम्मेदारी मिली है। उन्हें राज्य अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है। उन्हें कैबिनेट रैंक का दर्जा भी मिलेगा। इससे पहले रजा योगी सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ और हज विभाग में राज्य मंत्री रह चुके हैं।

UP राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष बने मोहसिन रजा, कैबिनेट रैंक का दर्जा भी मिलेगा

minority commission new chief : उत्तर प्रदेश की राजनीति में बीजेपी नेता मोहसिन रजा को एक अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें उत्तर प्रदेश राज्य अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें कैबिनेट मंत्री स्तर का दर्जा भी दिया जाएगा। रजा इससे पहले योगी आदित्यनाथ सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ और हज से जुड़े विभागों में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

मोहसिन रजा लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए हैं। वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था। वह उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य भी रह चुके हैं।

वक्फ संपत्तियों का मुद्दा उठाकर आए थे चर्चा में

नई जिम्मेदारी मिलने से पहले मोहसिन रजा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। 12 अगस्त को हुई इस बैठक में उन्होंने प्रदेश में वक्फ संपत्तियों से जुड़े मामलों और कथित अनियमितताओं का मुद्दा मुख्यमंत्री के सामने रखा था। रजा ने उत्तर प्रदेश के दोनों वक्फ बोर्ड से संबंधित संपत्तियों की जिला स्तर पर SIT जांच कराने की मांग की थी। इसके अलावा उन्होंने वक्फ संपत्तियों के रिकॉर्ड को लेकर विशेष ऑडिट की आवश्यकता भी बताई थी।

रजा का कहना है कि पहले उत्तर प्रदेश में दो लाख से अधिक वक्फ संपत्तियां पंजीकृत थीं, लेकिन वर्तमान में यह संख्या घटकर करीब 1.27 लाख रह गई है। उन्होंने पिछली सरकारों के कार्यकाल में वक्फ बोर्ड के पर्याप्त ऑडिट नहीं होने का आरोप लगाते हुए दावा किया था कि 70 हजार से ज्यादा संपत्तियां रिकॉर्ड से बाहर हो गईं या उन पर कथित तौर पर अवैध कब्जा हो गया। हालांकि, इन दावों की वास्तविकता सामने लाने के लिए आधिकारिक जांच जरूरी होगी। फिलहाल ये आरोप जांच का विषय हैं।

क्रिकेट से राजनीति तक का सफर

मोहसिन रजा का करियर राजनीति तक ही सीमित नहीं रहा है। वह क्रिकेट से भी जुड़े रहे हैं और रणजी ट्रॉफी में उत्तर प्रदेश की ओर से खेल चुके हैं। इसके अलावा उनका मॉडलिंग और अभिनय से भी जुड़ाव रहा है। वर्ष 1995 में उन्हें 'प्रिंस लखनऊ' के खिताब से नवाजा गया था।

राजनीतिक सफर की बात करें तो रजा ने 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी की सदस्यता ली थी। पार्टी में सक्रिय भूमिका निभाने के बाद उन्हें प्रवक्ता की जिम्मेदारी भी मिली। 2017 में योगी सरकार के गठन के बाद उन्हें मंत्री बनाया गया।

अगस्त 2019 में उन्हें अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ और हज से संबंधित विभागों की जिम्मेदारी दी गई थी। अब राज्य अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष बनाए जाने और कैबिनेट रैंक मिलने के बाद उनकी नई भूमिका को योगी सरकार की ओर से महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के तौर पर देखा जा रहा है।